{"_id":"67439d9af88d9b91a60b4784","slug":"cowshed-land-missing-from-revenue-records-dm-sets-up-investigation-bijnor-news-c-27-1-smrt1025-136545-2024-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: राजस्व अभिलेखों से गायब गोशाला की जमीन, डीएम ने बैठाई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: राजस्व अभिलेखों से गायब गोशाला की जमीन, डीएम ने बैठाई जांच
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। जैतरा गांव के मौजा नंगला गूंगा में स्थित गोशाला की 90 बीघा जमीन का मसला फिर से उठ गया है। इस जमीन पर अवैध कब्जा और खरीद फरोख्त करने का आरोप है। यूं तो इस जमीन की जंग ढाई दशक से गोरक्षक अशोक अग्रवाल लड़ रहे है। मगर, अब इस मामले को नगीना सांसद ने भी उठाया है। इस पर डीएम ने पूरे मामले की जांच बैठा दी है। उधर, धामपुर प्रशासन का दावा है कि संबंधित गोशाला के नाम दर्ज नहीं है।
नगीना सांसद चंद्रशेखर ने बिजनौर में संपन्न हुई जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति दिशा की बैठक में भी उठाया था। सांसद ने डीएम से पूरे प्रकरण की जांच कर लापरवाह दोषी अधिकारियों, कब्जा धारकों के खिलाफ कार्रवाई कर जमीन को कब्जामुक्त कराने संस्तुति की थी।
बता दें कि गोशाला की जमीन को कब्जामुक्त करा कर गोशाला के नाम कराने के लिए गो-रक्षक अशोक कुमार अग्रवाल 25 साल से मांग कर रहे हैं। मगर, अधिकारियों की जांच से कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकल पा रहा है। शिकायतकर्ता अशोक अग्रवाल इस मामले में शनिवार को सांसद चंद्रशेखर से मिले थे।
विज्ञापन
उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि समाजसेविका रामप्यारी देवी की ओर से गोशाला-चारागाह की भूमि दान में दी गई थी। यह राजस्व अभिलेखों में जैतरा के नंगला गूंगा स्थित 1341 फसली में दर्ज है। तहसील प्रशासन जांच के नाम पर मामले को उलझाने में लगा है। सही मायने में 1341 फसली की जांच हो जाए तो गोशाला की जमीन निकल सकती है।
विज्ञापन
धामपुर। जैतरा गांव के मौजा नंगला गूंगा में स्थित गोशाला की 90 बीघा जमीन का मसला फिर से उठ गया है। इस जमीन पर अवैध कब्जा और खरीद फरोख्त करने का आरोप है। यूं तो इस जमीन की जंग ढाई दशक से गोरक्षक अशोक अग्रवाल लड़ रहे है। मगर, अब इस मामले को नगीना सांसद ने भी उठाया है। इस पर डीएम ने पूरे मामले की जांच बैठा दी है। उधर, धामपुर प्रशासन का दावा है कि संबंधित गोशाला के नाम दर्ज नहीं है।
नगीना सांसद चंद्रशेखर ने बिजनौर में संपन्न हुई जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति दिशा की बैठक में भी उठाया था। सांसद ने डीएम से पूरे प्रकरण की जांच कर लापरवाह दोषी अधिकारियों, कब्जा धारकों के खिलाफ कार्रवाई कर जमीन को कब्जामुक्त कराने संस्तुति की थी।
विज्ञापन
बता दें कि गोशाला की जमीन को कब्जामुक्त करा कर गोशाला के नाम कराने के लिए गो-रक्षक अशोक कुमार अग्रवाल 25 साल से मांग कर रहे हैं। मगर, अधिकारियों की जांच से कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकल पा रहा है। शिकायतकर्ता अशोक अग्रवाल इस मामले में शनिवार को सांसद चंद्रशेखर से मिले थे।
विज्ञापन
उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि समाजसेविका रामप्यारी देवी की ओर से गोशाला-चारागाह की भूमि दान में दी गई थी। यह राजस्व अभिलेखों में जैतरा के नंगला गूंगा स्थित 1341 फसली में दर्ज है। तहसील प्रशासन जांच के नाम पर मामले को उलझाने में लगा है। सही मायने में 1341 फसली की जांच हो जाए तो गोशाला की जमीन निकल सकती है।