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ठंड के दस्तक देने के साथ गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी

Tue, 17 Nov 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 11:33 PM IST
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Demand for warm clothes increased with cold knock
ठंड की दस्तक के साथ गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी
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बिजनौर। हल्की बारिश के साथ ठंड के दस्तक देने से गरम कपड़ों की मांग एकाएक बढ़ गई है। बाजार में गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़-भाड़ दिखने लगी है। हालांकि गर्म कपड़ों के दामों में पिछले साल के मुकाबले कोई फर्क नहीं पड़ा है। जैकेट बनाने के कारोबार में जरूर 25 प्रतिशत गिरावट हुई है।
दीपावली के बाद अचानक हवा के साथ बूंदाबांदी होने से ठंडक बढ़ गई है। बाजार में भी गर्म कपड़ों के खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। सबसे ज्यादा जैकेट, जर्सी, अपर, हुड, शॉल की मांग बढ़ी है। लोगों ने सर्दियों से निपटने का इंतजाम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही रजाई व गद्दे भी खरीदे जा रहे हैं। बिजनौर में सबसे ज्यादा गर्म कपड़े दिल्ली व लुधियाना से आते हैं। दीपावली से पहले ही व्यापारियों ने गर्म कपड़े मंगवाकर उनका स्टॉक कर लिया था। खादी ग्रामोद्योग की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ आनी शुरू हो गई है। महिलाएं अपने व बच्चों के लिए भी कपड़ों का इंतजाम करने में जुटी हैं। कोरोना काल में कपड़ों के कारोबार पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। बाजार में व्यापारी खूब गर्म कपड़े लाकर बेचने में लग गए हैं। जनवरी माह तक ये गर्म कपड़े खूब बेचे जएंगे।
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खूब बिक रहे गर्म कपड़े
गांधी आश्रम खादी भंडार के मैनेजर जयशंकर तिवारी के मुताबिक कपड़ों के दामों में कोई फर्क नहीं पड़ा है। पिछले साल के दामों के बराबर ही गर्म कपड़े बेचे जा रहे हैं। कोट, मफलर, गर्म शॉल, सिल्की साड़ी बेड शीट, रजाई, गद्दे, सभी तरह के कपड़े लोग खरीदकर ले जा रहे हैं।
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दामों में नहीं आया फर्क
शुगर मिल के पास कपड़ों का कारोबार करने वाले विकास सेतिया व मुख्य बाजार में दुकान करने वाले अनिल गंभीर के मुताबिक उन्होंने पहले ही गर्म कपड़े मंगवा लिए थे। बारिश के बाद गर्म कपड़े खरीदने के लिए खूब ग्राहक आ रहे हैं। गर्म कपड़ों पिछले साल के दामों में ही मिल रहे हैं।
जैकेट बनाने का काम मिल रहा कम
नगीना में जैकेट बनाने वाले रामकुमार यादव का कहना है कि उनके कारोबार में 25 प्रतिशत की कमी आई है। इस बार ऑर्डर कम मिल रहे हैं। रोजाना वे 50 से 60 जैकेट बना लेते हैं। 300 से 500 रुपये तक थोक में उनकी जैकेट बिकती हैं। सर्दी बढ़ने पर कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।

अब नहीं बुने जाते स्वेटर जर्सी
महिलाएं घरों में अब स्वेटर व जर्सी बुनने से परहेज करने लगी हैं। पहले घरों में ही महिलाएं स्वेटर, जर्सी बुनती हैं। परिवार की महिलाएं टुकड़ों में यह स्वेटर बुनती थीं। पर बाजार में अब सभी तरह के गर्म कपड़े मिलने पर महिलाओं ने गर्म कपड़ों को बुनने से बचती हैं।

बिजनौर में कपड़ों की दुकान गर्म कपड़े खरीदते ग्राहक।

बिजनौर में कपड़ों की दुकान गर्म कपड़े खरीदते ग्राहक।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में कपड़ों की दुकान गर्म कपड़े खरीदती महिला।

बिजनौर में कपड़ों की दुकान गर्म कपड़े खरीदती महिला।- फोटो : BIJNOR

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