{"_id":"5715292e4f1c1bf4338b493f","slug":"munir-suspected-shooter-to-surrender-in-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"शूटर मुनीर के अदालत में समर्पण करने का अंदेशा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शूटर मुनीर के अदालत में समर्पण करने का अंदेशा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:06 AM IST
विज्ञापन
बदमाश मुनीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ में एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या करने वाले शातिर अपराधी मुनीर के अभी तक गिरफ्तार न होने से उसके चुपचाप अदालत में समर्पण करने का अंदेशा बना हुआ है। इसे लेकर अधिकारी परेशान हैं। इसी क्रम में डीजीपी जावीद अहमद ने सोमवार शाम को एटीएस व एसटीएफ के अधिकारियों को तलब कर उनसे प्रगति जानी।
डीजीपी ने एसटीएफ व एटीएस दोनों के ही आईजी को शाम अपने कार्यालय में तलब कर उनसे मुनीर के मामले में अब तक हुई प्रगति के बारे में पूछताछ की। हालांकि, मुनीर को एसटीएफ, एटीएस, बिजनौर पुलिस, दिल्ली स्पेशल सेल और एनआईए भी तलाश कर रही है, पर वह अभी तक हाथ नहीं लग सका है। पुलिस और जांच एजेंसियों के कई सूरमा उसकी तलाश में पश्चिम से लेकर पूर्वांचल के कई जिलों में धूल छान चुके हैं, पर वहीं कहीं नहीं मिला।
हैरत की बात तो यह है दावे छोड़ कर कि अभी तक किसी जांच एजेंसी के पास कोई ऐसी ठोस सूचना नहीं है, कि मुनीर किस जिले में छिपा हुआ है। जो पता भी चला तो वह मुनीर के निकल जाने के बाद। मुनीर की तलाश का अभी तक का नतीजा यह है कि न किसी के पास कोई ठोस सूचना है और न किसी को उसके किसी खास साथी की जानकारी मिल पा रही है।
विज्ञापन
उसके जिन दो साथियों के बारे में जानकारी सामने आई थी, उसमें से भी एक के बारे में सूचना गलत निकल गई। एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने माना कि मुनीर के दो साथियों टांडा निवासी मुजम्मिल और अंबेडकरनगर निवासी सऊद के बारे में जानकारी आई थी। पर मुजम्मिल का उससे कोई नाता नहीं पाया गया है। बताया कि मुजम्मिल के परिवार के सदस्यों ने एडीजी से भेंट कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इस पर जब दोबारा पड़ताल की गई तो सही बात सामने आई।
ऐसे में अब मुनीर का एक ही साथी सऊद सामने आया है। एडीजी ने माना कि बिजनौर में बैंक की कैश वैन से 91 लाख रुपये की लूट के समय वह भी मुनीर के साथ था। वह भी अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है। उसकी अलग तलाश चल रही है। सूत्रों का कहना है कि उच्च अधिकारियों ने इस बीच अभिसूचना विभाग को भी सचेत किया गया है कि वह इस बात को लेकर चौकस रहें कि किसी मुनीर अदालत में समर्पण करने की कोशिश करे तो इसकी जानकारी तत्काल दे दी जाए, जिससे उसे पहले ही पकड़ा जा सके।
विज्ञापन
डीजीपी ने एसटीएफ व एटीएस दोनों के ही आईजी को शाम अपने कार्यालय में तलब कर उनसे मुनीर के मामले में अब तक हुई प्रगति के बारे में पूछताछ की। हालांकि, मुनीर को एसटीएफ, एटीएस, बिजनौर पुलिस, दिल्ली स्पेशल सेल और एनआईए भी तलाश कर रही है, पर वह अभी तक हाथ नहीं लग सका है। पुलिस और जांच एजेंसियों के कई सूरमा उसकी तलाश में पश्चिम से लेकर पूर्वांचल के कई जिलों में धूल छान चुके हैं, पर वहीं कहीं नहीं मिला।
विज्ञापन
हैरत की बात तो यह है दावे छोड़ कर कि अभी तक किसी जांच एजेंसी के पास कोई ऐसी ठोस सूचना नहीं है, कि मुनीर किस जिले में छिपा हुआ है। जो पता भी चला तो वह मुनीर के निकल जाने के बाद। मुनीर की तलाश का अभी तक का नतीजा यह है कि न किसी के पास कोई ठोस सूचना है और न किसी को उसके किसी खास साथी की जानकारी मिल पा रही है।
विज्ञापन
उसके जिन दो साथियों के बारे में जानकारी सामने आई थी, उसमें से भी एक के बारे में सूचना गलत निकल गई। एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने माना कि मुनीर के दो साथियों टांडा निवासी मुजम्मिल और अंबेडकरनगर निवासी सऊद के बारे में जानकारी आई थी। पर मुजम्मिल का उससे कोई नाता नहीं पाया गया है। बताया कि मुजम्मिल के परिवार के सदस्यों ने एडीजी से भेंट कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इस पर जब दोबारा पड़ताल की गई तो सही बात सामने आई।
ऐसे में अब मुनीर का एक ही साथी सऊद सामने आया है। एडीजी ने माना कि बिजनौर में बैंक की कैश वैन से 91 लाख रुपये की लूट के समय वह भी मुनीर के साथ था। वह भी अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है। उसकी अलग तलाश चल रही है। सूत्रों का कहना है कि उच्च अधिकारियों ने इस बीच अभिसूचना विभाग को भी सचेत किया गया है कि वह इस बात को लेकर चौकस रहें कि किसी मुनीर अदालत में समर्पण करने की कोशिश करे तो इसकी जानकारी तत्काल दे दी जाए, जिससे उसे पहले ही पकड़ा जा सके।