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सरकारी आवास में नहीं रहेंगे संविदा कर्मचारी, मचा हड़कंप
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सरकारी आवास में नहीं रहेंगे संविदा कर्मचारी
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कोई भी संविदा कर्मचारी अब सरकारी आवास में नहीं रहेगा। वर्तमान में जो भी कर्मचारी ऐसा कर रहा है तो उसके निवास करने की तारीख से अब तक के किराये की वसूली संबंधित संविदा कर्मचारी से पीडब्लूडी की दरों के आधार की जाएगी। सीएमओ ने इस संबंध में संबंधित तहसीलों के नोडल अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी तय की है। साथ ही ऐसे कर्मचारियों से इसकी सूचना तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है।
नजीबाबाद पीएचसी की स्वास्थ्यकर्मियों ने मातृ शिशु एवं कल्याण समिति की ब्लॉक अध्यक्ष वर्षा रानी के नेतृत्व में आरोप लगाया था कि पीएचसी पर कार्यरत एक संविदा स्टाफ नर्स पिछले कई वर्षों से एएनएम के नाम पर आवंटित सरकारी आवास में अवैध तरीके से रह रही है और एचआरए पीड़िता के खाते से कट रहा है। इसे लेकर महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने नजीबाबाद तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया था। सीएमओ ने उन्हें इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि जिले संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों से तीन दिन के भीतर सूचना मांगी गई है, जो सरकारी आवास में रह रहे हैं।
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बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कोई भी संविदा कर्मचारी अब सरकारी आवास में नहीं रहेगा। वर्तमान में जो भी कर्मचारी ऐसा कर रहा है तो उसके निवास करने की तारीख से अब तक के किराये की वसूली संबंधित संविदा कर्मचारी से पीडब्लूडी की दरों के आधार की जाएगी। सीएमओ ने इस संबंध में संबंधित तहसीलों के नोडल अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी तय की है। साथ ही ऐसे कर्मचारियों से इसकी सूचना तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है।
नजीबाबाद पीएचसी की स्वास्थ्यकर्मियों ने मातृ शिशु एवं कल्याण समिति की ब्लॉक अध्यक्ष वर्षा रानी के नेतृत्व में आरोप लगाया था कि पीएचसी पर कार्यरत एक संविदा स्टाफ नर्स पिछले कई वर्षों से एएनएम के नाम पर आवंटित सरकारी आवास में अवैध तरीके से रह रही है और एचआरए पीड़िता के खाते से कट रहा है। इसे लेकर महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने नजीबाबाद तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया था। सीएमओ ने उन्हें इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि जिले संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों से तीन दिन के भीतर सूचना मांगी गई है, जो सरकारी आवास में रह रहे हैं।
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