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श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
Tue, 04 Jun 2019 12:26 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Tue, 04 Jun 2019 12:26 AM IST
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बिजनौर में गंगा बैराज पर सोमवती अमावस्या पर स्नान करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा बैराज पर आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। गंगा में स्नान करने के बाद भक्तों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सूर्यदेव को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान सुहागिनों ने अपने घरों पर वट सावित्री की पूजा कर पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखे। इसके बाद बायना निकालकर बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया।
सोमवार को सुबह से ही गंगा बैराज पर श्रद्धालुओं का आवागमन शुरु हो गया था। लोग जाम की स्थिति से बचने के लिए सुबह अपने घरों से निकले। लेकिन फिर भी लोगों को काफी देर तक जाम की स्थिति से दो चार होना पड़ा। सुबह से ही गंगा तट पर हर हर गंगे के जयघोष गूंजने लगे थे। लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर गंगा मैया की पूजा-अर्चना की। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य देकर पंडितों को दान दक्षिणा दी। श्रद्धालुओं ने गंगा तट और अपने घरों से उड़द, चावल, गुड़, आटा, वस्त्र आदि दान करते हुए श्रद्धानुसार दक्षिणा दी। मान्यता है कि प्रत्येक मास की अमावस्या पर गंगा स्नान कर दान आदि करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। यदि अमावस्या सोमवती हो तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दौरान सुहागिनों ने अपने घरों पर ही पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखे। सुहागिनों में व्रत को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया। महिलाएं इस दिन वट की चारों ओर परिक्रमा कर वट वृक्ष में रक्षा सूत्र बांधकर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख समृद्धि की कामना करती हैं। सुहागिनों ने विधि विधान से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इसके बाद बायना निकालकर अपने बुजुर्गों को दिया। उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
भागूवाला/नजीबाबाद में सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भागूवाला बॉर्डर पर भारी वाहनों का आवागमन प्रशासन ने रोक दिया। उत्तराखंड बॉर्डर पर भारी वाहनों का आवागमन रोके जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
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हरिद्वार में सोमवती अमावस्या को स्नान पर जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भागूवाला बॉर्डर पर सोमवार की प्रात: से ही उत्तराखंड पुलिस प्रशासन ने भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया। भागूवाला में कोटावाली बॉर्डर पर भारी वाहनों का आवागमन रोकते ही कई-कई किलोमीटर लंबी भारी वाहनों की लाइन लग गई। हरिद्वार-नजीबाबाद के बीच छोटे वाहनों का ट्रैफिक वन वे किए जाने से दिनभर रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनती रही। उत्तराखंड स्थित श्यामपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों को रोका गया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही श्रद्धालुओं की भीड़ कम होगी तत्काल प्रभाव से भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया जाएगा। वाहनों का आवागमन रोकने और छोटे वाहनों का आवागमन वनवे किए जाने से नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर लंबी दूरी के वाहन घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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सोमवार को सुबह से ही गंगा बैराज पर श्रद्धालुओं का आवागमन शुरु हो गया था। लोग जाम की स्थिति से बचने के लिए सुबह अपने घरों से निकले। लेकिन फिर भी लोगों को काफी देर तक जाम की स्थिति से दो चार होना पड़ा। सुबह से ही गंगा तट पर हर हर गंगे के जयघोष गूंजने लगे थे। लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर गंगा मैया की पूजा-अर्चना की। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य देकर पंडितों को दान दक्षिणा दी। श्रद्धालुओं ने गंगा तट और अपने घरों से उड़द, चावल, गुड़, आटा, वस्त्र आदि दान करते हुए श्रद्धानुसार दक्षिणा दी। मान्यता है कि प्रत्येक मास की अमावस्या पर गंगा स्नान कर दान आदि करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। यदि अमावस्या सोमवती हो तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दौरान सुहागिनों ने अपने घरों पर ही पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखे। सुहागिनों में व्रत को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया। महिलाएं इस दिन वट की चारों ओर परिक्रमा कर वट वृक्ष में रक्षा सूत्र बांधकर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख समृद्धि की कामना करती हैं। सुहागिनों ने विधि विधान से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इसके बाद बायना निकालकर अपने बुजुर्गों को दिया। उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
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भागूवाला/नजीबाबाद में सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भागूवाला बॉर्डर पर भारी वाहनों का आवागमन प्रशासन ने रोक दिया। उत्तराखंड बॉर्डर पर भारी वाहनों का आवागमन रोके जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
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हरिद्वार में सोमवती अमावस्या को स्नान पर जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भागूवाला बॉर्डर पर सोमवार की प्रात: से ही उत्तराखंड पुलिस प्रशासन ने भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया। भागूवाला में कोटावाली बॉर्डर पर भारी वाहनों का आवागमन रोकते ही कई-कई किलोमीटर लंबी भारी वाहनों की लाइन लग गई। हरिद्वार-नजीबाबाद के बीच छोटे वाहनों का ट्रैफिक वन वे किए जाने से दिनभर रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनती रही। उत्तराखंड स्थित श्यामपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों को रोका गया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही श्रद्धालुओं की भीड़ कम होगी तत्काल प्रभाव से भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया जाएगा। वाहनों का आवागमन रोकने और छोटे वाहनों का आवागमन वनवे किए जाने से नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर लंबी दूरी के वाहन घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।