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संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर भी नहीं होगा कोरोना : डॉ. कपिल
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संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर भी नहीं होगा कोरोना : डॉ. कपिल
बिजनौर। जिले के होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कपिल कुमार शर्मा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में भी आ जाता है तो उसे कोरोना नहीं होगा। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर 30 मिनट के भीतर यदि व्यक्ति अपने हाथों को सैनिटाइज या फिर कीटाणुनाशक साबुन से अच्छी प्रकार से धुल लेता है, तो वह खतरे से बच सकता है।
रविवार को डॉ. कपिल कुमार शर्मा ने जिला प्रशासन के फाइट कोरोना फेसबुक पेज पर जनता से संवाद करते हुए कहा कि कोरोना पॉजिटिव कोई भी व्यक्ति हो सकता है, लेकिन कोविड-19 संक्रमित नहीं। हमें कोरोना संक्रमित और कोविड-19 के मध्य के अंतर को समझना है। जब तक किसी व्यक्ति में इस बीमारी के लक्षण न आ जाएं तब तक उसे कोविड-19 पॉजिटिव मानना गलत है। कोविड-19 के प्रमुख लक्षण बुखार, जुकाम, खांसी, सूंघने और स्वाद की शक्ति समाप्त होना, शरीर में दर्द होना, गले का एकदम से सूख जाना आदि हैं। इस वायरस के फैलने का मुख्य कारण नाक और मुंह का स्त्राव है। खांसने और छींकने पर इसकी बूंदें एक से डेढ़ मीटर तक जा सकती हैं। थूक और नाक की विषाणु जनित बूंदों से मास्क का प्रयोग कर बचा जा सकता है। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर 30 मिनट से पहले मुंह और नाक छुए बिना हाथ को सैनिटाइज कर बचा जा सकता है। डॉक्टर कपिल ने बताया कि होम्योपैथी में कोविड-19 के उपचार के लिए शोध जारी है। इसका सफलतम प्रयोग आगरा में किया गया है। इसकी रिपोर्ट आईसीएमआर को इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च भेज दी गई है। आगरा में 100 रोगियों पर इसका परीक्षण भी किया गया है। होम्योपैथी उपचार के बाद चार से आठ दिन में उपचार से मुक्त हो गए। कहा हमें ज्यादातर विटामिन सी वाले पदार्थ जैसे, अंगूर, संतरा, नींबू आदि का सेवन करना चाहिए।
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बिजनौर। जिले के होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कपिल कुमार शर्मा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में भी आ जाता है तो उसे कोरोना नहीं होगा। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर 30 मिनट के भीतर यदि व्यक्ति अपने हाथों को सैनिटाइज या फिर कीटाणुनाशक साबुन से अच्छी प्रकार से धुल लेता है, तो वह खतरे से बच सकता है।
रविवार को डॉ. कपिल कुमार शर्मा ने जिला प्रशासन के फाइट कोरोना फेसबुक पेज पर जनता से संवाद करते हुए कहा कि कोरोना पॉजिटिव कोई भी व्यक्ति हो सकता है, लेकिन कोविड-19 संक्रमित नहीं। हमें कोरोना संक्रमित और कोविड-19 के मध्य के अंतर को समझना है। जब तक किसी व्यक्ति में इस बीमारी के लक्षण न आ जाएं तब तक उसे कोविड-19 पॉजिटिव मानना गलत है। कोविड-19 के प्रमुख लक्षण बुखार, जुकाम, खांसी, सूंघने और स्वाद की शक्ति समाप्त होना, शरीर में दर्द होना, गले का एकदम से सूख जाना आदि हैं। इस वायरस के फैलने का मुख्य कारण नाक और मुंह का स्त्राव है। खांसने और छींकने पर इसकी बूंदें एक से डेढ़ मीटर तक जा सकती हैं। थूक और नाक की विषाणु जनित बूंदों से मास्क का प्रयोग कर बचा जा सकता है। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर 30 मिनट से पहले मुंह और नाक छुए बिना हाथ को सैनिटाइज कर बचा जा सकता है। डॉक्टर कपिल ने बताया कि होम्योपैथी में कोविड-19 के उपचार के लिए शोध जारी है। इसका सफलतम प्रयोग आगरा में किया गया है। इसकी रिपोर्ट आईसीएमआर को इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च भेज दी गई है। आगरा में 100 रोगियों पर इसका परीक्षण भी किया गया है। होम्योपैथी उपचार के बाद चार से आठ दिन में उपचार से मुक्त हो गए। कहा हमें ज्यादातर विटामिन सी वाले पदार्थ जैसे, अंगूर, संतरा, नींबू आदि का सेवन करना चाहिए।
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