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बिजली विभाग के 50 लाख रूपये लेकर फरार हुआ कर्मचारी गिरफ्तार
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:13 AM IST
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नूरपुर (बिजनौर)। पुलिस ने विद्युत निगम के 50 लाख रुपये लेकर फरार हुए बिजली कर्मचारी धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। कर्मचारी ने अगस्त 2017 में 800 से अधिक बिजली उपभोक्ताओं से बिल की रकम लेकर उसे विभाग में जमा नहीं कराया था।
नूरपुर उपखंड कार्यालय में टीजी टू के पद पर तैनात गांव कामराजपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार ने मार्च से जून 2017 तक चले विद्युत निगम के वसूली अभियान में विभाग से 19 रसीद बुक प्राप्त की थीं। इसके बाद उसने इनके माध्यम से 800 से अधिक उपभोक्ताओं से करीब 50 लाख रुपये राशि वसूल की थी। उसने वसूल की गई रकम को विभागीय कोष में जमा नहीं कराया। आरोपी रसीद और वसूल गई रकम लेकर फरार हो गया। जिन उपभोक्ताओं ने धर्मेंद्र कुमार को बिल जमा करा दिया था, उसके फरार होने पर उनका बिल बकाया में चला आ रहा था। इसे लेकर उपभोक्ता कई बार अधिकारियों से शिकायत कर जमा की गई राशि को कम कराने की मांग की थी।
इस संबंध में चांदपुर एक्सईएन ने 26 अगस्त को धर्मेंद्र के विरुद्ध नूरपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी। उसके विरुद्घ कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है। बुधवार को पुलिस ने फरार हुए धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार ने बताया कि धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ की जा रही है।
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वर्ष 2009 में श्रमिक के पद पर हुई थी तैनाती
नूरपुर। नजीबाबाद क्षेत्र के गांव कामराजपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार वर्ष 2009 में विद्युत निगम में श्रमिक के पद पर नियुक्त हुआ था। उसकी पहली तैनाती आवास विकास बिजलीघर बिजनौर में हुई। वहां भी वह अवैध वसूली को लेकर काफी चर्चाओं रहा। नूरपुर उपखंड कार्यालय में उसकी तैनाती नवंबर 2016 में हुई थी। दिसंबर में उसका श्रमिक से टीजी टू के पद पर प्रमोशन हो गया। उसे वसूली के काम में लगा दिया गया। अगस्त 2017 में वह उपभोक्ताओं से 50 लाख रुपये वसूलकर फरार हो गया था। नूरपुर के दिवंगत विधायक लोकेंद्र चौहान के बड़े भाई सीपी सिंह से क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने मामले की शिकायत की थी। उन्होंने ने इस संबंध में डीएम और एसपी से कार्रवाई की मांग की थी।
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नूरपुर उपखंड कार्यालय में टीजी टू के पद पर तैनात गांव कामराजपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार ने मार्च से जून 2017 तक चले विद्युत निगम के वसूली अभियान में विभाग से 19 रसीद बुक प्राप्त की थीं। इसके बाद उसने इनके माध्यम से 800 से अधिक उपभोक्ताओं से करीब 50 लाख रुपये राशि वसूल की थी। उसने वसूल की गई रकम को विभागीय कोष में जमा नहीं कराया। आरोपी रसीद और वसूल गई रकम लेकर फरार हो गया। जिन उपभोक्ताओं ने धर्मेंद्र कुमार को बिल जमा करा दिया था, उसके फरार होने पर उनका बिल बकाया में चला आ रहा था। इसे लेकर उपभोक्ता कई बार अधिकारियों से शिकायत कर जमा की गई राशि को कम कराने की मांग की थी।
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इस संबंध में चांदपुर एक्सईएन ने 26 अगस्त को धर्मेंद्र के विरुद्ध नूरपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी। उसके विरुद्घ कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है। बुधवार को पुलिस ने फरार हुए धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार ने बताया कि धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ की जा रही है।
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वर्ष 2009 में श्रमिक के पद पर हुई थी तैनाती
नूरपुर। नजीबाबाद क्षेत्र के गांव कामराजपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार वर्ष 2009 में विद्युत निगम में श्रमिक के पद पर नियुक्त हुआ था। उसकी पहली तैनाती आवास विकास बिजलीघर बिजनौर में हुई। वहां भी वह अवैध वसूली को लेकर काफी चर्चाओं रहा। नूरपुर उपखंड कार्यालय में उसकी तैनाती नवंबर 2016 में हुई थी। दिसंबर में उसका श्रमिक से टीजी टू के पद पर प्रमोशन हो गया। उसे वसूली के काम में लगा दिया गया। अगस्त 2017 में वह उपभोक्ताओं से 50 लाख रुपये वसूलकर फरार हो गया था। नूरपुर के दिवंगत विधायक लोकेंद्र चौहान के बड़े भाई सीपी सिंह से क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने मामले की शिकायत की थी। उन्होंने ने इस संबंध में डीएम और एसपी से कार्रवाई की मांग की थी।