{"_id":"5acd0d014f1c1b3a3d8b46f1","slug":"171523387649-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कली नोट बनाने वाला गैंग पकड़ा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कली नोट बनाने वाला गैंग पकड़ा
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नकली नोट बनाने वाला गैंग गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
पुलिस और एसओजी की टीम ने नकली नोट बनाकर बाजार में उतारने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पास से 2.90 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ अधबने नकली नोट, जाली मुद्रा बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। गैंग काफी दिनों से नकली नोटों को बाजार में उतार रहा था।
एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक कोतवाली देहात पुलिस और एसओजी की टीम ने नगीना के मोहल्ला मनिहारी सराय निवासी शाउज्मा, कोतवाली देहात के गांव शहबाजपुर निवासी लईक अहमद को गिरफ्तार किया है। इनका एक साथी नगीना के मोहल्ला कलालान निवासी अजमल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए लईक और शाउज्मा से 2.90 लाख रुपये के नकली नोट और अधबने नोट, नकली नोट बनाने के उपकरण बरामद किए। गैंग काफी दिनों से नकली नोट बना रहा था।
शाउज्मा ने पुलिस को बताया कि लईक अपने गांव में घर पर लगा रखी मशीन से नकली नोट बनाता था। एक लाख के नकली नोट बाजार में चलाने पर 25 हजार रुपये शाउज्मा को देता था। किरतपुर थाने के भनैड़ा गांव में बाबू और शमशाद के माध्यम से शाउज्मा चार लाख रुपये के नकली नोट चला चुका था। शाउज्मा 2004 में कोतवाली देहात क्षेत्र में हुए अजाजुद्दीन की हत्या में जेल भी गया था। शाउज्मा पर रासुका भी लगी थी।
विज्ञापन
लईक नकली नोट बनाने के मामले में रुड़की, रामपुर जिले में भी पकड़ा जा चुका है। नकली नोटों के मामले में अब तक वह जेल में बंद था। चार जनवरी को वह बाहर आया था। इसके बाद शाउज्मा के साथ नकली नोटों के कारोबार में जुड़ गया। पकड़े गए नोटों में 200, 100, 500 के 75 और बाकी दो हजार के नोट हैं। गैंग को पकड़ने में कोतवाली देहात थाने के दरोगा गजेंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार के अलावा एसओजी के इंस्पेक्टर सुमन कुमार, दरोगा राजीव तोमर समेत कई पुलिस वाले शामिल रहे।
ऐसे बनाते थे नकली नोट
नकली नोट लईक गांव में अपने घर पर बनाता था। इसके लिए उसने घर पर प्रिंटर, स्टार बोर्ड लगा रखा था। नकली नोट बनाने में वह अच्छे कागज का इस्तेमाल करता था। इसके लिए कटर, शीशा, फर्मा अलग से बना रखा था। कटर से नोट को ऐसे काटता था कि उसका पता नहीं चलता था कि असली है या नकली। फर्मा से एक बार तीन नोट निकाले जाते थे। नकली नोट बनाने में लईक माहिर हो चुका था। पुलिस की मानें तो लईक खुद दो हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चलाता था। कभी पेट्रोल पंप पर तो कभी सब्जी खरीदने में वह नकली नोट देता था। लईक के बाजार में चलाए गए नकली नोट पकड़ में नहीं आ रहे थे। अब लईक बेखौफ होकर नकली नोट बनाने लगा था।
दोनों पर लगाई जाएगी रासुका : एसपी
एसपी के मुताबिक नकली नोट के साथ पकड़े गए शाउज्मा और लईक पर रासुका व गैंगस्टर लगाई जाएगी। पुलिस ने इसकी अभी से तैयारी शुरू कर दी है। एसपी के मुताबिक दोनों की संपत्ति भी जब्त होगी। अवैध कारोबार से इकट्ठी की संपत्ति को प्रशासन कब्जे में लेगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
पुलिस और एसओजी की टीम ने नकली नोट बनाकर बाजार में उतारने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पास से 2.90 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ अधबने नकली नोट, जाली मुद्रा बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। गैंग काफी दिनों से नकली नोटों को बाजार में उतार रहा था।
एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक कोतवाली देहात पुलिस और एसओजी की टीम ने नगीना के मोहल्ला मनिहारी सराय निवासी शाउज्मा, कोतवाली देहात के गांव शहबाजपुर निवासी लईक अहमद को गिरफ्तार किया है। इनका एक साथी नगीना के मोहल्ला कलालान निवासी अजमल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए लईक और शाउज्मा से 2.90 लाख रुपये के नकली नोट और अधबने नोट, नकली नोट बनाने के उपकरण बरामद किए। गैंग काफी दिनों से नकली नोट बना रहा था।
विज्ञापन
शाउज्मा ने पुलिस को बताया कि लईक अपने गांव में घर पर लगा रखी मशीन से नकली नोट बनाता था। एक लाख के नकली नोट बाजार में चलाने पर 25 हजार रुपये शाउज्मा को देता था। किरतपुर थाने के भनैड़ा गांव में बाबू और शमशाद के माध्यम से शाउज्मा चार लाख रुपये के नकली नोट चला चुका था। शाउज्मा 2004 में कोतवाली देहात क्षेत्र में हुए अजाजुद्दीन की हत्या में जेल भी गया था। शाउज्मा पर रासुका भी लगी थी।
विज्ञापन
लईक नकली नोट बनाने के मामले में रुड़की, रामपुर जिले में भी पकड़ा जा चुका है। नकली नोटों के मामले में अब तक वह जेल में बंद था। चार जनवरी को वह बाहर आया था। इसके बाद शाउज्मा के साथ नकली नोटों के कारोबार में जुड़ गया। पकड़े गए नोटों में 200, 100, 500 के 75 और बाकी दो हजार के नोट हैं। गैंग को पकड़ने में कोतवाली देहात थाने के दरोगा गजेंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार के अलावा एसओजी के इंस्पेक्टर सुमन कुमार, दरोगा राजीव तोमर समेत कई पुलिस वाले शामिल रहे।
ऐसे बनाते थे नकली नोट
नकली नोट लईक गांव में अपने घर पर बनाता था। इसके लिए उसने घर पर प्रिंटर, स्टार बोर्ड लगा रखा था। नकली नोट बनाने में वह अच्छे कागज का इस्तेमाल करता था। इसके लिए कटर, शीशा, फर्मा अलग से बना रखा था। कटर से नोट को ऐसे काटता था कि उसका पता नहीं चलता था कि असली है या नकली। फर्मा से एक बार तीन नोट निकाले जाते थे। नकली नोट बनाने में लईक माहिर हो चुका था। पुलिस की मानें तो लईक खुद दो हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चलाता था। कभी पेट्रोल पंप पर तो कभी सब्जी खरीदने में वह नकली नोट देता था। लईक के बाजार में चलाए गए नकली नोट पकड़ में नहीं आ रहे थे। अब लईक बेखौफ होकर नकली नोट बनाने लगा था।
दोनों पर लगाई जाएगी रासुका : एसपी
एसपी के मुताबिक नकली नोट के साथ पकड़े गए शाउज्मा और लईक पर रासुका व गैंगस्टर लगाई जाएगी। पुलिस ने इसकी अभी से तैयारी शुरू कर दी है। एसपी के मुताबिक दोनों की संपत्ति भी जब्त होगी। अवैध कारोबार से इकट्ठी की संपत्ति को प्रशासन कब्जे में लेगा।