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विषाक्त भोजन से परिवार बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:53 PM IST
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बिजनौर में अस्पताल मेंं भर्ती बीमार युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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नहटौर में गांव पालीजट में विषाक्त भोजन से एक ही परिवार के सात सदस्य बीमार पड़ गए। परिवार के सदस्यों को आलू-गोभी की सब्जी खाने के बाद उल्टी-दस्त होने शुरू हो गए। आसपास वाले उनकी बिगड़ती हालत देख उन्हें सीएचसी नहटौर ले गए। परिवार के सदस्यों के साथ आए तीमारदारों ने बताया कि काफी देर तक प्रतीक्षा के बाद चिकित्सकों के नहीं आने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गांव पालीजट निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात अपने परिवार के साथ आलू-गोभी की सब्जी खाई थी। परिवार के सदस्य भोजन कर सो गए। शनिवार तड़के बलवीर सिंह (45), उनकी पत्नी सर्वेश (40), पुत्र रवनीश (22), सिंटू (15), अंकुल (13) व पुत्री मोनिका (15) व पुत्रवधू पूरा (21) को उल्टी-दस्त होने शुरू हो गए। बलवीर सिंह ने अपने पड़ोसी को अपनी बीमारी के बारे में बताया। पड़ोसी ही परिवार के बीमार सातों सदस्यों को तड़के नहटौर सीएचसी लेकर गए। बलवीर सिंह का परिवार इलाज के लिए चिकित्सकों का इंतजार ही करता रहा गया। एक घंटे के बाद भी चिकित्सक के नहीं आने पर परिवार को फिर सुबह 9.30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि ऐसी स्थिति जब होती है, जब खाने में कोई जहरीला कीड़ा या पंछी चला जाए। परिवार के सदस्यों की सेहत में उपचार के बाद काफी सुधार है। अंकुल को थोड़ा ज्यादा नशा सा है। उन्होंने बताया कि 24 घंटे इनकी देखरेख रखी जाएगी।
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गांव पालीजट निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात अपने परिवार के साथ आलू-गोभी की सब्जी खाई थी। परिवार के सदस्य भोजन कर सो गए। शनिवार तड़के बलवीर सिंह (45), उनकी पत्नी सर्वेश (40), पुत्र रवनीश (22), सिंटू (15), अंकुल (13) व पुत्री मोनिका (15) व पुत्रवधू पूरा (21) को उल्टी-दस्त होने शुरू हो गए। बलवीर सिंह ने अपने पड़ोसी को अपनी बीमारी के बारे में बताया। पड़ोसी ही परिवार के बीमार सातों सदस्यों को तड़के नहटौर सीएचसी लेकर गए। बलवीर सिंह का परिवार इलाज के लिए चिकित्सकों का इंतजार ही करता रहा गया। एक घंटे के बाद भी चिकित्सक के नहीं आने पर परिवार को फिर सुबह 9.30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि ऐसी स्थिति जब होती है, जब खाने में कोई जहरीला कीड़ा या पंछी चला जाए। परिवार के सदस्यों की सेहत में उपचार के बाद काफी सुधार है। अंकुल को थोड़ा ज्यादा नशा सा है। उन्होंने बताया कि 24 घंटे इनकी देखरेख रखी जाएगी।
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