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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Marie was the only way to remove the bullet from her husband

पति ने ही रास्ते से हटाने के लिए मारी थी गोली

Tue, 03 Jan 2017 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Tue, 03 Jan 2017 12:02 AM IST
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नहटौर में ग्राम प्रधान के पति की दूसरी पत्नी को नववर्ष का जश्न मनाते समय गोली लगने की कहानी झूठी निकली। दो पत्नियों के बीच चल रहे विवाद में प्रधान के पति ने ही दूसरी पत्नी को ठिकाने लगाने के इरादे से गोली मारी। पुलिस ने आरोपी प्रधान के पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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नववर्ष की रात गांव सदरूद्दीनगर के ग्राम प्रधान के पति इरफान अहमद की दूसरी पत्नी रूखसाना के पेट में गोली लग गई थी। नववर्ष के जश्न के दौरान गोली लगने की कहानी बताई गई। पुलिस के मुताबिक इरफान अहमद की गुलशन जहां पहली पत्नी है। गुलशनजहां वर्तमान में ग्राम प्रधान है। रुखसाना ने अपने पति की मौत के बाद इरफान से निकाह किया था। रूखसाना के नाम दो कीमती प्लाट थे। ग्राम प्रधानी के चुनाव में दोनों प्लाटों को बेचकर रूखसाना को ग्राम प्रधान बनाने का वादा किया गया था, लेकिन इरफान ने अपनी पहली  पत्नी गुलशन जहां को ग्राम प्रधान बना दिया। जब से ही दोनों पत्नियों के बीच विवाद चलने लगा। कुछ  दिन पूर्व भी रुखसाना को डराया धमकाया गया था। नववर्ष की रात रुखसाना से पीछा छुटाने के लिए इरफान ने गोली मार दी। जो उसके पेट में लग गई। रूखसाना का मेरठ में उपचार चल रहा है। कोतवाल प्रेमवीर राणा के मुताबिक इरफान  के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। रविवार को मंडावर थाने के गांव इनामपुरा के सुमित को किसी ने गोली नहीं मारी थी, बल्कि उसने लोहे के नट को गर्म करके खुद ही हाथ में गोली लगने का निशान विरोधियों को फंसाने  के लिए बनाया था। पुलिस की जांच में गोली लगने की कहानी झूठी पाई गई। पुलिस ने सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मारपीट व जान लेवा हमले के आरोप में जेल भेज दिया है। ऐहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात कर दी है। 
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शनिवार रात गांव इनामपुरा में दो पक्षों में मारपीट व फायरिंग हुई थी। मामला अलग-अलग संप्रदाय से जुड़े होने के कारण दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। इस मामले में नवेद ने सौरभ, सचिन, शक्ति व  बबलू विश्नोई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक बाद में नवेद ने बताया कि मारपीट में बबलू विर्श्नोई नहीं बल्कि उसका बेटा सुमित  शामिल था। पुलिस ने रिपोर्ट में पिता की जगह सुमित का नाम शामिल कर लिया। रविवार  की शाम करीब छह बजे सुमित को गोली लगने की सूचना मिली।  सुमित को जिला अस्पताल लाया गया। सुमित के परिजन दूसरे पक्ष  के खिलाफ जान लेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़ गए। पुलिस सुमित के गोली लगने की घटना को संदिग्ध मान रही  थी। सुमित को मेरठ रेफर किया गया। पुलिस की जांच में गोली लगने की घटना झूटी पाई गई । सीओ सिटी असित श्रीवास्तव व  मंडावर थाने के प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार सिंह के मुताबिक सुमित ने दूसरे पक्ष को फंसाने          के लिए झूठी कहानी बनाई थी। उसके कपड़े मेें गोली लगने का  कोई छेद नहीं पाया गया। कोई  खून भी शरीर से नहीं बहा था। चिकित्सक ने भी पुलिस को बताया कि सुमित को कोई गोली  नहीं लगी। नट को गर्म करके उसने खुद ही अपने शरीर पर गोली लगने का निशान बनाया था। सुमित को नवेद की ओर से दर्ज  कराई रिपोर्ट में गिरफ्तार कर लिया गया है।  दो संप्रदायों से विवाद  जुड़ा होने के कारण ऐहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
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