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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   High Court strict on illegal occupation in Murgaon

मिर्दगान में अवैध कब्जे को लेकर हाईकोर्ट सख्त

Thu, 16 Mar 2017 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Thu, 16 Mar 2017 11:50 PM IST
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बिजनौर में हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मोहल्ला मिर्दगान में तालाब पर अवैध कब्जे के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम बिजनौर के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया है।
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  एसडीएम को इस मामले में आदेश के पालन कराने के लिए छह सप्ताह का समय दिया गया है। आदेश का पालन न हुआ तो एसडीएम को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया है।
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अधिवक्ता प्रसून तोमर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान में स्थित तालाब से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस पर पांच मई 2014 को डीएम बिजनौर को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार तालाब पर अवैध कब्जेदारों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। कार्रवाई न होने पर अवमानना याचिका दाखिल हुई तो तत्कालीन डीएम विनोद कुमार पंवार ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर अदालत को बताया था कि 23 अवैध कब्जेधारों की जांच कर पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
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इस पर अदालत ने पांच अक्तूबर 2015 को अवमानना याचिका पर कार्रवाई रोक दी थी। साथ ही कहा था कि अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती तो फिर से कोर्ट में आया जा सकता है। अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर प्रसून तोमर एडवोकेट की ओर से पुन: हाईकोर्ट में डीएम व एसडीएम बिजनौर के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की गई। इसमें कहा गया कि अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ एसडीएम द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। दस मार्च को हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुनीत कुमार ने सुनवाई करते हुए एसडीएम के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने एसडीएम को छह माह का समय अवैध कब्जाधारकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के लिए दिया है। कोर्ट ने कहा कि एसडीएम छह सप्ताह में कार्रवाई कर शपथ पत्र नहीं दाखिल करते हैं तो उन्हें न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत होना होगा।
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