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वेतन, पेंशन न मिलने पर किया प्रदर्शन
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वेतन, पेंशन न मिलने पर किया प्रदर्शन
बिजनौर। उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के बैनर तले पांच माह से वेतन व पेंशन न मिलने पर आक्रोशित कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देकर बकाया वेतन दिलाने की मांग की।
कर्मचारी व पेंशनर जल निगम कार्यालय में एकत्र होकर प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में बताया कि जल निगम एक जिम्मेदार कार्यदायी संस्था है। उसके महत्वपूर्ण कार्यों को अब लघु सिंचाई विभाग, प्रोजेक्ट कारपोरेशन आदि को आवंटित करने पर विरोध जताया गया। बताया कि राज्य मुकदमा नीति के विपरीत उत्तर प्रदेश जल निगम के कार्मिकों के देयकों से संबंधित 1100 से अधिक वाद चल रहे हैं। इनसे कार्मिक व पेंशनर प्रभावित हैं। जल निगम द्वारा कराए गए कार्यों के 2100 करोड़ रुपये शासन पर बकाया हैं। शासन द्वारा विभाग को धनराशि अवमुक्त न करने से कार्मिकों व पेंशनरों का पांच माह से वेतन व पेंशन नहीं मिली है। सातवें वेतनमान का लाभ भी नहीं दिया गया है। कार्रवाई न होने पर 16 से 22 फरवरी तक जिल निगम कार्यालय पर क्रमिक अनशन व प्रदर्शन करने, 23 फरवरी से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान जिला संयोजक मोहित विक्रम सिंह, सहसंयोजक अमीर हैदर जैदी, भरत सिंह, कुलदीप सिंह, लोकेंद्र सिंह, शुभम सक्सेना, दर्शनलाल, आरिफ रजा, जगदीश प्रसाद, अनुराधा, सुंदरी आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के बैनर तले पांच माह से वेतन व पेंशन न मिलने पर आक्रोशित कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देकर बकाया वेतन दिलाने की मांग की।
कर्मचारी व पेंशनर जल निगम कार्यालय में एकत्र होकर प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में बताया कि जल निगम एक जिम्मेदार कार्यदायी संस्था है। उसके महत्वपूर्ण कार्यों को अब लघु सिंचाई विभाग, प्रोजेक्ट कारपोरेशन आदि को आवंटित करने पर विरोध जताया गया। बताया कि राज्य मुकदमा नीति के विपरीत उत्तर प्रदेश जल निगम के कार्मिकों के देयकों से संबंधित 1100 से अधिक वाद चल रहे हैं। इनसे कार्मिक व पेंशनर प्रभावित हैं। जल निगम द्वारा कराए गए कार्यों के 2100 करोड़ रुपये शासन पर बकाया हैं। शासन द्वारा विभाग को धनराशि अवमुक्त न करने से कार्मिकों व पेंशनरों का पांच माह से वेतन व पेंशन नहीं मिली है। सातवें वेतनमान का लाभ भी नहीं दिया गया है। कार्रवाई न होने पर 16 से 22 फरवरी तक जिल निगम कार्यालय पर क्रमिक अनशन व प्रदर्शन करने, 23 फरवरी से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान जिला संयोजक मोहित विक्रम सिंह, सहसंयोजक अमीर हैदर जैदी, भरत सिंह, कुलदीप सिंह, लोकेंद्र सिंह, शुभम सक्सेना, दर्शनलाल, आरिफ रजा, जगदीश प्रसाद, अनुराधा, सुंदरी आदि मौजूद रहे।
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