{"_id":"5e84c9fc8ebc3e6fc02635c7","slug":"controversy-over-not-getting-good-quality-kit-bijnor-news-mrt476143616","type":"story","status":"publish","title_hn":"अच्छी क्वालिटी की किट नहीं मिलने पर विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अच्छी क्वालिटी की किट नहीं मिलने पर विवाद
विज्ञापन
अच्छी क्वालिटी की किट नहीं मिलने पर विवाद
बिजनौर। जिला अस्पताल में कोरोना वायरस के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत नर्सों के लिए हल्की और डॉक्टरों के लिए बेहतर क्वालिटी की किट मिलने पर विवाद हो गया। नर्सों ने विरोध किया, जिसके बाद नर्सोें को भी बेहतर किट उपलब्ध कराई गईं।
जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में आठ विदेशी और दो अन्य लोगों को भर्ती किया गया है। इन लोगों को नगीना से लाया गया था। पूर्व में पांच संदिग्ध मरीजों को इस वार्ड में भर्ती किया गया था। इलाज में लगे डाक्टर और नर्सों के लिए पीपीई किट मंगाई गई है। ये किट डॉक्टरों के लिए अलग और नर्सों को दूसरी दी गईं। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात इसको लेकर विवाद हुआ। नर्सों ने डाक्टरों जैसी ही किट मांगी, जिसको लेकर नोकझोंक भी हुई। बाद में नर्सों को भी बेहतर किट देकर मामला शांत कराया गया।
जिला महिला अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भी संयुक्त जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी ही इलाज में लगे हैं। जिला महिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने संदिग्ध या पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। सीएमएस ज्ञानचंद ने बताया कि डॉक्टरों के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी एक समान पीपीई किट उपलब्ध करा दी गई है। अभी तक जिले में कोरोना का पॉजिटिव केस नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिला अस्पताल में कोरोना वायरस के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत नर्सों के लिए हल्की और डॉक्टरों के लिए बेहतर क्वालिटी की किट मिलने पर विवाद हो गया। नर्सों ने विरोध किया, जिसके बाद नर्सोें को भी बेहतर किट उपलब्ध कराई गईं।
जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में आठ विदेशी और दो अन्य लोगों को भर्ती किया गया है। इन लोगों को नगीना से लाया गया था। पूर्व में पांच संदिग्ध मरीजों को इस वार्ड में भर्ती किया गया था। इलाज में लगे डाक्टर और नर्सों के लिए पीपीई किट मंगाई गई है। ये किट डॉक्टरों के लिए अलग और नर्सों को दूसरी दी गईं। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात इसको लेकर विवाद हुआ। नर्सों ने डाक्टरों जैसी ही किट मांगी, जिसको लेकर नोकझोंक भी हुई। बाद में नर्सों को भी बेहतर किट देकर मामला शांत कराया गया।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भी संयुक्त जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी ही इलाज में लगे हैं। जिला महिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने संदिग्ध या पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। सीएमएस ज्ञानचंद ने बताया कि डॉक्टरों के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी एक समान पीपीई किट उपलब्ध करा दी गई है। अभी तक जिले में कोरोना का पॉजिटिव केस नहीं मिला है।
विज्ञापन