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सरकारी धन का दुरूपयोग करने पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सस्पेंड
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:19 AM IST
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सरकारी धन के दुरुपयोग पर वीडीओ सस्पेंड
बिजनौर। डीपीआरओ ने अफजलगढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी इरफान अली को सरकारी धन के दुरुपयोग और शौचालय निर्माण में अपात्र लाभार्थियों का चयन करने के मामले में सस्पेंड कर दिया है। जांच में यह बात सामने आई है कि जिन शौचालयों का निर्माण अधूरा दिखाया गया है उनकी छत बरसात में टपक रही थी।
डीपीआरओ मनीष कुमार के अनुसार इरफान अली मंसूरी अफजलगढ़ ब्लाक में ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। इससे पहले वह धामपुर ब्लाक में तैनात थे। धामपुर में तैनाती के दौरान ग्राम पंचायत मुबारकपुर ठप्पा भारती में 135 शौचालयों की धनराशि आवंटित की गई थी। इसके सापेक्ष 126 शौचालय बने। जांच में यह बात सामने आई की 66 शौचालय बने तो थे, लेकिन उनकी रंगाई पुताई नहीं की गई। 60 शौचालय में छत, प्लास्टर और गड्ढों की नापतोल में कमी पाई गई। शौचालयों की छत में घटिया निर्माण सामग्री लगाई गई थी। इससे बरसात में पानी टपक रहा था।
पुराने बने शौचालयों को भी नए शौचालयों में दर्शा दिया गया। एक अगस्त के तहसील दिवस में ग्राम पंचायत नवादा केशो में अवैध शौचालय निर्माण की शिकायत की गई, इसकी जांच युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और एडीओ पंचायत से अलग-अलग कराई गई। जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्राम पंचायत में 143 लाभार्थियों के स्थान पर 175 लाभार्थियों को चयन किया गया। इनमें 32 लाभार्थी अपात्र पाए गए। शासकीय धन के दुरुपयोग एंव अपात्र लाभार्थियों के चयन में प्रथम दृष्टया इरफान अली मंसूरी दोषी पाए गए हैं। इसके लिए उन्हें निलंबिल कर दिया गया है। निलंबन के दौरान वे अफजलगढ़ ब्लाक से संबद्ध रहेंगे।
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बिजनौर। डीपीआरओ ने अफजलगढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी इरफान अली को सरकारी धन के दुरुपयोग और शौचालय निर्माण में अपात्र लाभार्थियों का चयन करने के मामले में सस्पेंड कर दिया है। जांच में यह बात सामने आई है कि जिन शौचालयों का निर्माण अधूरा दिखाया गया है उनकी छत बरसात में टपक रही थी।
डीपीआरओ मनीष कुमार के अनुसार इरफान अली मंसूरी अफजलगढ़ ब्लाक में ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। इससे पहले वह धामपुर ब्लाक में तैनात थे। धामपुर में तैनाती के दौरान ग्राम पंचायत मुबारकपुर ठप्पा भारती में 135 शौचालयों की धनराशि आवंटित की गई थी। इसके सापेक्ष 126 शौचालय बने। जांच में यह बात सामने आई की 66 शौचालय बने तो थे, लेकिन उनकी रंगाई पुताई नहीं की गई। 60 शौचालय में छत, प्लास्टर और गड्ढों की नापतोल में कमी पाई गई। शौचालयों की छत में घटिया निर्माण सामग्री लगाई गई थी। इससे बरसात में पानी टपक रहा था।
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पुराने बने शौचालयों को भी नए शौचालयों में दर्शा दिया गया। एक अगस्त के तहसील दिवस में ग्राम पंचायत नवादा केशो में अवैध शौचालय निर्माण की शिकायत की गई, इसकी जांच युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और एडीओ पंचायत से अलग-अलग कराई गई। जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्राम पंचायत में 143 लाभार्थियों के स्थान पर 175 लाभार्थियों को चयन किया गया। इनमें 32 लाभार्थी अपात्र पाए गए। शासकीय धन के दुरुपयोग एंव अपात्र लाभार्थियों के चयन में प्रथम दृष्टया इरफान अली मंसूरी दोषी पाए गए हैं। इसके लिए उन्हें निलंबिल कर दिया गया है। निलंबन के दौरान वे अफजलगढ़ ब्लाक से संबद्ध रहेंगे।
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