साइबर में भी लंबे होंगे पुलिस के हाथ: यूपी के इस जिले में एक करोड़ की लागत से बनाई जाएगी साइबर लैब
साइबर क्राइम के मामलों में अभी तक बिजनौर से लखनऊ की लैब को डाटा भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में दो दो महीने तक का वक्त लग जाता है।
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यूं तो कानून के हाथ लंबे होते हैं लेकिन साइबर अपराधियों तक पहुंचने में छोटे पड़ जाते हैं। पुलिस के इन हाथों को साइबर बल मजबूती देगा। दरअसल, बिजनौर जिले में साइबर लैब की स्थापना होने जा रही है। इसके लिए पुणे की एक कंपनी से सहयोग मांगा गया है। लैब बनाने के साथ साइबर क्राइम से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देकर पारंगत किया जाएगा।
तकनीक के इस दौर में अपराध का तरीका बदला है। साल दर साल साइबर अपराध बढ़ने की आशंका है, इस चुनौती से निपटने के लिए जिले के पुलिस अफसरों ने योजना बना ली है। हाल ही में पुणे की एक कंपनी से संपर्क किया गया है।
यह कंपनी बिजनौर पुलिस को बताएगी कि लैब कैसे बनाई जानी है और कौन से उपकरण लगाने होंगे। साइबर क्राइम से निपटने के लिए लैब में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि जिस कंपनी से संपर्क किया गया है, उसने लखनऊ की साइबर लैब बनाने और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने का काम किया है। फिलहाल कंपनी से डीपीआर बनाने के लिए कहा गया है। जिससे बजट की डिमांड करते हुए जल्द से जल्द लैब बनाई जा सके। लैब बनाने के लिए बाकायदा एक कमरे का निर्माण कर लिया गया है।
लखनऊ की लैब पर नहीं होगी निर्भरता
साइबर क्राइम के मामलों में अभी तक बिजनौर से लखनऊ की लैब को डाटा भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में दो दो महीने तक का वक्त लग जाता है। बिजनौर में ही लैब बन जाने के बाद एक दिन में ही साइबर क्राइम के डाटा को डीकोड कर लिया जाएगा। लैब में फोरेंसिक कंप्यूटर के अलावा अन्य उपकरण भी लगाए जाएंगे।
जिले में फिलहाल हर महीने 20-25 शिकायत साइबर क्राइम की आ रही है। जिन्हें साइबर सेल के हवाले कर दिया जाता है। एक प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी साइबर सेल में तैनात हैं।
बताया जा रहा है कि इन दिनों साइबर अपराधी नौकरी के लिए आवेदन का झांसा देकर फर्जी लिंक डाल रहे हैं। इस महीने ऐसे दो मामले सामने आए। उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी और क्राइम के लिए पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रकम भी गैर राज्यों में स्थित बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।
जिले में सभी थानों पर साइबर सेल का गठन किया जा चुका है। अब साइबर लैब बनाने के लिए भी कवायद चल रही है। जल्द से जल्द लैब बनाकर चालू करने का प्रयास किया जा रहा है-डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी