विज्ञापन
विज्ञापन

पांच हजार शिल्पकारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट

ब्यूरो/अमर उजाला, नगीना Updated Thu, 08 Dec 2016 01:32 AM IST
नगीना काष्ठ कला के विभिन्न आइटम।
नगीना काष्ठ कला के विभिन्न आइटम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ख़बर सुनें
शीशम की लकड़ी से निर्मित हैंडीक्राफ्ट के आइटमों के निर्यात पर पाबंदी लगने से उद्यमियों और कारीगरों दोनों को झटका लगा है। इस व्यवसाय से जुड़े छोटे-बड़े इकाईयों में काम करने वाले करीब पांच हजार लोगों के समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
विज्ञापन
जिले के नगीना क्षेत्र में इस व्यवसाय से जुड़े कारोबारी मुरादाबाद से आर्डर लेकर शीशम की लकड़ियों के खूबसूरत सामानों का निर्माण करते हैं। इन सामानों पर कारीगरों की हुनर से तैयार की गई डिजाइन विदेशी लोगों को काफी आकर्षित करते हैं। यही कारण है कि शीशम की लकड़ी से बैन सामानों पर पाबंदी लगने से एक साल में करीब 200 करोड़ के विदेशी मुद्रा के नुकसान होने का अनुमान है। 

नगीना के मोहल्ला काजीसराय, लुहारीसराय और लालसराय में प्रमुख रूप से शीशम की लकड़ियों से सामान बनाया जाता है। यहां प्रमुख रूप से शीशम की लकड़ियों के ज्वैलरी बॉक्स तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा भी कई अन्य सामान भी आर्डर के आधार पर तैयार किया जाता है। 

 नगीना क्राफ्ट डेवलेपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष इरशाद अली मुलतानी के मुताबिक शीशम की लकड़ी देश में विदेशी मुद्रा लाने का बड़ा माध्यम है। नगीना में प्रतिवर्ष पांच हजार घन फीट शीशम की लकड़ी का आइटम बनाने में प्रयोग किया जाता है। यह लकड़ी उत्तर प्रदेश वन निगम से सरकारी रेट पर प्राप्त होती है।

इस लकड़ी के आइटमों को बनाने व समय से आर्डर पूरा करने के लिए शिल्पकारों को अग्रिम भुगतान करना पड़ता है। इसके बाद ही सप्लाई समय पर जा पाती है। उन्होंने बताया कि तीन दशक पूर्व आबनूस की लकड़ी पर हाथी दांत का इनले (भराव- सजावट) होता था।

  बाद में रोजवुड पर हाथी दांत व धातु से इनले होने लगा। रोजवुड महंगी होने के कारण पिछले करीब दो दशकों से शीशम की लकड़ी का प्रयोग व इस पर धातु का इनले किया जा रहा है। शीशम की लकड़ी पर पाबंदी लगने के बाद यह कारोबार केवल नगीना ही नहीं जयपुर, जोधपुर, भरतपुर का काष्ठ कला उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित होगा।

इस संबंध में रॉयल हैंडीक्राफ्ट के प्रबंधक जुल्फकार आलम बताते हैं कि शीशम की लकड़ी का प्रयोग हैंडीक्राफ्ट में प्रतिबंधित करने से देश को प्राप्त होने वाली विदेशी मुद्रा का भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि जो ऑर्डर वर्तमान में तैयार किए जा रहे हैं, निर्यातकों को दे दी जाएगी। 

यह है नोटिफिकेशन
कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन इंडेंजर्ड स्पिशीज (सीआईटीईएस) की जोहानसबर्ग में अक्तूबर 2016 में बैठक हुई थी। बैठक के बाद अब 29 नवंबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें शीशम की लकड़ी डलबर्गा प्रजाति में आने की बात कही गई है। यह भी कहा गया है कि इसे अनुसूची एक से हटाकर अनुसूची दो में लाया गया है, जो प्रतिबंधित है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अब शीशम से बने हैंडीक्राफ्ट के आयात और निर्यात पर पाबंदी रहेगी।
विज्ञापन

Recommended

बायोमेडिकल एवं लाइफ साइंस में लेना है एडमिशन, ये है सबसे नामी संस्था
Dolphin PG

बायोमेडिकल एवं लाइफ साइंस में लेना है एडमिशन, ये है सबसे नामी संस्था

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस जन्माष्टमी मथुरा में कराएं राधा-कृष्ण युगल पूजा, 24 अगस्त को
Astrology Services

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस जन्माष्टमी मथुरा में कराएं राधा-कृष्ण युगल पूजा, 24 अगस्त को

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Meerut

दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर और ट्रक की भीषण टक्कर, तीन मजदूरों की मौत, 10 लोग घायल

बिजनौर जिले के शेरकोट थाना क्षेत्र में भूतपुरी रामगंगा पुल के समीप ट्रैक्टर और ट्रक की आमने सामने से हुई टक्कर में ट्रैक्टर पर सवार तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 मजदूर घायल हो गए।

22 अगस्त 2019

विज्ञापन

INX मीडिया केस: पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर भड़के बेटे कार्ति, ‘हम लड़ेंगे राजनीतिक और कानूनी लड़ाई'

पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने चेन्नई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके पिता की गिरफ्तारी अनुचित और राजनीतिक विद्वेषपूर्ण है।

22 अगस्त 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree