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आंगनबाड़ी सेंटरों पर नहीं मिल रहा देसी घी और दुग्ध पाउडर

Wed, 22 Sep 2021 11:47 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 11:47 PM IST
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Desi ghee and milk powder is not available at Anganwadi centers
धामपुर। आंगनबाड़ी सेंटरों पर पंजीकृत लाभार्थियों को कुपोषण को दूर करने को अब खाने के लिए देसी घी और पौष्टिक आहार के रूप में पीने के लिए दुग्ध (सूखा पाउडर) नहीं मिल रहा है। सरकार की ओर से एक बार जरूर दूध, घी की आपूर्ति हुई लेकिन वह भी अप्रैल में। अब देसी घी के स्थान पर सोयाबीन का तेल और चने की दाल उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि प्रभारी सीडीपीओ हेमलता सैनी का कहना है कि पंजीकृत लाभार्थियों के हिसाब से कम आपूर्ति होने से वितरण में दिक्कत आ रही है। शिकायत करने के बाद भी कहीं कोई सुनवाई नहीं है।
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धामपुर तहसील क्षेत्र में नहटौर ब्लाक धामपुर, अफजलगढ़, स्योहारा व नहटौर शामिल है। धामपुर ब्लाक में 305 आंगनबाड़ी सेंटरों में 299 सेंटर संचालित हो रहे है। इन सभी सेंटरों पर तीन साल से छह साल तक साढे़ पांच हजार बच्चे, सात माह से तीन साल तक के 15 हजार बच्चे और 5600 गर्भवती धात्री महिलाएं शामिल है। 2020 में इन सभी को पोषाहर के रूप में सत्तू का वितरण होता था जिसे सरकार ने जनवरी 2021 से इसे बंद कर दिया। सेंटरों के लाभार्थियों के लिए देसी घी, चने की दाल, सोयाबीन का तेल और दुग्ध पाउडर की व्यवस्था शुरू की थी। लेकिन अप्रैल में देसी घी और सूखे दूध के वितरण की व्यवस्था एक बार बाद बंद कर दी गई।
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केवल एक बार हुई देसी घी और सूखे दूूध की आपूर्ति
प्रभारी सीडीपीओ हेमलता सैनी ने बताया कि सरकार की ओर से केवल एक बार देसी घी के आधा किग्रा वाले 19505 पैकेट, 900 ग्राम वाले 693 पैकेट, 400 ग्राम वाले 16639 सूखे दूूध के पैकेट, 750 ग्राम वाले 6382 पैकेटों की आपूर्ति हुई थी। इसके बाद फिर अब तक नहीं हुई।
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यह सामग्री आ रही है प्रति माह
अधिकारियों ने बताया कि हर माह सोयाबीन तेल के आधा किग्रा के 20426 पैकेट, चने की दाल के आधा किग्रा के 2568 व एक किलो वजन की दाल के 20800 पैकिंग दाल की आपूर्ति हो रही है। लेकिन यह आपूर्ति पंजीकृत लाभार्थियों के हिसाब से कम है।

सेंटरों पर यह हो रहा है वितरण
अधिकारियों ने बताया कि सात माह से तीन साल व गर्भवती धात्री महिला लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी प्रति माह में एक किग्रा चना दाल, आधा किलो सोयाबीन का तेल, तीन से सात साल तक के लाभार्थियों को प्रति माह आधा किग्रा चने की दाल और आधा किलो का सोयाबीन तेल का वितरण किया जा रहा है। (संवाद)
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