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Bijnor News: एक शिक्षामित्र, एक अस्थाई शिक्षिका के भरोसे चल रहा कंपोजिट विद्यालय
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धामपुर। धामपुर नगर क्षेत्र के कंपोजिट कन्या पूर्व विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक 34 पंजीकृत छात्रों की पढ़ाई की जिम्मेदारी एक शिक्षामित्र एवं एक अस्थाई शिक्षिका पर है। संसाधनों की कमी, जर्जर भवन और शिक्षकों के अभाव के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
धामपुर नगर क्षेत्र में सरकार द्वारा कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय का विलय कर कंपोजिट विद्यालय तो बना दिया गया, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं और शिक्षकों की भारी कमी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती दिखाई दे रही है। विद्यालय में कुल 34 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें 19 बालिकाएं और 14 बालक शामिल हैं। विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र हिना परवीन ने बताया कि शिक्षक की कमी के कारण सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संभव नहीं हो पा रहा। नियमित सफाई कर्मी नहीं आने से विद्यालय में साफ सफाई ऐसे ही है। विद्यालय की चारदीवारी कई स्थानों से टूटी हुई है। शौचालय में दरवाजा नहीं है और सीट समेत अन्य व्यवस्थाएं भी खराब हालत में हैं। इससे छात्र-छात्राओं को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
हिना परवीन ने बताया कि विभाग ने शिवाजी प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका अवनि गौड़ की यहां अस्थाई ड्यूटी लगाई है, लेकिन नियमित शिक्षक की नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है।
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वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता और मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
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धामपुर नगर क्षेत्र में सरकार द्वारा कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय का विलय कर कंपोजिट विद्यालय तो बना दिया गया, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं और शिक्षकों की भारी कमी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती दिखाई दे रही है। विद्यालय में कुल 34 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें 19 बालिकाएं और 14 बालक शामिल हैं। विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र हिना परवीन ने बताया कि शिक्षक की कमी के कारण सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संभव नहीं हो पा रहा। नियमित सफाई कर्मी नहीं आने से विद्यालय में साफ सफाई ऐसे ही है। विद्यालय की चारदीवारी कई स्थानों से टूटी हुई है। शौचालय में दरवाजा नहीं है और सीट समेत अन्य व्यवस्थाएं भी खराब हालत में हैं। इससे छात्र-छात्राओं को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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हिना परवीन ने बताया कि विभाग ने शिवाजी प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका अवनि गौड़ की यहां अस्थाई ड्यूटी लगाई है, लेकिन नियमित शिक्षक की नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है।
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वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता और मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।