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बड़का गांव में युवक की चाकू मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:29 AM IST
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घटना की जानकारी लेती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत में बड़का गांव में बुधवार रात मछली पालन के लिए तालाब के विवाद को लेकर एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हत्या से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भिजवाया। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
राकेश (27) पुत्र ब्रजपाल बड़का गांव का रहने वाला था। वह बुधवार को तालाब के पास गया था। तभी पांच लोगों ने घेरकर उसकी पिटाई की और चाकू मारकर बुरी तरफ घायल कर दिया। राकेश के परिजन उसे घायल अवस्था में कोतवाली ले गए और बाद में सीएचसी पर उसका उपचार कराया और घर ले गए थे। देर रात उसने घर पर दम तोड़ दिया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा। बताया जाता है कि राकेश के चाचा मोहन ने गांव के तालाब को मछली पालन के लिये काफी वर्षों से पट्टे पर लिया हुआ था, लेकिन हाल में गांव के पूर्व प्रधान तेजपाल को इस तालाब का पट्टा छूट गया था।
इसी को लेकर दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी को लेकर बुधवार को यह घटना हुई। इस संबंध में तहेरे भाई उत्तम ने भूरा पुत्र तेजपाल, तेजपाल पुत्र सरदारा, मिक्कू पुत्र तेजपाल, बिल्लू पुत्र खरशेद, निवासी बड़का व दीपक निवासी हिलवाड़ी को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भूरा, तेजपाल व दीपक को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो अभी फरार हैं।
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छह माह पूर्व जताई थी हत्या की आशंका
बागपत में बड़का गांव के युवक राकेश की जान पुलिस की लापरवाही से गई है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी उनको धमकी दे रहा था। उन्होंने अपनी जान का खतरा जताते हुए छह माह पूर्व तत्कालीन एसपी को शिकायत पत्र दिया था, लेकिन अफसरों ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। बड़का गांव के कृष्णपाल (मृतक का चाचा) ने बताया वर्ष 1982 से गांव के तालाब में मछली पालन का ठेका उनके पास रहता था। करीब सात माह पहले गांव के पूर्व प्रधान तेजपाल के पक्ष में ठेका हो गया था। तेजपाल उनके परिवार से रंजिश रखता है। तेजपाल ने उसी समय कहा था कि तालाब में मछलियां मरीं तो जिम्मेदार उनका परिवार होगा। आरोपी ने उनको जान से मारने की धमकी दी थी। कृष्णपाल ने बताया कि उसने अपनी और अपने भतीजों की जान का खतरा जताते हुए एसपी दफ्तर पर पहुंचकर एसपी से शिकायत की थी। तत्कालीन एसपी ने आश्वासन दिया था कि ऐसी घटना नहीं होगी और धमकी देने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। तेजपाल ने उसके भतीजे की हत्या कर दी। पुलिस इस मामले में छह माह पूर्व ही कार्रवाई कर देती तो यह घटना न होती। इस संबंध में एसपी अजय शंकर राय का कहना है कि उनके सामने इस तरह की कोई बात नहीं आई है। यदि ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहींयुवक राकेश की ऐलान करके की गई हत्या से पीड़ित परिवार ही नहीं गांव के लोग भी दहशत में है। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे लोगों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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राकेश (27) पुत्र ब्रजपाल बड़का गांव का रहने वाला था। वह बुधवार को तालाब के पास गया था। तभी पांच लोगों ने घेरकर उसकी पिटाई की और चाकू मारकर बुरी तरफ घायल कर दिया। राकेश के परिजन उसे घायल अवस्था में कोतवाली ले गए और बाद में सीएचसी पर उसका उपचार कराया और घर ले गए थे। देर रात उसने घर पर दम तोड़ दिया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा। बताया जाता है कि राकेश के चाचा मोहन ने गांव के तालाब को मछली पालन के लिये काफी वर्षों से पट्टे पर लिया हुआ था, लेकिन हाल में गांव के पूर्व प्रधान तेजपाल को इस तालाब का पट्टा छूट गया था।
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इसी को लेकर दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी को लेकर बुधवार को यह घटना हुई। इस संबंध में तहेरे भाई उत्तम ने भूरा पुत्र तेजपाल, तेजपाल पुत्र सरदारा, मिक्कू पुत्र तेजपाल, बिल्लू पुत्र खरशेद, निवासी बड़का व दीपक निवासी हिलवाड़ी को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भूरा, तेजपाल व दीपक को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो अभी फरार हैं।
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छह माह पूर्व जताई थी हत्या की आशंका
बागपत में बड़का गांव के युवक राकेश की जान पुलिस की लापरवाही से गई है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी उनको धमकी दे रहा था। उन्होंने अपनी जान का खतरा जताते हुए छह माह पूर्व तत्कालीन एसपी को शिकायत पत्र दिया था, लेकिन अफसरों ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। बड़का गांव के कृष्णपाल (मृतक का चाचा) ने बताया वर्ष 1982 से गांव के तालाब में मछली पालन का ठेका उनके पास रहता था। करीब सात माह पहले गांव के पूर्व प्रधान तेजपाल के पक्ष में ठेका हो गया था। तेजपाल उनके परिवार से रंजिश रखता है। तेजपाल ने उसी समय कहा था कि तालाब में मछलियां मरीं तो जिम्मेदार उनका परिवार होगा। आरोपी ने उनको जान से मारने की धमकी दी थी। कृष्णपाल ने बताया कि उसने अपनी और अपने भतीजों की जान का खतरा जताते हुए एसपी दफ्तर पर पहुंचकर एसपी से शिकायत की थी। तत्कालीन एसपी ने आश्वासन दिया था कि ऐसी घटना नहीं होगी और धमकी देने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। तेजपाल ने उसके भतीजे की हत्या कर दी। पुलिस इस मामले में छह माह पूर्व ही कार्रवाई कर देती तो यह घटना न होती। इस संबंध में एसपी अजय शंकर राय का कहना है कि उनके सामने इस तरह की कोई बात नहीं आई है। यदि ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहींयुवक राकेश की ऐलान करके की गई हत्या से पीड़ित परिवार ही नहीं गांव के लोग भी दहशत में है। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे लोगों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।