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गाली गलौच कर पुलिस कर्मियों की वर्दी फाड़ने में दो दोषियों को चार साल की कैद

Sun, 18 Jun 2017 02:19 AM IST
Updated Sun, 18 Jun 2017 02:19 AM IST
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गाली गलौच कर पुलिस कर्मियों की वर्दी फाड़ने में दो दोषियों को चार साल की कैद
पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज, वर्दी फाड़ने में दो दोषियों को चार साल की कैद
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- स्पेशल जज एससी/एसटी की अदालत में चल रहा था मुकदमा, वर्ष 2011 का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज कर वर्दी फाड़ने, जाति सूचक शब्दों से अपमानित कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी पाया। इस पर स्पेशल जज एससी/एसटी अखिलेश दुबे ने दोनों को चार साल के करावास और साढ़े सात-साढ़े सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके बाद पुलिस ने दोषियों को कस्टडी में लेकर मुरादाबाद जेल भेज दिया।

9 अप्रैल 2011 सुबह डिडौली कोतवाली की जोया पुलिस चौकी पर कांस्टेबल महेंद्र सिंह और अल्लाहबख्श बैठे हुए थे। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि बिना नंबर की बाइक पर दो युवक 50-60 किलो गोवंशीय पशु का मांस लेकर अमरोहा से जोया आ रहे हैं। दोनों सिपाहियों ने सुबह सवा सात बजे बाइक को रोकने का इशारा किया, लेकिन युवक तेज गति से बाइक निकालकर ले गए। पीछा कर पुलिस कर्मियों ने दोनों को संभल चौराहा पर रोक लिया। पूछताछ की तो दोनों ने गाय का मांस बताया। इस पर कांस्टेबलों ने दोनों से कोतवाली चलने की बात कही, लेकिन उन्होंने शोर मचाकर भीड़ को एकत्र कर लिया। सिपाहियों के साथ गाली गलौज की और खींचतान कर वर्दी फाड़ दी। अनुसूचित शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया। सरकारी कार्य में बाधा डाली। इसके बाद कांस्टेबल महेंद्र कुमार ने इस मामले में बब्बू उर्फ शाने आलम पुत्र मोहम्मद सईद इकबाल नगर कस्बा जोया और रियाजुद्दीन उर्फ रियाजुल पुत्र अल्लाउद्दीन निवासी गांव कनपुरा के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। दोनों आरोपी जमानत पर जेल से छूट गए थे। तब से यह मामला स्पेशल जज एससी/एसटी की अदालत में विचाराधीन था। शनिवार को न्यायाधीश ने केस की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत सिंह सैनी ने तमाम दलीलें पेश कीं और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की सिफारिश की। इस पर न्यायाधीश ने पत्रावली का अवलोकन किया। गवाहों की गवाही पर गौर किया। बाद में दोनों आरोपियों को घटना में दोषी माना। इस पर दोनों को चार साल कैद और साढ़े सात हजार-साढ़े सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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