{"_id":"5ebecb4e8ebc3e90310659fb","slug":"dengue-can-be-defeated-only-by-awareness-bijnor-news-mrt4819336132","type":"story","status":"publish","title_hn":"जागरुकता से ही डेंगू को दी जा सकती है मात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जागरुकता से ही डेंगू को दी जा सकती है मात
विज्ञापन
जागरूकता से ही डेंगू को दी जा सकती है मात
बिजनौर। कोरोना के साथ मच्छर जनित रोगों से जागरूक होकर ही लड़ा जा सकता है। क्वारंटीन स्थलों एवं शेल्टर होम के आसपास सफाई के साथ-साथ पानी एकत्रित नहीं होने पाए। इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोरोना वायरस की साथ डेंगू के प्रसार को भी रोका जा सके।
डेंगू एडीज एजिप्टाई रोग वाहक मच्छर के द्वारा फैलता है। इस रोग का प्रसार अधिकतर जुलाई से नवंबर माह के मध्य तक होता है। यह मच्छर घर के अंदर व उसके आसपास के स्थानों पर रहता है, वहीं पर पलता है तथा केवल दिन के समय में ही काटता है। डेंगू बुखार का वायरस इन मच्छरों द्वारा एक प्रभावित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में तेजी से प्रसार करता है। सामान्य से गंभीर रूप में रोगी को प्रभावित करता है और रोगी के शरीर पर बुखार के साथ साथ लाल दाने निकल आते हैं। जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण ने बताया कि कोरोना के साथ-साथ डेंगू बुखार की रोकथाम एवं निवारण में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाएगा।
वर्तमान में कोरोना को देखते हुए कोई विशेष कार्यक्रम अथवा गोष्ठी का आयोजन नहीं किया जा रहा है, लेकिन लोगों को पंचायत राज विभाग के माध्यम से बचाव हेतु जागरूक किया जाएगा। आम जन मानस से गंदे पानी की निकासी एवं साफ सफाई के लिए प्रेरित किया जाएगा। जब तक हम स्वयं सजग नहीं होंगे तब तक मच्छर कम नहीं होंगे। मच्छरों की अधिक वेक्टर डेंसिटी वाले किसी भी क्षेत्र में अचानक बुखार फैलने पर रोगी संभावित डेंगू बुखार का हो सकता है। प्रारंभिक लक्षण तथा परीक्षण जांच के आधार पर डेंगू के संभावित रोगियों की पहचान की जाती है। दो से सात दिनों की अवधि के तीव्र ज्वर के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, बदन दर्द, शरीर पर महीन दाने एवं खराश होने पर रोगी संदेहात्मक श्रेणी में होता है।
विज्ञापन
जिले में कराया जा रहा कीटनाशक का छिड़काव
संभावित डेंगू ज्वर के मरीज को बुखार उतारने के लिए पैरासिटामोल व तरल पदार्थ का सेवन कराने का परामर्श दिया जाता है। जिले की 12 नगर पालिका परिषद व छह नगर पंचायत क्षेत्रों के अंतर्गत मच्छरों की वृद्धि को रोकने के लिए कीटनाशक फागिंग कराई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रो के अंतर्गत जिला पंचायत राज विभाग द्वारा तैनात सफाई कर्मचारियों द्वारा नालियों के अंतर्गत लार्वा साइड का छिड़काव कराया जा रहा है। विभाग पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक उपलब्ध है। उन्होने बताया कि जिले में वर्ष 2016 में 16, वर्ष 2017 में 30, वर्ष 2018 में कुल दो, वर्ष 2019 में 22 डेंगू पॉजिटिव रोगी पाए गए। जबकि वर्ष 2020 में अभी तक कोई रोगी प्रकाश में नहीं आया है।
विज्ञापन
बिजनौर। कोरोना के साथ मच्छर जनित रोगों से जागरूक होकर ही लड़ा जा सकता है। क्वारंटीन स्थलों एवं शेल्टर होम के आसपास सफाई के साथ-साथ पानी एकत्रित नहीं होने पाए। इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोरोना वायरस की साथ डेंगू के प्रसार को भी रोका जा सके।
डेंगू एडीज एजिप्टाई रोग वाहक मच्छर के द्वारा फैलता है। इस रोग का प्रसार अधिकतर जुलाई से नवंबर माह के मध्य तक होता है। यह मच्छर घर के अंदर व उसके आसपास के स्थानों पर रहता है, वहीं पर पलता है तथा केवल दिन के समय में ही काटता है। डेंगू बुखार का वायरस इन मच्छरों द्वारा एक प्रभावित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में तेजी से प्रसार करता है। सामान्य से गंभीर रूप में रोगी को प्रभावित करता है और रोगी के शरीर पर बुखार के साथ साथ लाल दाने निकल आते हैं। जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण ने बताया कि कोरोना के साथ-साथ डेंगू बुखार की रोकथाम एवं निवारण में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाएगा।
विज्ञापन
वर्तमान में कोरोना को देखते हुए कोई विशेष कार्यक्रम अथवा गोष्ठी का आयोजन नहीं किया जा रहा है, लेकिन लोगों को पंचायत राज विभाग के माध्यम से बचाव हेतु जागरूक किया जाएगा। आम जन मानस से गंदे पानी की निकासी एवं साफ सफाई के लिए प्रेरित किया जाएगा। जब तक हम स्वयं सजग नहीं होंगे तब तक मच्छर कम नहीं होंगे। मच्छरों की अधिक वेक्टर डेंसिटी वाले किसी भी क्षेत्र में अचानक बुखार फैलने पर रोगी संभावित डेंगू बुखार का हो सकता है। प्रारंभिक लक्षण तथा परीक्षण जांच के आधार पर डेंगू के संभावित रोगियों की पहचान की जाती है। दो से सात दिनों की अवधि के तीव्र ज्वर के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, बदन दर्द, शरीर पर महीन दाने एवं खराश होने पर रोगी संदेहात्मक श्रेणी में होता है।
विज्ञापन
जिले में कराया जा रहा कीटनाशक का छिड़काव
संभावित डेंगू ज्वर के मरीज को बुखार उतारने के लिए पैरासिटामोल व तरल पदार्थ का सेवन कराने का परामर्श दिया जाता है। जिले की 12 नगर पालिका परिषद व छह नगर पंचायत क्षेत्रों के अंतर्गत मच्छरों की वृद्धि को रोकने के लिए कीटनाशक फागिंग कराई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रो के अंतर्गत जिला पंचायत राज विभाग द्वारा तैनात सफाई कर्मचारियों द्वारा नालियों के अंतर्गत लार्वा साइड का छिड़काव कराया जा रहा है। विभाग पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक उपलब्ध है। उन्होने बताया कि जिले में वर्ष 2016 में 16, वर्ष 2017 में 30, वर्ष 2018 में कुल दो, वर्ष 2019 में 22 डेंगू पॉजिटिव रोगी पाए गए। जबकि वर्ष 2020 में अभी तक कोई रोगी प्रकाश में नहीं आया है।