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सूचना देने के नाम पर काटे जा रहे 10 रुपये
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सूचना देने के नाम पर काटे जा रहे 10 रुपये
बिजनौर, धामपुर। गन्ना विभाग की ओर से किसानों को घर बैठे मोबाइल पर गन्ने से संबंधित सभी प्रकार की सूचनाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके नाम पर प्रति किसान दस रुपये काटे जा रहे हैं। इसे लेकर किसानों में आक्रोश है। उन्होंने रुपये की कटौती बंद न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष हरिराज सिंह जाट ने बताया कि किसानों को घर बैठे सूचना उपलब्ध कराने का काम गन्ना विभाग का है। यदि गन्ना विभाग व्यवस्था के नाम पर किसानों के खातों से 10 रुपये की कटौती कर रहा है, तो यह गलत है। गन्ना समिति में करीब 60 हजार किसान धामपुर चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इसी साल गन्ना विभाग ने किसानों को यह सुविधा दी है। लेकिन सुविधा को शुरू करने से पहले यह नहीं बताया कि उनके खातों से 10 रुपये की कटौती होगी। पचास प्रतिशत से ज्यादा अभी भी ऐसे किसान हैं जिनके पास मोबाइल फोन नहीं है। लेकिन गन्ना विभाग ने सभी किसानों के खातों से कटौती करनी शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह भी किसानों ने इसके विरोध में समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार को ज्ञापन सौंपा था। लेकिन अभी तक कटौती बंद नहीं हुई। वहीं, गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार का कहना है कि गन्ना विभाग के अधिकारियों के आदेश पर कटौती की जा रही है।
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बिजनौर, धामपुर। गन्ना विभाग की ओर से किसानों को घर बैठे मोबाइल पर गन्ने से संबंधित सभी प्रकार की सूचनाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके नाम पर प्रति किसान दस रुपये काटे जा रहे हैं। इसे लेकर किसानों में आक्रोश है। उन्होंने रुपये की कटौती बंद न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष हरिराज सिंह जाट ने बताया कि किसानों को घर बैठे सूचना उपलब्ध कराने का काम गन्ना विभाग का है। यदि गन्ना विभाग व्यवस्था के नाम पर किसानों के खातों से 10 रुपये की कटौती कर रहा है, तो यह गलत है। गन्ना समिति में करीब 60 हजार किसान धामपुर चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इसी साल गन्ना विभाग ने किसानों को यह सुविधा दी है। लेकिन सुविधा को शुरू करने से पहले यह नहीं बताया कि उनके खातों से 10 रुपये की कटौती होगी। पचास प्रतिशत से ज्यादा अभी भी ऐसे किसान हैं जिनके पास मोबाइल फोन नहीं है। लेकिन गन्ना विभाग ने सभी किसानों के खातों से कटौती करनी शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह भी किसानों ने इसके विरोध में समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार को ज्ञापन सौंपा था। लेकिन अभी तक कटौती बंद नहीं हुई। वहीं, गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार का कहना है कि गन्ना विभाग के अधिकारियों के आदेश पर कटौती की जा रही है।
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