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Bijnor News: ट्रेनों में भीड़, बाथरूम में सफर करने को मजबूर हुए यात्री
Sat, 13 Apr 2024 01:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:35 AM IST
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नजीबाबाद। आम आदमी के लिए ट्रेन से सफर करना मुश्किल होता जा रहा है। ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के कोच घट रहे हैं। स्लीपर क्लास, इकोनॉमी क्लास में तब्दील होने से सफर की चुनौतियां बढ़ रहीं हैं। ईद की छुट्टी के बाद कई ट्रेनों में यात्री शौचालय में सफर करने को मजबूर हुए।
त्योहार कोई भी हो आम आदमी के लिए सफर करना मुश्किल होता जा रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के कोच नाममात्र को रह गए हैं। स्लीपर क्लास के कोच की संख्या भी लगातार ट्रेनों में घट रही है। इन कोचों को इकोनॉमी क्लास में बदला जा रहा है। नजीबाबाद स्टेशन से गुजर रहीं लंबी दूरी की ट्रेनों में ईद मनाकर अपने काम पर लौटने वाले अनेक यात्रियों को शौचालय में खड़े होकर सफर के लिए विवश होना पड़ रहा है। इनमें मजदूर पेशा लोगों की संख्या ज्यादा है।
अमृतसर से बनमनखी होते हुए पूर्णियाकोर्ट जाने वाली वाली ट्रेन में भारी भीड़ के चलते ईद मना कर काम पर लौटने वाले कामदारों को ट्रेन के शौचालय में सफर करने को मजबूर होना पड़ा। इनमें महिलाएं भी शामिल रहीं। अनेक यात्रियों ने ट्रेन के डाले पर लटक कर जोखिम भरा सफर किया। कई अन्य ट्रेनों में भी लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या सीमित होने और भीड़ के चलते यात्री जोखिम भरे सफर के लिए मजबूर रहे।
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- सब देखते हैं और आंखें मूंद लेते हैं
बिहार क्षेत्र के वीरेंद्र, सुकम सिंह और चित्रेश का कहना है कि एक बार नहीं अनेक बार उन्हें शौचालय में सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। काम पर जाने के लिए सफर तो करना ही है। प्रमुख स्टेशनों से ट्रेन गुजरती हैं, रेल अधिकारी सब कुछ देखते हैं पर असर नहीं होता। सब आंखें मूंद लेते हैं।
- शौचालय रहित हो जातीं है ट्रेनें
नजीबाबाद। सभी ट्रेनों में यात्री सुविधा के लिए शौचालय होते हैं। भारी भीड़ के चलते शौचालय में यात्रियों के सफर करने से अक्सर ट्रेनें शौचालय रहित हो जाती हैं और और यात्रियों को शौचालय सुविधा नहीं मिल पाती।
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त्योहार कोई भी हो आम आदमी के लिए सफर करना मुश्किल होता जा रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के कोच नाममात्र को रह गए हैं। स्लीपर क्लास के कोच की संख्या भी लगातार ट्रेनों में घट रही है। इन कोचों को इकोनॉमी क्लास में बदला जा रहा है। नजीबाबाद स्टेशन से गुजर रहीं लंबी दूरी की ट्रेनों में ईद मनाकर अपने काम पर लौटने वाले अनेक यात्रियों को शौचालय में खड़े होकर सफर के लिए विवश होना पड़ रहा है। इनमें मजदूर पेशा लोगों की संख्या ज्यादा है।
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अमृतसर से बनमनखी होते हुए पूर्णियाकोर्ट जाने वाली वाली ट्रेन में भारी भीड़ के चलते ईद मना कर काम पर लौटने वाले कामदारों को ट्रेन के शौचालय में सफर करने को मजबूर होना पड़ा। इनमें महिलाएं भी शामिल रहीं। अनेक यात्रियों ने ट्रेन के डाले पर लटक कर जोखिम भरा सफर किया। कई अन्य ट्रेनों में भी लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या सीमित होने और भीड़ के चलते यात्री जोखिम भरे सफर के लिए मजबूर रहे।
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- सब देखते हैं और आंखें मूंद लेते हैं
बिहार क्षेत्र के वीरेंद्र, सुकम सिंह और चित्रेश का कहना है कि एक बार नहीं अनेक बार उन्हें शौचालय में सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। काम पर जाने के लिए सफर तो करना ही है। प्रमुख स्टेशनों से ट्रेन गुजरती हैं, रेल अधिकारी सब कुछ देखते हैं पर असर नहीं होता। सब आंखें मूंद लेते हैं।
- शौचालय रहित हो जातीं है ट्रेनें
नजीबाबाद। सभी ट्रेनों में यात्री सुविधा के लिए शौचालय होते हैं। भारी भीड़ के चलते शौचालय में यात्रियों के सफर करने से अक्सर ट्रेनें शौचालय रहित हो जाती हैं और और यात्रियों को शौचालय सुविधा नहीं मिल पाती।