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लिपिक ने जहर खाकर जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 06 Nov 2016 12:23 AM IST
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बिजनौर में लिपिक घनेंद्र की मौत पर विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में जिला भूमि संरक्षण अधिकारी के कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक ने तनाव में जहर खाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव जंगल में मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला इंदु का आरोप है कि विभाग के अधिकारी के रिलीव नहीं करने के कारण ही तंग आकर ही उसके पति ने जान दी है। पुलिस ने वरिष्ठ लिपिक के जहर खाकर जान देने की पुष्टि की है।
विकास भवन में स्थित भूमि संरक्षण अधिकारी के कार्यालय के पास स्थित नवाब का अहाता में वरिष्ठ लिपिक घनेंद्र सिंह (50) रहता था। परिजनों और पुलिस के मुताबिक चार माह पूर्व घनेंद्र को भूमि संरक्षण अधिकारी के यहां से जिला प्रोबेशन कार्यालय में अटैच कर दिया गया। इस बात से घनेंद्र तनाव में रहने लगा था। उसने अटैचमेंट रद कराने के लिए काफी भागदौड़ की। एक माह पहले घनेंद्र को इसमें कामयाबी भी मिल गई। परिजनों का आरोप है कि प्रोबेशन कार्यालय के कार्यवाहक प्रभारी ने घनेंद्र को रिलीव नहीं किया। आरोप है कि वह रिलीव होने के लिए अफसरों के पास चक्कर काटता रहा। हालांकि किसी स्तर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इससे वह तनाव में हमेशा रहने लगा था। शुक्रवार को घनेंद्र कार्यालय गया। वहां से वह दिन में ही बाइक से कहीं निकल गया।
उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने घनेंद्र की तलाश की, पर वह नहीं मिला। परिजनों ने रात में घनेंद्र की शहर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस को इस दौरान लावारिस हालत में एक बाइक आदोपुर गांव के पास जंगल में खड़ी मिली थी। पुलिस बाइक को थाने ले आई। परिजनों ने घनेंद्र की बाइक पहचान ली। जंगल में घनेंद्र की तलाश की, पर वह नहीं मिला। शनिवार की सुबह परिजन जंगल में तलाश करने गए, तो जहां बाइक मिली थी। उससे कुछ दूरी पर घनेंद्र का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला। शव के पास पानी की बोतल व जेब में सल्फास की शीशी में दो गोली मिली थी। जेब से बाइक की चाबी भी मिली। पुलिस को बाइक लॉक लगी मिली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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महिला इंदु का आरोप है कि अधिकारी के रिलीव नहीं करने के कारण ही तंग आकर ही उसके पति ने जान दी है। उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया। शहर कोतवाल शैालेंद्र गौतम के मुताबिक घनेंद्र ने जहर खाकर खुदकशी की है। वरिष्ठ लिपिक मूल रूप से नांगल थाने के गांव जालपुर का रहने वाला था।
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विकास भवन में स्थित भूमि संरक्षण अधिकारी के कार्यालय के पास स्थित नवाब का अहाता में वरिष्ठ लिपिक घनेंद्र सिंह (50) रहता था। परिजनों और पुलिस के मुताबिक चार माह पूर्व घनेंद्र को भूमि संरक्षण अधिकारी के यहां से जिला प्रोबेशन कार्यालय में अटैच कर दिया गया। इस बात से घनेंद्र तनाव में रहने लगा था। उसने अटैचमेंट रद कराने के लिए काफी भागदौड़ की। एक माह पहले घनेंद्र को इसमें कामयाबी भी मिल गई। परिजनों का आरोप है कि प्रोबेशन कार्यालय के कार्यवाहक प्रभारी ने घनेंद्र को रिलीव नहीं किया। आरोप है कि वह रिलीव होने के लिए अफसरों के पास चक्कर काटता रहा। हालांकि किसी स्तर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इससे वह तनाव में हमेशा रहने लगा था। शुक्रवार को घनेंद्र कार्यालय गया। वहां से वह दिन में ही बाइक से कहीं निकल गया।
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उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने घनेंद्र की तलाश की, पर वह नहीं मिला। परिजनों ने रात में घनेंद्र की शहर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस को इस दौरान लावारिस हालत में एक बाइक आदोपुर गांव के पास जंगल में खड़ी मिली थी। पुलिस बाइक को थाने ले आई। परिजनों ने घनेंद्र की बाइक पहचान ली। जंगल में घनेंद्र की तलाश की, पर वह नहीं मिला। शनिवार की सुबह परिजन जंगल में तलाश करने गए, तो जहां बाइक मिली थी। उससे कुछ दूरी पर घनेंद्र का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला। शव के पास पानी की बोतल व जेब में सल्फास की शीशी में दो गोली मिली थी। जेब से बाइक की चाबी भी मिली। पुलिस को बाइक लॉक लगी मिली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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महिला इंदु का आरोप है कि अधिकारी के रिलीव नहीं करने के कारण ही तंग आकर ही उसके पति ने जान दी है। उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया। शहर कोतवाल शैालेंद्र गौतम के मुताबिक घनेंद्र ने जहर खाकर खुदकशी की है। वरिष्ठ लिपिक मूल रूप से नांगल थाने के गांव जालपुर का रहने वाला था।