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Bijnor News: नजीबाबाद मिल के विस्तारीकरण को फिर उठी मांग, लिखी चिट्ठी
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- भाकियू अ के पदाधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग को लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भाकियू अराजनीतिक के पदाधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उप्र को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में किसान नेता दिगंबर सिंह ने कहा कि नजीबाबाद सहकारिता चीनी मिल के विस्तारीकरण की मांग की गई।
पत्र में कहा कि सहकारी नजीबाबाद चीनी मिल की गन्ना उपलब्धता, विस्तारीकरण एवं आधुनिकीकरण की स्थिति की समीक्षा कर समयबद्ध कार्ययोजना जारी करने की मांग की। दिगंबर सिंह ने आरोप लगाते हुए पिछले तीन वर्षों से सहकारी एवं अर्द्ध सरकारी चीनी मिलों को सुनियोजित तरीके से बंद कराने में लिप्त अधिकारियों की जांच कराने की मांग की गई है। किसानों के गन्ना मूल्य के बकायेदार मिल समूहों के भुगतान रिकॉर्ड को आवंटन प्रक्रिया में प्रभावी आधार बनाया जाए। लंबित भुगतान की वसूली के लिए कार्रवाई की जाए।
कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी, सरकारी चीनी मिलों के रिजर्व एरिया में निजी मिलों को क्रय केंद्र आवंटित कर दिए हैं। आरोप लगाए कि भुगतान न करने वाली बिलाई चीनी मिल के पर्याप्त सेंटर नहीं कटे हैं। इसमें लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। दिगंबर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सहकारी संघ की सहकारी चीनी मिल मोरना मुजफ्फरनगर एवं सहकारी नजीबाबाद चीनी मिल बिजनौर का विस्तारीकरण स्वीकृत होने के बाद केवल गन्ना कम होने के कारण रोक दिया गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भाकियू अराजनीतिक के पदाधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उप्र को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में किसान नेता दिगंबर सिंह ने कहा कि नजीबाबाद सहकारिता चीनी मिल के विस्तारीकरण की मांग की गई।
पत्र में कहा कि सहकारी नजीबाबाद चीनी मिल की गन्ना उपलब्धता, विस्तारीकरण एवं आधुनिकीकरण की स्थिति की समीक्षा कर समयबद्ध कार्ययोजना जारी करने की मांग की। दिगंबर सिंह ने आरोप लगाते हुए पिछले तीन वर्षों से सहकारी एवं अर्द्ध सरकारी चीनी मिलों को सुनियोजित तरीके से बंद कराने में लिप्त अधिकारियों की जांच कराने की मांग की गई है। किसानों के गन्ना मूल्य के बकायेदार मिल समूहों के भुगतान रिकॉर्ड को आवंटन प्रक्रिया में प्रभावी आधार बनाया जाए। लंबित भुगतान की वसूली के लिए कार्रवाई की जाए।
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कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी, सरकारी चीनी मिलों के रिजर्व एरिया में निजी मिलों को क्रय केंद्र आवंटित कर दिए हैं। आरोप लगाए कि भुगतान न करने वाली बिलाई चीनी मिल के पर्याप्त सेंटर नहीं कटे हैं। इसमें लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। दिगंबर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सहकारी संघ की सहकारी चीनी मिल मोरना मुजफ्फरनगर एवं सहकारी नजीबाबाद चीनी मिल बिजनौर का विस्तारीकरण स्वीकृत होने के बाद केवल गन्ना कम होने के कारण रोक दिया गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान है।
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