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यूपी पुलिस का मोस्ट वांटेड बना मुनीर
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 03 May 2016 12:36 AM IST
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बदमाश मुनीर
- फोटो : अमर उजाला
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मुरादाबाद में एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या का मुख्य आरोपी मुनीर बिजनौर ही नहीं अब पूरी उत्तर प्रदेश पुलिस का मोस्ट वांटेड बन गया है। दो लाख रुपये का इनामी मुनीर प्रदेश के टॉप 20 बदमाशों की सूची में 19 वें स्थान पर है। जबकि मेरठ का मोनू गुर्जर इस सूची में पहले स्थान पर है। मुनीर पिछले एक माह से पुलिस और जांच एजेंसियों को छका रहा है।
बिजनौर के सहसपुर गांव में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के डिप्टी एसपी मो. तंजील अहमद की दो अप्रैल की रात बिजनौर के सहसपुर गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि उनकी पत्नी को भी गोलियां मारी गई थीं। इलाज के दौरान पत्नी फरजाना ने भी दम तोड़ दिया था। इस सनसनीखेज डबल मर्डर से उत्तर प्रदेश पुलिस ही नहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी में हड़कंप मच गया था। पुलिस की जांच में सहसपुर के हिस्ट्रीशीटर मुनीर का इस हत्याकांड में नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने मुनीर की तलाश में ताबड़तोड़ दबिशें दीं। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। मुनीर अलीगढ़ में छात्र नेता आलम गीर और व्यापारी फहद की हत्या कर चुका था। वहां उस पर पांच हजार का इनाम घोषित था। पुलिस ने अलीगढ़ से भी इनपुट जुटाया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद मुनीर पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस और जांच एजेंसियां उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, दिल्ली और हरियाणा में तलाशती रहीं। लेकिन पुलिस के हाथ मुनीर तक नहीं पहुंच पाए। शासन के आदेश पर मुनीर पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित हो चुका है। अब मुनीर उत्तर प्रदेश पुलिस का मोस्टवांटेड बन गया है।
प्रदेश के टॉप 20 बदमाशों में मुनीर अपनी जगह बना चुका है। इसके अलावा कुख्यात अपराधी मोनू गुर्जर, बलराज भाटी, बबली कौल, कौशल कुमार, विनोद कुमार, मनीष सिंह, संजीव नला, सुधीर उर्फ महकार सिंह, राम नरेश ठाकुर, विश्वास नेपाली, सुनील यादव, अजीम अहमद, शाहबुद्दीन, मनीष सिंह, बग्गा सिंह, अर्तउरहमान, बाहर उर्फ बहाउद्दीन और रिंकू सिंह भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
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मुनीर की तलाश में एटीएस की एक टीम नेपाल में
लखनऊ। एनआईए के अधिकारी तंजील अहमद की हत्या में वांछित इनामी अपराधी मुनीर के नेपाल में छिपा होने के अंदेशे पर उसके वहां सेफ हाउस की सूचना की पुष्टि की जा रही है। इसके लिए एटीएस की एक टीम नेपाल भेजी गई है। आपरेशन मुनीर में जुटी एटीएस की टीम फिलहाल वहां मुनीर के होने अथवा न होने की सूचना बटोरने गई है। नेपाल की सूचना पुख्ता होने के बाद एटीएस नेपाल पुलिस से सहयोग लेकर मुनीर को दबोचने के लिए जरूरी कवायद शुरू करेगी। सूत्रों का कहना है कि नेपाल के एक खास जिले में मुनीर की सक्रियता की जानकारी सामने आई है। इस बात की भी पुष्टि हो चुकी है कि तंजूल की हत्या का ताना-बाना काफी दिनों पहले ही बुन लिया गया था। इसके बाद मुनीर नेपाल गया था और वहां से लौटने के कुछ दिन बाद ही तंजील की हत्या कर दी गई थी। इस सूचना पर एटीएस यह मान रही है कि तंजील की हत्या के बाद मुनीर ने नेपाल में छिपने की तैयारी की हुई थी। इसी की जानकारी हासिल करने के लिए टीम वहां भेजी गई है। हालांकि, औपचारिक रूप से एटीएस के अधिकारी टीम नेपाल भेजे जाने की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। पर सूत्रों का कहना है कि चूंकि, एटीएस अपने स्तर से यह छानबीन कर रही है और इसके तहत टीम को चुपचाप भेजा गया है, लिहाजा इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है। अगर एटीएस नेपाल पुलिस के साथ मिलकर मुनीर के खिलाफ ज्वायंट आपरेशन करती है तब तब जाकर एजेंसी के अधिकारी इस बाबत कोई औपचारिक टिप्पणी कर सकेंगे। इस बीच बिजनौर पुलिस मुनीर की संपत्ति कुर्क करने के बाद अब उसके कुछ और नजदीकियों से पूछताछ कर रही है। ऐसे ही सऊद को तलाशने के लिए उसके तीन से अधिक करीबियों को अंबेडकरनगर से बिजनौर लाकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों में एक दर्जन से अधिक से पूछताछ की गई है। इस पूछताछ में सऊद के बारे में कई अहम जानकारियां हाथ आने की सूचना है। यह बात और है कि तमाम मशक्कत के बाद भी एटीएस, एनआईए, एसटीएफ, दिल्ली स्पेशल सेल, यूपी इंटेलीजेंस व बिजनौर पुलिस अभी तक की तंजील के हत्यारों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा सकी हैं।
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बिजनौर के सहसपुर गांव में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के डिप्टी एसपी मो. तंजील अहमद की दो अप्रैल की रात बिजनौर के सहसपुर गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि उनकी पत्नी को भी गोलियां मारी गई थीं। इलाज के दौरान पत्नी फरजाना ने भी दम तोड़ दिया था। इस सनसनीखेज डबल मर्डर से उत्तर प्रदेश पुलिस ही नहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी में हड़कंप मच गया था। पुलिस की जांच में सहसपुर के हिस्ट्रीशीटर मुनीर का इस हत्याकांड में नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने मुनीर की तलाश में ताबड़तोड़ दबिशें दीं। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। मुनीर अलीगढ़ में छात्र नेता आलम गीर और व्यापारी फहद की हत्या कर चुका था। वहां उस पर पांच हजार का इनाम घोषित था। पुलिस ने अलीगढ़ से भी इनपुट जुटाया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद मुनीर पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस और जांच एजेंसियां उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, दिल्ली और हरियाणा में तलाशती रहीं। लेकिन पुलिस के हाथ मुनीर तक नहीं पहुंच पाए। शासन के आदेश पर मुनीर पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित हो चुका है। अब मुनीर उत्तर प्रदेश पुलिस का मोस्टवांटेड बन गया है।
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प्रदेश के टॉप 20 बदमाशों में मुनीर अपनी जगह बना चुका है। इसके अलावा कुख्यात अपराधी मोनू गुर्जर, बलराज भाटी, बबली कौल, कौशल कुमार, विनोद कुमार, मनीष सिंह, संजीव नला, सुधीर उर्फ महकार सिंह, राम नरेश ठाकुर, विश्वास नेपाली, सुनील यादव, अजीम अहमद, शाहबुद्दीन, मनीष सिंह, बग्गा सिंह, अर्तउरहमान, बाहर उर्फ बहाउद्दीन और रिंकू सिंह भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
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मुनीर की तलाश में एटीएस की एक टीम नेपाल में
लखनऊ। एनआईए के अधिकारी तंजील अहमद की हत्या में वांछित इनामी अपराधी मुनीर के नेपाल में छिपा होने के अंदेशे पर उसके वहां सेफ हाउस की सूचना की पुष्टि की जा रही है। इसके लिए एटीएस की एक टीम नेपाल भेजी गई है। आपरेशन मुनीर में जुटी एटीएस की टीम फिलहाल वहां मुनीर के होने अथवा न होने की सूचना बटोरने गई है। नेपाल की सूचना पुख्ता होने के बाद एटीएस नेपाल पुलिस से सहयोग लेकर मुनीर को दबोचने के लिए जरूरी कवायद शुरू करेगी। सूत्रों का कहना है कि नेपाल के एक खास जिले में मुनीर की सक्रियता की जानकारी सामने आई है। इस बात की भी पुष्टि हो चुकी है कि तंजूल की हत्या का ताना-बाना काफी दिनों पहले ही बुन लिया गया था। इसके बाद मुनीर नेपाल गया था और वहां से लौटने के कुछ दिन बाद ही तंजील की हत्या कर दी गई थी। इस सूचना पर एटीएस यह मान रही है कि तंजील की हत्या के बाद मुनीर ने नेपाल में छिपने की तैयारी की हुई थी। इसी की जानकारी हासिल करने के लिए टीम वहां भेजी गई है। हालांकि, औपचारिक रूप से एटीएस के अधिकारी टीम नेपाल भेजे जाने की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। पर सूत्रों का कहना है कि चूंकि, एटीएस अपने स्तर से यह छानबीन कर रही है और इसके तहत टीम को चुपचाप भेजा गया है, लिहाजा इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है। अगर एटीएस नेपाल पुलिस के साथ मिलकर मुनीर के खिलाफ ज्वायंट आपरेशन करती है तब तब जाकर एजेंसी के अधिकारी इस बाबत कोई औपचारिक टिप्पणी कर सकेंगे। इस बीच बिजनौर पुलिस मुनीर की संपत्ति कुर्क करने के बाद अब उसके कुछ और नजदीकियों से पूछताछ कर रही है। ऐसे ही सऊद को तलाशने के लिए उसके तीन से अधिक करीबियों को अंबेडकरनगर से बिजनौर लाकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों में एक दर्जन से अधिक से पूछताछ की गई है। इस पूछताछ में सऊद के बारे में कई अहम जानकारियां हाथ आने की सूचना है। यह बात और है कि तमाम मशक्कत के बाद भी एटीएस, एनआईए, एसटीएफ, दिल्ली स्पेशल सेल, यूपी इंटेलीजेंस व बिजनौर पुलिस अभी तक की तंजील के हत्यारों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा सकी हैं।