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पूर्व मंत्री,बेटे को जमानत नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 25 May 2017 12:30 AM IST
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बिजनौर/पौड़ी में जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण के आरोपी पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन अमित चौहान सहित चार आरोपियों की जमानत याचिका अपर जिला जज कोटद्वार सहदेव सिंह ने निरस्त कर दी है।
बिजनौर निवासी रोहित कुमार ने 18 जनवरी 2013 को ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता जिला पंचायत सदस्य पवन कुमार 28 साथियों सहित ऋषिकेश के शिवा रिसोर्ट में ठहरे थे। बिजनौर में जिला पंचायत का उपचुनाव 21 जनवरी 2013 को होना था। इसमे छतर सिंह की पत्नी विजयवीरी व नसरीन सैफी मैदान में थीं। आरोपी सपा की नसरीन सैफी के पक्ष में मतदान कराना चाहते थे। 17/18 जनवरी 2013 की रात तत्कालीन मंत्री मूलचंद चौहान, उनका पुत्र अमित चौहान, राज्यमंत्री मनोज पारस, सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, सांसद यशवीर धोबी, सपा नेता शेरबाज पठान, सहित 150 आदमी लालबत्ती लगी गाड़ियों व पुलिस जीपों के काफिले के साथ शिवा रिसोर्ट में घुसे और वहां ठहरे सदस्यों का अपहरण कर ले गए।
कोर्ट में पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल होने के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान, उनके पुत्र अमित चौहान, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, कपिल गुर्जर ने अदालत में समर्पण कर दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश सहदेव सिंह की अदालत में सुनवाई में पूर्व मंत्री व उनके साथियों ने खुद को निर्दोष बताया। अपहृत सदस्यों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता शमीम अहमद नूरपुर ने जमानत याचिका का विरोध किया। साथ ही कहा कि उन्हें जमानत देने से गवाहों को खतरा है। कोर्ट ने कहा है कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रवृत्ति के हैं। इस स्तर पर आरोपियों को जमानत मिल गई तो साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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बिजनौर निवासी रोहित कुमार ने 18 जनवरी 2013 को ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता जिला पंचायत सदस्य पवन कुमार 28 साथियों सहित ऋषिकेश के शिवा रिसोर्ट में ठहरे थे। बिजनौर में जिला पंचायत का उपचुनाव 21 जनवरी 2013 को होना था। इसमे छतर सिंह की पत्नी विजयवीरी व नसरीन सैफी मैदान में थीं। आरोपी सपा की नसरीन सैफी के पक्ष में मतदान कराना चाहते थे। 17/18 जनवरी 2013 की रात तत्कालीन मंत्री मूलचंद चौहान, उनका पुत्र अमित चौहान, राज्यमंत्री मनोज पारस, सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, सांसद यशवीर धोबी, सपा नेता शेरबाज पठान, सहित 150 आदमी लालबत्ती लगी गाड़ियों व पुलिस जीपों के काफिले के साथ शिवा रिसोर्ट में घुसे और वहां ठहरे सदस्यों का अपहरण कर ले गए।
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कोर्ट में पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल होने के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान, उनके पुत्र अमित चौहान, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, कपिल गुर्जर ने अदालत में समर्पण कर दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश सहदेव सिंह की अदालत में सुनवाई में पूर्व मंत्री व उनके साथियों ने खुद को निर्दोष बताया। अपहृत सदस्यों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता शमीम अहमद नूरपुर ने जमानत याचिका का विरोध किया। साथ ही कहा कि उन्हें जमानत देने से गवाहों को खतरा है। कोर्ट ने कहा है कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रवृत्ति के हैं। इस स्तर पर आरोपियों को जमानत मिल गई तो साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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