{"_id":"60b52f988ebc3edea103c6a3","slug":"cross-investigation-of-shopping-in-kasturba-schools-bijnor-news-mrt5407253174","type":"story","status":"publish","title_hn":"कस्तूरबा स्कूलों में खरीदरारी की क्रास जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कस्तूरबा स्कूलों में खरीदरारी की क्रास जांच
विज्ञापन
कस्तूरबा स्कूलों में खरीदारी की क्रॉस जांच
बिजनौर। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में खाद्यान्न सामग्री, मेडिकल केयर, कंटीजेंसी, स्टेशनरी में छात्राओं की बिना उपस्थिति के सामान खरीदने का मामला तूल पकड़ रहा है। राज्य परियोजना निदेशक के बाद अब जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। प्रशासन ने कस्तूरबा स्कूलों में सामान की खरीदारी की क्रास जांच करने की तैयारी शुरू कर दी है।
फरवरी, मार्च के महीने में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षा विभाग ने 74 लाख के सामान की खरीदारी कर डाली। जबकि प्रेरणा पोर्टल पर छात्रों की उपस्थिति शून्य दर्शाई गई है। शिक्षा विभाग की ओर से की गई खरीदारी में भोजन मद से 44.773 लाख रुपये, मेडिकल केयर व कंटीजेंसी मद से 17.298 लाख रुपये तथा स्टेशनरी एवं शिक्षण सामग्री मद से 12.817 लाख रुपये के सामान की खरीदारी की गई है। जिले में कुल 74.888 लाख रुपये की खरीदारी की गई है, पर प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की उपस्थिति शून्य जाने से शासन द्वारा मामला पकड़ में आ गया।
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद द्वारा बीएसए का जवाब तलब किए जाने के बाद अब प्रशासन भी हरकत में आ गया है। प्रशासन ने कस्तूरबा स्कूलों के सामान की खरीदारी मामले की क्रास चेकिंग कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इन स्कूलों में पिछले कई वर्षों से सामान की सप्लाई दे रही दो संस्थाएं भी चर्चा का विषय बनी हुई है। शिक्षा विभाग अब मामले को सुलझाने में लग गया है। पिछले तीन-चार दिन से इन स्कूलों के लिपिकों को बेसिक शिक्षा विभाग में बुलाया जा रहा है। उधर, उपस्थिति पोर्टल पर न चढ़ाने के लिए शिक्षा अधिकारी वार्डन को जिम्मेदार बता रहे हैं और खरीद नियमानुसार होने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन
यदि गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई : सीडीओ
कस्तूरबा स्कूलों के सामान की खरीदारी से पहले जिले के अफसरों से अनुमोदन किया गया या नहीं, यह भी चर्चा में है। मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि कस्तूरबा स्कूलों के सामान की खरीदारी में बरती गई अनियमितताओं का मामला उनके संज्ञान में आ गया है। पूरे मामले को क्रॉस चैक कराया जाएगा। इन स्कूलों में फरवरी व मार्च के महीने में क्या-क्या सामान खरीदा गया है, इसको देखा जाएगा। शासन के क्या आदेश थे, उन सबको देखा जाएगा। मामले में शिक्षा विभाग का जो भी अधिकारी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
एडी बेसिक करेंगे पूरे मामले की जांच
शिक्षा विभाग की सूत्रों की माने तो कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में हुई खरीदारी के मामले में शासन स्तर से सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक मुरादाबाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। शिक्षा विभाग कार्यालय की मानें तो मंगलवार को एडी बेसिक मुरादाबाद बीएसए कार्यालय पहुंच कर पूरे प्रकरण की जांच करेंगे। एडी बेसिक को भी जांच अधिकारी बनाए जाने से शिक्षा विभाग के अफसर परेशान हैं। माना जा रहा है कि कई मदों से की गई खरीदारी में अनियमितता बरती गई है।
विज्ञापन
बिजनौर। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में खाद्यान्न सामग्री, मेडिकल केयर, कंटीजेंसी, स्टेशनरी में छात्राओं की बिना उपस्थिति के सामान खरीदने का मामला तूल पकड़ रहा है। राज्य परियोजना निदेशक के बाद अब जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। प्रशासन ने कस्तूरबा स्कूलों में सामान की खरीदारी की क्रास जांच करने की तैयारी शुरू कर दी है।
फरवरी, मार्च के महीने में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षा विभाग ने 74 लाख के सामान की खरीदारी कर डाली। जबकि प्रेरणा पोर्टल पर छात्रों की उपस्थिति शून्य दर्शाई गई है। शिक्षा विभाग की ओर से की गई खरीदारी में भोजन मद से 44.773 लाख रुपये, मेडिकल केयर व कंटीजेंसी मद से 17.298 लाख रुपये तथा स्टेशनरी एवं शिक्षण सामग्री मद से 12.817 लाख रुपये के सामान की खरीदारी की गई है। जिले में कुल 74.888 लाख रुपये की खरीदारी की गई है, पर प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की उपस्थिति शून्य जाने से शासन द्वारा मामला पकड़ में आ गया।
विज्ञापन
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद द्वारा बीएसए का जवाब तलब किए जाने के बाद अब प्रशासन भी हरकत में आ गया है। प्रशासन ने कस्तूरबा स्कूलों के सामान की खरीदारी मामले की क्रास चेकिंग कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इन स्कूलों में पिछले कई वर्षों से सामान की सप्लाई दे रही दो संस्थाएं भी चर्चा का विषय बनी हुई है। शिक्षा विभाग अब मामले को सुलझाने में लग गया है। पिछले तीन-चार दिन से इन स्कूलों के लिपिकों को बेसिक शिक्षा विभाग में बुलाया जा रहा है। उधर, उपस्थिति पोर्टल पर न चढ़ाने के लिए शिक्षा अधिकारी वार्डन को जिम्मेदार बता रहे हैं और खरीद नियमानुसार होने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन
यदि गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई : सीडीओ
कस्तूरबा स्कूलों के सामान की खरीदारी से पहले जिले के अफसरों से अनुमोदन किया गया या नहीं, यह भी चर्चा में है। मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि कस्तूरबा स्कूलों के सामान की खरीदारी में बरती गई अनियमितताओं का मामला उनके संज्ञान में आ गया है। पूरे मामले को क्रॉस चैक कराया जाएगा। इन स्कूलों में फरवरी व मार्च के महीने में क्या-क्या सामान खरीदा गया है, इसको देखा जाएगा। शासन के क्या आदेश थे, उन सबको देखा जाएगा। मामले में शिक्षा विभाग का जो भी अधिकारी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
एडी बेसिक करेंगे पूरे मामले की जांच
शिक्षा विभाग की सूत्रों की माने तो कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में हुई खरीदारी के मामले में शासन स्तर से सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक मुरादाबाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। शिक्षा विभाग कार्यालय की मानें तो मंगलवार को एडी बेसिक मुरादाबाद बीएसए कार्यालय पहुंच कर पूरे प्रकरण की जांच करेंगे। एडी बेसिक को भी जांच अधिकारी बनाए जाने से शिक्षा विभाग के अफसर परेशान हैं। माना जा रहा है कि कई मदों से की गई खरीदारी में अनियमितता बरती गई है।