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Bijnor News: शहरों की सरकार बनाने के लिए लामबंदी में जुटे दावेदार

Sat, 01 Apr 2023 10:26 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Apr 2023 10:26 PM IST
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Contenders engaged in mobilization to form government of cities
- किरतपुर में खुशी का माहौल, नगीना में भाजपा से टिकट के लिए लंबी लाइन
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- हल्दौर और अफलगढ़ में संपर्क साधने लगे संभावित उम्मीदवार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही अभी निकायों में चुनाव की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन आरक्षण की अधिसूचना जारी होने पर ही संभावित उम्मीदवार भागदौड़ करने लगे हैं। शहरों की सरकार बनाने के लिए लामबंदी चालू हो गई। किरतपुर में सामान्य वर्ग के आरक्षित होने पर खुशी का माहौल है। वहीं नगीना में सत्ताधारी दल से टिकट लेने के लिए लंबी लाइन है, हालांकि यहां मौजूदा तिलिस्म को तोड़ना बेहद कठिन होगा।
अफजलगढ़ में आरक्षण ने तोड़ दिए दिग्गजों के अरमान
अफजलगढ़। नगर पालिका अध्यक्ष का पद पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित कर दिए जाने से जहां कई लोगो में खुशी का माहौल है वहीं कई दिग्गजो के अरमानों पर पानी फिर गया है। पिछली बार भी पिछड़ा वर्ग से भाजपा नेता सलीम अंसारी एडवोकेट की पत्नी शहाना सलीम चेयरपर्सन बनी थी। इसके अलावा भाजपा से पूर्व चेयरमैन नफीस अहमद व अंसारी बिरादरी से ही भाजपा नेता मास्टर शमीम और सपा से वजीर अहमद ठेकेदार, शेख शाहिद हुसैन टिकट की मांग कर रहे है। वहीं पूर्व चेयरमैन शेख इरशाद हुसैन व पूर्व विधायक व सपा नेता शेख सुलेमान ने अपना समर्थन निर्दलीय उम्मीदवार व पूर्व चेयरमैन जावेद विकार को दे रखा है। वहीं बसपा व कांग्रेस पार्टी से अभी तक किसी भी प्रत्याशी ने दावेदारी नही प्रकट की है। उधर पूर्व चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी अपने परिवार से अब किस महिला को मैदान में उतारते हैं, यह आने वाला वक्त बताएगा।
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किरतपुर। किरतपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद अनारक्षित होने से सभी दावेदारों के चेहरे खिल उठे हैं। किरतपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर दो बार अब्दुल मन्नान का कब्जा चला आ रहा है। एक बार वर्ष 2012 में उनकी पत्नी रूबीना मन्नान सामान्य महिला सीट पर कामयाब हुई तो दुसरी बार वर्ष 2017 में अब्दुल मन्नान पिछड़ा वर्ग सीट से कामयाब हुए। अब इस बार अध्यक्ष पद अनारक्षित घोषित हुआ है तो सामान्य वर्ग में हर्ष है।
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किरतपुर सबसे ज्यादा दावेदार समाजवादी पार्टी से हैं और भारतीय जनता पार्टी में सामान्य सीट बड़ी संख्या में दावेदारी ठोंकी जा रही है। किरतपुर नगर पालिका मुस्लिम बहुल्य सीट है, यहां हमेशा से मुस्लिम चेहरा ही चेयरमैन बनता आया है। राजनीतिक दलों में बसपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम किसे उम्मीदवार बनायेंगे या कौन उम्मीदवार होगा यह एक दो दिन में स्पष्ट हो जायेगा। निवर्तमान चेयरमैन अब्दुल मन्नान, सपा नेता शाहिद अली खां, इरशाद आलम हेलीकाप्टर, इरशाद अंसारी साईकिल वाले, मुदस्सिर जमां खां, सोनू वर्मा, अंकित चौधरी, रामपाल प्रजापति, मोबिन अंसारी तलहा मकरानी , फहात खां समान्य सीट पर दावेदारी कर रहे हैं। हालांकि यहां चुनाव समाजवादी पार्टी के इर्द गिर्द ही रहता है।
नगीना। नगर पालिका के अध्यक्ष पद की आरक्षण सूची जारी किए जाने के बाद प्रमुख पार्टियों से टिकट मिलने की आस लगाए बैठे दावेदारों ने बड़े नेताओं की परिक्रमा करना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा मारामारी भाजपा में देखने को मिल रही है।
भाजपा से विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष प्रदीप गर्ग की पत्नी रितु गर्ग, भाजपा नेता केशव दीक्षित, भाजपा नगर मंत्री लवी मित्तल, प्रहलाद कुशवाह, डीवीएम इंटर कॉलेज के प्रबंधक इंजीनियर अमित गुप्ता, पूर्व चेयरमैन प्रभात चंद गुप्ता, मुकेश सैनी, मुस्ते हसन का नाम अभी तक सामने आया है। जबकि समाजवादी पार्टी से हाजी रोशन का टिकट लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि सरफराज अंसारी भी टिकट की लाइन में लगे हुए हैं। आम आदमी पार्टी से फिरोज हैदर व शहजाद अहमद का नाम चल रहा है। एआईएमआईएम पार्टी से पूर्व चेयरमैन शेख खलीलुर्रहमान के सगे भाई शेख अजीमुउरहमान का टिकट भी तय माना जा रहा है । बहुजन समाज पार्टी व कांग्रेस से अभी किसी दावेदार की दावेदारी सामने नहीं आई है।उधर शेख परवेज पाशी भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
हल्दौर। आरक्षण में फेरबदल होने से कुछ उम्मीदवारों के चेहरे पर मायूसी छाई गई तो कुछ के चेहरे खुशी से उछल पड़े। नगर में पालिका चेयरमैन पद के चुनाव के लिए कुछ माह पूर्व शासन द्वारा सामान्य सीट घोषित की गई थी। जिसके चलते भारी तादाद में उम्मीदवार अपने चुनाव को लेकर प्रचार प्रसार में लगे हुए थे।

अनुसूचित जाति की सीट घोषित किए जाने पर सामान्य सीट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के चेहरे पर मायूसी छा गई तो अनुसूचित जाति पर चुनाव लडने वाले उम्मीदवारों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चेयरमैन पद के लिए निवर्तमान चेयरमैन अमर सिंह उर्फ पम्मी, शीशराम सिंह, दीपक कुमार एडवोकेट समेत करीब एक दर्जन लोग चुनाव मैदान में आ चुके है। अनारक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले कुंवर राहुल सिंह, योगेंद्र चौहान आदि का कहना है कि सन् 2002 में महिला आरक्षण, 2007 में महिला अनुसूचित जाति, 2012 में पिछड़ा वर्ग व 2017 में अनुसूचित पुरुष के बाद लगातार बीस वर्षों से सामान्य सीट पर चुनाव नहीं हुआ है। आरक्षण सूची में अनारक्षित के स्थान पर अनुसूचित जाति में फेरबदल होने से लोगों में मायूसी छाई हुई। जबकि अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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