{"_id":"5a2c2ba94f1c1bd9798c1bee","slug":"decrease-agricultural-costs-earn-profits-more","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि लागत घटाएं, मुनाफा ज्यादा कमाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि लागत घटाएं, मुनाफा ज्यादा कमाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 10 Dec 2017 12:00 AM IST
विज्ञापन
भोगपुर में किसान पाठशाला में किसानों को जानकारी देते प्रशिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नजीबाबाद में कृषि विभाग की ओर से गांव भोगपुर में आयोजित किसान पाठशाला शनिवार को संपन्न हुई। किसानों से पाठशाला में ली गईं जानकारियों का इस्तेमाल कर आय बढ़ाने का आह्वान किया गया।
प्राथमिक विद्यालय भोगपुर में अंतिम दिन आयोजित पाठशाला में एग्रीकल्चर मेेनेजमेंट टेक्नोलॉजी एजेंसी (आत्मा) के उप परियोजना निदेशक योगेंद्रपाल सिंह ने कहा कि किसानों को आय दोगुना करने के लिए स्वयं जागरुक होना होगा। लागत घटाकर लाभ बढ़ाना ही एकमात्र मंत्र है। फसल सुरक्षा विषय पर बोलते हुए योगेंद्रपाल सिंह ने कहा कि कीट के प्रकोप व रोग से बचाने के लिए जरूरी है कि किसान भूमि शोधन, बीज शोधन, खरपतवार नियंत्रण के प्रति गंभीर रहें। उन्होंने खरपतवार नियंत्रण के लिए गहरी जुताई कर खेत को खाली छोड़ने, रसायन छिड़काव से पहले जैविक दवाइयों का प्रयोग जरूर करने की सलाह दी।
मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के प्रभारी रतिराम सिंह ने फसल की बुवाई से पहले भूमि उपचारित करने और मृदा जांच कराकर ही उसके अनुसार पर उर्वरक का इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनावश्यक खाद, उर्वरक आदि का इस्तेमाल करने से किसान का खर्च बढ़ जाता है।
विज्ञापन
किसान पाठशाला के समापन पर एडीओ कृषि विक्रम सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ रामकिशन सिंह, ग्राम प्रधान बलराम सिंह, शौनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। रतिराम सिंह ने बताया कि आगामी 11 दिसंबर से पांच दिन तक ग्राम पंचायत बिजौरी में किसान पाठशाला का आयोजन किया जाएगा।
वहीं बिजनौर में किसान पाठशालाओं का पहला चरण शनिवार को पूरा हो गया। औसतन पांच से दस हजार किसानों ने पाठशालाओं में उपस्थित रहकर पांच दिन तक शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी ली। पाठशालाओं में तीन विधायकों समेत डीएम व कई जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी से किसानों को ज्यादा से ज्यादा शासन की योजनाओं का लाभ लेने का आव्हान किया है। दूसरा चरण 11 दिसंबर से शुरू होगा।
उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी के अनुसार शासन ने किसानों को कृषि योजनाओं व नई कृषि तकनीक से अपडेट करने के लिए किसान पाठशाला शुरू करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। जिले की 130 न्यायपंचायतों के 130 गांवों में किसान पाठशालाओं का पांच दिवसीय प्रथम चरण पाच दिसंबर से शुरू हुआ।
पहले दिन किसान पाठशाला में 10939 किसानों ने भागीदारी की है। आखिरी दिन 7973 किसान आए। शादी विवाह, गन्ना कटाई, शरदकालीन गन्ने की बुवाई होने से बीच के दिनों में किसानों की मौजूदी कम ज्यादा होती रही। अलग-अलग तीन स्थानों पर शहर विधायक सुचि चौधरी, बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह व चांदपुर विधायक कमलेश सैनी उपस्थित रहे।
डीएम जगतराज ने किसान पाठशाला योजना को किसानों के लिए वरदान बताया। सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल, सीवीओ भूपेंद्र सिंह, व कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने किसानों से जुड़ी विभागीय योजनाओं के बारे में बताया।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय भोगपुर में अंतिम दिन आयोजित पाठशाला में एग्रीकल्चर मेेनेजमेंट टेक्नोलॉजी एजेंसी (आत्मा) के उप परियोजना निदेशक योगेंद्रपाल सिंह ने कहा कि किसानों को आय दोगुना करने के लिए स्वयं जागरुक होना होगा। लागत घटाकर लाभ बढ़ाना ही एकमात्र मंत्र है। फसल सुरक्षा विषय पर बोलते हुए योगेंद्रपाल सिंह ने कहा कि कीट के प्रकोप व रोग से बचाने के लिए जरूरी है कि किसान भूमि शोधन, बीज शोधन, खरपतवार नियंत्रण के प्रति गंभीर रहें। उन्होंने खरपतवार नियंत्रण के लिए गहरी जुताई कर खेत को खाली छोड़ने, रसायन छिड़काव से पहले जैविक दवाइयों का प्रयोग जरूर करने की सलाह दी।
विज्ञापन
मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के प्रभारी रतिराम सिंह ने फसल की बुवाई से पहले भूमि उपचारित करने और मृदा जांच कराकर ही उसके अनुसार पर उर्वरक का इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनावश्यक खाद, उर्वरक आदि का इस्तेमाल करने से किसान का खर्च बढ़ जाता है।
विज्ञापन
किसान पाठशाला के समापन पर एडीओ कृषि विक्रम सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ रामकिशन सिंह, ग्राम प्रधान बलराम सिंह, शौनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। रतिराम सिंह ने बताया कि आगामी 11 दिसंबर से पांच दिन तक ग्राम पंचायत बिजौरी में किसान पाठशाला का आयोजन किया जाएगा।
वहीं बिजनौर में किसान पाठशालाओं का पहला चरण शनिवार को पूरा हो गया। औसतन पांच से दस हजार किसानों ने पाठशालाओं में उपस्थित रहकर पांच दिन तक शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी ली। पाठशालाओं में तीन विधायकों समेत डीएम व कई जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी से किसानों को ज्यादा से ज्यादा शासन की योजनाओं का लाभ लेने का आव्हान किया है। दूसरा चरण 11 दिसंबर से शुरू होगा।
उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी के अनुसार शासन ने किसानों को कृषि योजनाओं व नई कृषि तकनीक से अपडेट करने के लिए किसान पाठशाला शुरू करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। जिले की 130 न्यायपंचायतों के 130 गांवों में किसान पाठशालाओं का पांच दिवसीय प्रथम चरण पाच दिसंबर से शुरू हुआ।
पहले दिन किसान पाठशाला में 10939 किसानों ने भागीदारी की है। आखिरी दिन 7973 किसान आए। शादी विवाह, गन्ना कटाई, शरदकालीन गन्ने की बुवाई होने से बीच के दिनों में किसानों की मौजूदी कम ज्यादा होती रही। अलग-अलग तीन स्थानों पर शहर विधायक सुचि चौधरी, बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह व चांदपुर विधायक कमलेश सैनी उपस्थित रहे।
डीएम जगतराज ने किसान पाठशाला योजना को किसानों के लिए वरदान बताया। सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल, सीवीओ भूपेंद्र सिंह, व कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने किसानों से जुड़ी विभागीय योजनाओं के बारे में बताया।