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गुमनाम गौरक्षक बचा रहे गायों की जान
Updated Mon, 17 Jul 2017 12:20 AM IST
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गुमनाम गोरक्षक बचा रहे गायों की जान
किरतपुर (बिजनौर)। देश में गोरक्षा के नाम जगह-जगह खून-खराबे की वारदात हो रही हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री को फिर ऐसा करने वालों को चेतावनी देनी पड़ी है। वहीं सच्चे गोरक्षक गायों को की जान चुपचाप बचा रहे हैं।
थाने के हलका नंबर तीन के एक गांव में एक किसान ने अपनी बांझ गाय को शनिवार को बेच दिया। आशंका थी कि इस गाय का कटान किया जा सकता है। इसकी खबर क्षेत्र में चल रही एक गुमनाम संस्था को लग गई। समिति के युवक किसान के घर पहुंचे और शालीनता से किसान और गाय को खरीदने वालों से वार्ता की। गोरक्षकों ने बातों-बातों में किसान को उसके अपराध का बोध भी कराया। इसके बाद किसान ने खरीदार को उसके पैसे वापस कर दिए और गाय अपने पास रख ली।
किसान युवकों की नसीहत सुनकर पानी-पानी हो गया। उसने भविष्य में अपने किसी भी पशु को ऐसे लोगों को नहीं बेचने का आश्वासन दिया, जहां उसके कटान की आशंका हो। सुर्खियों में न रहकर इस तरह के कार्य करने वाले लोगों व संगठनों की लोगों ने जमकर सराहना की है। वहीं कथित गोरक्षकों से उनसे सबक लेने को भी कहा है।
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किरतपुर (बिजनौर)। देश में गोरक्षा के नाम जगह-जगह खून-खराबे की वारदात हो रही हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री को फिर ऐसा करने वालों को चेतावनी देनी पड़ी है। वहीं सच्चे गोरक्षक गायों को की जान चुपचाप बचा रहे हैं।
थाने के हलका नंबर तीन के एक गांव में एक किसान ने अपनी बांझ गाय को शनिवार को बेच दिया। आशंका थी कि इस गाय का कटान किया जा सकता है। इसकी खबर क्षेत्र में चल रही एक गुमनाम संस्था को लग गई। समिति के युवक किसान के घर पहुंचे और शालीनता से किसान और गाय को खरीदने वालों से वार्ता की। गोरक्षकों ने बातों-बातों में किसान को उसके अपराध का बोध भी कराया। इसके बाद किसान ने खरीदार को उसके पैसे वापस कर दिए और गाय अपने पास रख ली।
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किसान युवकों की नसीहत सुनकर पानी-पानी हो गया। उसने भविष्य में अपने किसी भी पशु को ऐसे लोगों को नहीं बेचने का आश्वासन दिया, जहां उसके कटान की आशंका हो। सुर्खियों में न रहकर इस तरह के कार्य करने वाले लोगों व संगठनों की लोगों ने जमकर सराहना की है। वहीं कथित गोरक्षकों से उनसे सबक लेने को भी कहा है।
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