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संपूर्ण समाधान दिवस में जुटी भीड़
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संपूर्ण समाधान दिवस में जुटी भीड़
धामपुर। करीब छह महीने बाद लगाए गए संपूर्ण समाधान दिवस में भीड़ जुट गई और अधिकारियों की सामने ही सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ। समाधान दिवस में 40 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से चार का मौके पर निस्तरण कर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने समस्याओं को सुना।
तहसील के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। दो गज की दूरी के स्थान पर अधिकारी कुर्सियों पर आपस में सटे बैठे रहे। 40 शिकातों में से चार का चार का निस्तारण हुआ। बाकी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया। सीडीओ ने कहा कि अधिकारी टीमों का गठन कर गांवों में पहुंचकर शिकायतकर्ता की समस्या का निदान कराएं। जो उनके सामर्थ्य से बाहर है, उसकी उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजें। बांस मंडी निवासी जयपाल सिंह ने बताया कि कई बार प्रार्थना पत्रों को देने के बाद भी हल्के के पटवारी ने उनको आज तक रास्ता नहीं दिलाया। नई सराय निवासी मोहम्मद आसिफ का कहना है कि उनका मोबाइल चोरी हो गया था। लेकिन पुलिस ने तहरीर लेने के बाद भी उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। समाधान दिवस का अधिकारियों की ओर से प्रचार प्रचार न किए जाने से लोगों की संख्या कम रही।
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धामपुर। करीब छह महीने बाद लगाए गए संपूर्ण समाधान दिवस में भीड़ जुट गई और अधिकारियों की सामने ही सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ। समाधान दिवस में 40 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से चार का मौके पर निस्तरण कर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने समस्याओं को सुना।
तहसील के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। दो गज की दूरी के स्थान पर अधिकारी कुर्सियों पर आपस में सटे बैठे रहे। 40 शिकातों में से चार का चार का निस्तारण हुआ। बाकी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया। सीडीओ ने कहा कि अधिकारी टीमों का गठन कर गांवों में पहुंचकर शिकायतकर्ता की समस्या का निदान कराएं। जो उनके सामर्थ्य से बाहर है, उसकी उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजें। बांस मंडी निवासी जयपाल सिंह ने बताया कि कई बार प्रार्थना पत्रों को देने के बाद भी हल्के के पटवारी ने उनको आज तक रास्ता नहीं दिलाया। नई सराय निवासी मोहम्मद आसिफ का कहना है कि उनका मोबाइल चोरी हो गया था। लेकिन पुलिस ने तहरीर लेने के बाद भी उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। समाधान दिवस का अधिकारियों की ओर से प्रचार प्रचार न किए जाने से लोगों की संख्या कम रही।
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