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मजारों से ज्यादा बहू-बेटियों को है चादरों की जरूरत
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शेरकोट में मजार के बाहर अलर्ट पुलिस।
- फोटो : DHAMPUR
मजारों से ज्यादा बहू-बेटियों को है चादरों की जरूरत
धामपुर (बिजनौर)। एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह ने शेरकोट थाने के सभी अधिकारियों को क्षेत्र के एक एक गांव में जाकर गश्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मजार तोड़ने वाले आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें मजारों पर चादर को डालना अच्छा नहीं लगता था। उनके घर परिवार में कई बहू-बेटियां ऐसी हैं, जिनके पास ओढ़ने तक को चादर नहीं हैं और यह लोग पक्की मजार बनाकर चादर से ओढ़ाते हैं। मजारों से ज्यादा इन चादरों की जरूरत बहू-बेटियों को है। इस वजह से उन्होंने मजारों को खंडित किया है।
बताया कि क्षेत्र के लोगों में पुलिस का भरोसा कायम रखने के लिए दिन-रात थाने की फोर्स के साथ गश्त की जा रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि जिन लोगों ने क्षेत्र की मजारों को खंडित कर क्षेत्र सामुदायिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया था। उन आरोपियों को तत्काल पुलिस ने गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया है। उनका कहना है कि अभी यह मामला ठंडा नहीं हुआ है। पुलिस की ओर से मामले की जांच चल रही है। आरोपियों को माथे पर भगवा कपड़ा बांध और गले में माला डाल मजारों को खंडित करने की प्रेरणा कहां से और कब मिली, पुलिस ने जांच में जुटी है। एसपी पूूर्वी का कहना है कि एनआईए की टीम जांच को नहीं आई। एटीएस और इंटेलिजेंस की टीम ने आरोपी कमाल और आदिल (मोहल्ला कायस्थान शेरकोट) से घटना से बारे में काफी घंटों तक अपने स्तर से पूछताछ की है।
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धामपुर (बिजनौर)। एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह ने शेरकोट थाने के सभी अधिकारियों को क्षेत्र के एक एक गांव में जाकर गश्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मजार तोड़ने वाले आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें मजारों पर चादर को डालना अच्छा नहीं लगता था। उनके घर परिवार में कई बहू-बेटियां ऐसी हैं, जिनके पास ओढ़ने तक को चादर नहीं हैं और यह लोग पक्की मजार बनाकर चादर से ओढ़ाते हैं। मजारों से ज्यादा इन चादरों की जरूरत बहू-बेटियों को है। इस वजह से उन्होंने मजारों को खंडित किया है।
बताया कि क्षेत्र के लोगों में पुलिस का भरोसा कायम रखने के लिए दिन-रात थाने की फोर्स के साथ गश्त की जा रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि जिन लोगों ने क्षेत्र की मजारों को खंडित कर क्षेत्र सामुदायिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया था। उन आरोपियों को तत्काल पुलिस ने गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया है। उनका कहना है कि अभी यह मामला ठंडा नहीं हुआ है। पुलिस की ओर से मामले की जांच चल रही है। आरोपियों को माथे पर भगवा कपड़ा बांध और गले में माला डाल मजारों को खंडित करने की प्रेरणा कहां से और कब मिली, पुलिस ने जांच में जुटी है। एसपी पूूर्वी का कहना है कि एनआईए की टीम जांच को नहीं आई। एटीएस और इंटेलिजेंस की टीम ने आरोपी कमाल और आदिल (मोहल्ला कायस्थान शेरकोट) से घटना से बारे में काफी घंटों तक अपने स्तर से पूछताछ की है।
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