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Bijnor News: कर्ज उतारने के लिए मौसेरे भाई ने रची थी छात्र के अपहरण की साजिश

Sun, 21 Jul 2024 03:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2024 03:17 AM IST
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Cousin brother had conspired to kidnap student to repay loan
- शुक्रवार को स्कूल से लौटते वक्त कर लिया गया था पांचवीं के छात्र शशांक का अपहरण
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- छात्र गाजियाबाद से सकुशल बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता सहित तीन फरार
- शेयर बाजार में 80 लाख गंवा चुका था अपहरण करने का मुख्य साजिशकर्ता




संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। फिरौती वसूलकर कर्ज उतारने के लिए मौसेरे भाई ने अपने दोस्तों के संग मिलकर पांचवीं के छात्र शशांक के अपहरण की साजिश रची। खैर, पुलिस ने छात्र को गाजियाबाद से सकुशल बरामद करते हुए अपहरण की वारदात का खुलासा कर दिया है। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य साजिशकर्ता सहित तीन की तलाश जारी है।
शनिवार को एसपी अभिषेक झा ने अपहरण कांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि धामपुर के गांव मीमला निवासी आशुतोष चौहान के 11 वर्षीय बेटे शशांक का शुक्रवार को स्कूल से लौटते वक्त अपहरण कर लिया गया था। पुलिस की तीन टीमों का गठन किया गया। एएसपी देहात रामअर्ज के नेतृत्व में स्वाट टीम ने गाजियाबाद के दुजाना क्षेत्र से अपहृत बालक शशांक को सकुशल बरामद कर लिया।
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पुलिस ने अपहरण कांड में शामिल रहे आरोपी अर्जुन तोमर पुत्र मान सिंह निवासी विवेकानंद नगर गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है। वह मूल निवासी गांव मऊखास थाना मुंडाली मेरठ का रहने वाला है। मुख्य साजिशकर्ता गौरव चौहान पुत्र मनोज कुमार निवासी मीमला और उसके दो अन्य साथी सूर्य प्रताप उर्फ सूरज निराला निवासी मीमला और बल्ली सिंह निवासी कानपुर फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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फिरौती के लिए फेसबुक का किया इस्तेमाल
पकड़े गए अर्जुन तोमर ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने गौरव के कहने पर एक नई फेसबुक आईडी तैयार की थी। इसी आईडी के मैसेंजर से शशांक के पिता को फिरौती के लिए मैसेज किया गया था। साथ ही फेसबुक पर ही कॉल की थी, मगर जवाब नहीं मिला। उधर, पुलिस की सक्रियता के चलते फिरौती वसूलने का अरमान पूरा नहीं हो सका।



साढ़े तीन बीघा जमीन गिरवी रखकर लिया था कर्ज
पुलिस की जांच में सामने आया कि अपहरण की साजिश रचने वाला गौरव शेयर मार्केट में करीब 80 लाख रुपये गवां चुका है। इसी के चलते गौरव ने अपने परिवार के जरिए बालक शशांक के पिता आशुतोष चौहान से लाखों रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज की एवज में साढ़े तीन बीघा जमीन गिरवी रखी थी। अब गौरव पर उक्त कर्ज उतारने के लिए परिवार वाले दबाव बना रहे थे। इसके चलते उसने अपहरण करके फिरौती वसूलने की साजिश रची।


एक दिन पहले रेकी कर चुके थे चारों आरोपी
शुक्रवार को गांव में ही छात्र का अपहरण किया गया। अपहरण करने के लिए आरोपियों ने पूरा प्लान तैयार किया था। वारदात से एक दिन पहले चारों आरोपी मीमला गांव आए थे और पूरी रेकी कर ली थी।


बांध दिए थे छात्र के हाथ, मुंह पर लगाया मास्क
स्कूल की वैन से उतरते ही चारों आरोपियों ने छात्र को वारदात में इस्तेमाल टाटा पंच गाड़ी में डाल लिया। छात्र ने शोर भी मचाया, मगर किसी तक आवाज नहीं पहुंच सकी। इसके बाद आरोपियों ने कपड़े से छात्र के हाथ बांध दिए थे और मुंह पर मास्क लगा दिया। ताकि बालक कोई हरकत नहीं कर पाए।



रास्ते में खिलाया केला और पिलाई कोल्डड्रिंक
बरामद किए गए छात्र शशांक ने बताया कि उसने रास्ते में कई जगह शोर मचाने की कोशिश की थी। गाड़ी को कहीं भी भीड़भाड़ वाली जगह नहीं रोका गया। जंगल और सुनसान जगह पर ही गाड़ी रोकते थे। रास्ते में उसे एक जगह केला खिलाया और कोल्डड्रिंक भी पिलाई थी।


शशांक की बरामदगी पर छलक आए खुशी के आंसू
बालक शशांक के बरामद होने के बाद उसके माता-पिता आशुतोष चौहान और दादा की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। प्रेसवार्ता के दौरान भी शशांक का पूरा परिवार पुलिस लाइन के सभागार में मौजूद रहा। शशांक की मां ने बताया कि मुख्य आरोपी गौरव चौहान उनका रिश्तेदार है। गौरव के पिता मनोज कुमार ने ही उसकी शादी मीमला में कराई थी। गौरव छात्र शशांक की मौसी की ननद का बेटा है। रिश्तेदारी को छोड़ दें और गांव का रिश्ता मानें तो मुख्य आरोपी गौरव चचेरा भाई लगता है।

पहले किसी और पर था शक
छात्र के परिजनों ने पहले गांव के ही एक अन्य व्यक्ति पर रंजिश के चलते अपहरण का शक जाहिर किया था। पुलिस ने उसे हिरासत में भी लिया था, मगर उससे कोई सुराग नहीं मिला। सीओ सर्वम सिंह की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो धामपुर में आरोपियों की गाड़ी नजर में आई। इसमें एक आरोपी जैतरा में भी उतरते हुए नजर आया। हालांकि इसी बीच पुलिस एक अन्य गाड़ी वाले से भी पूछताछ कर चुकी थी।



पुलिस टीम को पुरस्कार मिलेगा पुरस्कार

छात्र को बरामद करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी अमित कुमार, विशाल चिकारा, परवेंद्र, दीपक, जोगेंद्र आदि समेत थाना धामपुर पुलिस शामिल रही। एसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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