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हादसे में शिक्षामित्र और उसकी बेटी की मौत

Wed, 18 Jul 2018 11:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Updated Wed, 18 Jul 2018 11:27 PM IST
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Shikmitra and his daughter's death in an accident
शिक्षामित्र और उसकी बेटी की मौत के बाद मौके पर जाम लगाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर के रेहड़ में वन विभाग उत्तराखंड के पश्चिमी तराई वन प्रभागीय अधिकारी की गाड़ी ने स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे मं स्कूटी सवार शिक्षामित्र और उसकी पांच वर्षीय पुत्री की मौत हो गई। घटना के बाद गाड़ी में सवार अधिकारी और चालक फरार हो गए। घटना स्थल दो प्रदेशों की सीमा का होने के कारण काफी देर तक मां-बेटी के शव घटनास्थल पर ही पडे़ रहे। वहीं, घटना से गुस्साई भीड़ ने यूपी और उत्तराखंड बार्डर पर नादैही चीनी मिल स्थित पुलिस चौकी के पास करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। बाद में उत्तराखंड की जसपुर पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और वन विभाग की गाड़ी को कब्जे में ले लिया।
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जिला मुरादाबाद के गांव खैरुल्लापुर निवासी कपिल ने बताया कि उसके भाई विपिन चौहान की 37 वर्षीय पत्नी निधि चौहान अफजलगढ़ नगर में स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में समायोजित शिक्षामित्र थी। उसका मायका अफजलगढ़ थाने के गांव आलमपुर गांवड़ी का था। बुधवार को गांव से वह अपनी पांच वर्ष की बेटी आरोही को स्कूटी से लेकर अफजलगढ़ जा रही थी। रास्ते में भूतपुरी-जसपुर मार्ग पर रेहड़ थाने के समीपवर्ती गांव अल्हेपुर के पास स्कूटी और सामने से आ रही स्कार्पियो कार में टक्कर हो गई। हादसे में निधि की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि आरोही गंभीर रूप से घायल हो गई। वह धामपुर के सेंटमेरी स्कूल में कक्षा एक की छात्रा थी। घायल बच्ची को लोगों ने जसपुर के निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
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पुलिस के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की सूचना जसपुर और रेहड़ पुलिस को दी। आरोप है कि सूचना के काफी देर बाद दोनों प्रदेशों की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस कार्रवाई करने स्थान पर सीमा विवाद में उलझ गई। यूपी पुलिस उत्तराखंड की सीमा में हादसा होने की बात कहती रही, जबकि उत्तराखंड की जसपुर पुलिस घटना स्थल को यूपी में बताती रही। पुलिस की इस हरकत पर लोगों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। जसपुर विधायक आदेश चौहान मौके पर पहुंचे और उनके हस्तक्षेप पर डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद उत्तराखंड की जसपुर पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नादेही चौकी प्रभारी रविंद्र विष्ट ने बताया घटना की तहरीर पुलिस को मिल गई है।
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हादसे में जिले भर के शिक्षामित्रों में उबाल हादसे का पता लगने के बाद बिजनौर जिले के शिक्षामित्रों और समायोजित शिक्षामित्रों में आक्रोश फैल गया। शिक्षामित्र एकत्रित होकर घटना स्थल पर पहुंचे और जाम लगाकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि यूपी के शिक्षामित्र मानसिक रूप से परेशान हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सहायक अध्यापक की नौकरी जाने और यूपी की भाजपा सरकार की ओर से उनकी सुध न लिए जाने से वह घरों दूर नौकरी कर रहे हैं। एक साल के भीतर प्रदेश में 750 से ज्यादा शिक्षामित्रों की मौत हो चुकी है। शिक्षामित्रों ने निधि चौहान के स्थान उसके परिवार के सदस्य को नौकरी, 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान दिलावर सिंह, अहतेशाम, ऋषिपाल, गौरव शर्मा, ओमपाल, सचिन, पंकज, दीपक, भारती नेगी आदि रहे।
वन अधिकारी के बारे में किसी ने नहीं दी जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों के कहना है कि स्कोर्पियो कार उत्तराखंड के पश्चिमी तराई वन प्रभाग के अधिकारी की थी। जो देहरादून से रामनगर आ रही थी। बताया गया कि इस हादसे में प्रभागीय वन अधिकारी और उसका चालक भी घायल हुए हैं। इन्हें कहां भर्ती कराया गया है, इसके संबंध में जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि चौकी प्रभारी नादेही ने ऐसी कोई भी जानकारी देने से इंकार किया है।
शिक्षिका के परिजनों को नहीं मिलेगा लाभ : बीईओ बीईओ सुनील डबराल का कहना है कि हादसे में हताहत हुई महिला शिक्षामित्र के परिजनों को विभाग की ओर किसी प्रकार को कोई लाभ मिलने का प्रावधान नहीं है। जो मानदेय रुका होगा, वह परिजनों को दिलाने का प्रयास होगा।
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