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आत्मदाह करने पहुंचे राकेश के परिजनों को पुलिस ने रोका

Fri, 05 Oct 2018 11:11 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Updated Fri, 05 Oct 2018 11:11 PM IST
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Rakesh's family came to self-sacrifice, police stopped him
राकेश के परिवार को डीएम से वार्ता के लिए ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में शस्त्र लाइसेंस नहीं मिलने से नाराज राकेश के परिजन आत्मदाह करने के लिए शुक्रवार को घर से निकल पड़े। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और बिजनौर ले आई।  डीएम ने आर्थिक सहायता और शस्त्र लाइसेंस देने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद परिजन घर लौट गए। उधर, आत्मदाह करने की घोषणा से प्रशासन में हड़कंप मचा रहा।
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स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव रानानंगला निवासी राकेश की 27 सितंबर को गांव बेरखेड़ा में दुकान पर जलेबी खाते समय बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। कुख्यात आदित्य गैंग ने इस घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में आदित्य, उसके चचेरे भाई राहुल, रोबिन, बहन मोनिका समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। राहुल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया जबकि रोबिन को पुलिस ने दबोच लिया था। बाकी की तलाश में पुलिस जुटी है। आदित्य मेरठ जेल में बंद है। राकेश की अंत्येष्टी के दौरान परिजनों ने अपने घरों पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिख दिया था। उन्होंने दो दिन में शस्त्र लाइसेंस न बनने पर कलक्ट्रेट में जाकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। इसे लेकर पुलिस में खलबली मची हुई थी। पुलिस राकेश के परिजनों पर नजर रखे थे। शुक्रवार को राकेश की पत्नी संतोष, पुत्र सुमित, बेटी लवली, मुकेश की पत्नी सुनीता, पुत्र आशीष, बेटी श्रुति, आशीष के मामा अनिल चौधरी, फूफा संदीप कार में सवार होकर आत्मदाह करने के लिए बिजनौर कलक्ट्रेट के लिए निकल पड़े।
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मगर, पुलिस ने गांव राहूनंगला में ही परिजनों की कार को रोक लिया और सुरक्षा में उन्हें लेकर बिजनौर पहुंची। डीएम अटल कुमार राय के साथ परिजनों की घंटों वार्ता हुई। परिजनों ने बताया राकेश से पूर्व उसके भाई मुकेश की भी आदित्य ने हत्या कर दी थी। परिजनों को आदित्य के गैंग से जान का खतरा है। डीएम ने परिजनों को आर्थिक सहायता और शस्त्र लाइसेंस दिलाने का आश्वासन दिया है। डीएम के आश्वासन पर राकेश के परिजन घर लौट गए।
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