फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Deepawali burns home and home

दीपावली पर घर-घर जले खुशियों के दीप

Thu, 08 Nov 2018 11:52 PM IST
अमर उजाला/बिजनौर
अमर उजाला/बिजनौर Updated Thu, 08 Nov 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
Deepawali burns home and home
बिजनौर में दीपावली पर आतिशबाजी का शानदार नजारा। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में  दीपावली पर्व जिले भर में श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। घर-घर खुशियों के दीप जलाए गए। एक दूसरे को उपहार देकर मंगल कामनाएं की गई। सभी ने देर रात तक आतिशबाजी का आनंद लिया। अगले साल फिर से दीपावली ऐसे ही आनंद पूर्वक परिजनों के साथ मनाने की प्रार्थना की गई।
विज्ञापन

बुधवार को दीपावली पर सुबह से ही सभी व्यस्त रहे। बाजार में उपभोक्ताओं की भीड़ रही। सभी ने एक दूसरे को मिठाई और उपहार भेंट कर मंगल कामनाएं कीं। अनेक जगह पर आर्य समाज की ओर से हवन आदि का आयोजन किया गया। यज्ञ में आहुति देकर विश्व शांति की कामना की गई। प्रदर्शनी मैदान में पटाखे खरीदने वालों की भीड़ रही। छोटे बच्चे सुबह से ही पटाखे जलाते रहे। शाम को घरों और प्रतिष्ठानों पर मां लक्ष्मी का पूजन किया गया। दिन ढलते ढलते सभी के आवासों, प्रतिष्ठानों आदि पर मोमबत्ती, दीपक लग गए। व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद करने के बाद उनके बाहर दीपक जलाए। गांव शहरों में सभी ने एक दूसरे के घर जाकर दीये जलाए और मंगल कामनाएं कीं। परिवार के सदस्यों ने दीये जलाने आने वालों का मुंह मीठा कराया। इसके बाद आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ। परिजनों ने मिलकर मकानों की छत पर जाकर खूब आतिशबाजी की। चकरी, अनार, रॉकेट, फुलझड़ी, स्काई शॉट्स आदि छोड़कर सभी ने आतिशबाजी का खूब आनंद लिया। छोटे बच्चों में आतिशबाजी को लेकर बहुत उत्साह रहा। देर रात तक पटाखों की आवाज गूंजती रही।
विज्ञापन

‘आत्मा में प्रकाश को बढ़ाने का त्योहार है दीपावली’
बिजनौर। एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा नारे के ऋषि बाबा फुलसंदे वाले के गांव फुलसंदा स्थित आश्रम में दीपावली धूमधाम से मनाया गया। बाबा फुलसंदे वाले ने प्रवचन में कहा कि मृत्यु के अंधकार और कष्ट से परे अपनी अनंत ज्योति में ले जाने वाले ईश्वर को नमस्कार है। परमात्मा तो एक ही है, लेकिन ज्ञानीजन, ऋषिगण उसे अनेक नामों से पुकारते हैं, जैसे यम, वायु, मित्रं इंद्र, अग्नि, वरुण, शिव आदि। कहा कि दीपावली अपनी आत्मा में प्रकाश को बढ़ाने का पर्व है। कहा कि सब देशवासी इस अवसर पर वैदिक मंत्रों से यज्ञ करें। दान निकालकर अपने आसपास जरूरतमंदों को दें। जिस ईश्वर ने जमीन, आसमान, चांद, सूरज, मनुष्य आदि बनाए हैं उसकी आराधना करें। वेदों को रोज पढ़ें और वेदों के बताए रास्तों पर चलें। कहा कि जैसे हाथी युद्ध में तीरों को सहन करता है, वैसे ही दुष्टों के बुरे वचनों को शांति से सहन करना चाहिए। बाबा फुलसंदे वाले के अनुयायियों ने आश्रम को दीयों से सजाया। प्रवचन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्यलाभ कमाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उल्लास के साथ मनाया दीपोत्सव
नजीबाबाद। दीपावली पर्व परंपरागत उल्लास के साथ मनाया गया। बाजारों और घरों पर लक्ष्मी पूजन किया गया। दिन भर बाजारों में चहल-पहल रही। शाम ढलते ही लाइट, दीयों से नगर जगमगा उठा। शुभ मुहूर्त पर कारोबारियों और लोगों ने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों में दीए जलाकर मां लक्ष्मी का विधि-विधान के साथ पूजन किया। न्यायालय की आठ बजे से रात 10 बजे तक पटाखा छोड़ने की समय सीमा की परवाह किए बगैर लोगों ने शाम ढलते ही आतिशबाजी शुरू कर दी थी। देर रात तक जमकर आतिशबाजी हुई। उधर, प्रशासन ने पटाखा बिक्री का स्थान स्टैब्स ग्राउंड निश्चित किया था। पुलिस की सख्त निगरानी के बावजूद शहर तथा आसपास के क्षेत्रों में आबादी के बीच पटाखे बिकते रहे।
मनरेगा मजदूरों का दीपावली सौहार्द मिलन
नजीबाबाद। गांव समीपुर क्षेत्र के मनरेगा मजदूरों ने दीपावली पर   सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के श्रमिकों ने मुख्य अतिथि आरपी सिंह एवं प्रधान के पति प्रमोद कुमार के नेतृत्व में दीपावली पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया। एक-दूसरे को    मिठाई खिलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं। रोजगार सेवक गुलजार सिंह, आरिफ मलिक, विलियम, प्रमोद कुमार, प्रमोद सिंह, यूसुफ, रविंद्र, मुस्तकीम, राशिद, तिलक, कासिम, सुषमा आदि शामिल रहे।

धामपुर/शेरकोट। धामपुर क्षेत्र में दीपावली का त्योहार उत्साह के साथ मनाया गया। लक्ष्मी की पूजा कर और घर दीप जलाकर सुख समृद्धि की कामना की। क्षेत्र में देर रात तक आतिशबाजी होती रही।
पहाड़ी दरवाजा निवासी डा. एसएस राजपूत सिंह ने बताया कि बुधवार शाम सात बजे से रात के नौ बजे तक महालक्ष्मी की पूजा की और दीपों से रोशनी के बाद । बच्चों के साथ मिलकर आतिशबाजी की। गांव चाकरपुर के पंडित भारत भूषण शर्मा का कहना है कि इस बार दिवाली का त्योहार ज्यादा फलदायक रहा। प्रदेश व केंद्र में भाजपा की बहुमत की सरकार के चलते अयोध्या में भगवान श्रीराम दिवाली से प्रेरणा से उनके द्वारा    गांव में दिवाली का त्योहार मनाया गया। देहात में मोर सादा, मौरना, ऊमरी, तरकौला, पाडली, पालनी में भी दीवाली का पर्व आस्था के     साथ धूूमधाम से मनाया।      नगर के मुख्य बाजार में जबरदस्त   रोशनी की गई थी। बाजार दुल्हन   की तरह से सजा लग रहा था। मुहल्ला    साहूवान राम मंदिर , राधा कृष्ण मंदिर,  पंचायती मंदिर आदि  मंदिरों में देर रात पूजा की।
शेरकोट में दीपावली नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने दीये जला कर रोशनी कर मां लक्ष्मी की पूजा की। राष्ट्रीय हिंदू रक्षा सेना के मंडलीय संयोजक ने झुग्गी   झोपड़ियों में जाकर बच्चों के साथ दीपावली मनाई। भाजपा नेता कामेश्वर राजपूत ,दारा सिंह, यश रुहेला आदि के साथ मिठाई और मोमबत्तियां बांटीं।
वहीं रेहड़ में क्षेत्र में दीपावली व गोवर्धन पूजा का त्योहार पूरे  हर्षोउल्लास से मनाया गया। इस मौके पर कृष्ण भगवान की पूजा   कर सुखसमृद्धि की कामना की गई। रेहड़ में कासमपुरगढ़ी क्षेत्र में बुधवार को दीपावली का त्योहार हर्षोउल्लास के साथ मनाया   गया। लोगों ने अपने घरों व प्रतिष्ठानों की बिजली की झालरों से सजावट की गई। सायंकाल विधि विधान से मां लक्ष्मी की पूजा की गई। लोगों ने आतिशबाजी की। हालांकि जागरूकता के चलते प्रदूषण की कमी को लेकर आतिशबाजी का प्रतिशत गत     वर्षों की अपेक्षा काफी कम रहा। लोगों ने एक दूसरे को मिठाई व तोहफे देकर एक-दूसरे को   दीपावली की शुभकामनाएं  दीं। बृहस्पतिवार को गोवर्धनपूजा की गई। सभी की सुख समृद्धि की कामना की गयी।

सीओ ने दिव्यांग बच्चों के साथ मनाई दीपावली
बढ़ापुर में गांव दोदराजपुर स्थित ईसाई धर्मार्थ संस्था आशादीप के शारीरिक, मानसिक पुनर्वास एवं प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे सीओ नगीना, बढ़ापुर कोतवाल ने केंद्र के दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली मनाई। बुधवार की शाम गांव दोदराजपुर की आशादीप संस्था पहुंचे नगीना सीओ प्रवीण कुमार सिंह, बढ़ापुर थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह ने केंद्र के बच्चों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान सभी बच्चों के साथ घुल मिलकर उनकी बातों को जाना समझा और बच्चों के प्रति सहानुभूति प्रकट की। आशादीप के डायरेक्टर संत जोसफ इंटीग्रेटेड हाईस्कूल के प्रबंधक फादर फ्रांसिस केओ ने सीओ, कोतवाल का उनके दिव्यांग बच्चों के साथ दीवाली मनाने के निर्णय को सराहा।  
हर्षोल्लास के साथ मनाई दीपावली  
चांदपुर में नगर क्षेत्र में दीपावली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों और क्षेत्र के लोगों ने अपने-अपने मकानों को बिजली की झालर, फूल मालाओं से सजाया। घर, प्रतिष्ठान पर मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर परिवार व्यापार में सुख समृद्धि की कामना की। एक दूसरे को मिठाई, उपहार देकर दीपावली की शुभकामना दी।  
रोशनी से जगमगाए घर
कोतवाली देहात में गांव शादीपुर, बरूकी, माहेश्वरीजट, मलकपुर देहरी आदि में दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। पूजा-अर्चना कर दीप जलाकर घरों को सजाया गया। दीपावली के अवसर कस्बे के बाजार में भारी भीड़ देखी गई। मिठाई, गिफ्ट पैक, कंडील, मिट्टी के बर्तन तथा दीपक आदि की खूब बिक्री हुई। प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के चलते पटाखों की बिक्री के लिए रविवार बाजार मैदान में विशेष रूप से व्यवस्था की थी। बाजारों में भीड़ के कारण दिन भर जाम की स्थिति बनी रही।

इस बार तेज आवाज वाले पटाखों से शहरवासियों ने किया परहेज
बिजनौर में जिले में दीपावली पर उपभोक्ताओं ने ध्वनि प्रदूषण को कम रखने में प्रशासन का सहयोग किया। इस साल पिछले सालों की तुलना में  ज्यादा आवाज वाले पटाखे नहीं छोड़े   गए। शासन द्वारा निर्धारित किए गए आवाज के मानकों से बहुत कम  आवाज के पटाखे छोड़े गए। उपभोक्ताओं ने तेज आवाज वाले पटाखों के मुकाबले चकरी, फुलझड़ी, अनार आदि को ज्यादा तवज्जो दी।
शासन द्वारा ध्वनि के मानक निर्धारित किए गए हैं। ध्वनि के मानकों पर दीपावली पर छूट दी जाती है। अधिकतम 125 डीएसबी (डेसिबल) तक की आवाज के पटाखे छोड़े जा सकते हैं। दीपावली पर इसकी निगरानी के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग को जिम्मेदारी दी जाती है। ध्वनि मापने वाले यंत्रों से पटाखों की आवाज को मापा जाता है। दीपावली पर इस बार राम के चौराहे, जजी चौराहे पर पटाखों की आवाज मापने की व्यवस्था की गई थी। इससे पता चला है कि इस बार शहरवासियों ने तेज आवाज वाले पटाखे चलाने से परहेज किया है। तेज आवाज वाले पटाखे शहर में नहीं चलाए गए। शहर वासियों ने तेज आवाज वाले पटाखों के मुकाबले चकरी, अनार, फुलझड़ी आदि को तवज्जो दी। तेज आवाज वाली हथौड़ी बहुत कम छोड़ी गई।

दीपावली पर वायुमंडल में धूल और धुएं के कण बढ़ गए हैं। हालांकि इनसे वायुमंडल को अधिक नुकसान नहीं होगा। एक दो दिन में ही ये कण नीचे बैठ जाएंगे। आमतौर पर जिले में वायुमंडल में 200 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर धूल व धुएं के कण होते हैं। लेकिन दीपावली के बाद बृहस्पतिवार को ये कण 289.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहे। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी जीसी वर्मा के अनुसार जिलेवासियों ने दीपावली पर काफी जागरूकता दिखाई है। प्रदूषण के खिलाफ यह जागरूकता हर दिन दिखानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed