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ग्राम पंचायतों में बनेंगे सामुदायिक शौचालय
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ग्राम पंचायतों में बनेंगे सामुदायिक शौचालय
बिजनौर। जिले की ग्राम पंचायतों में करोड़ों की लागत से सामुदायिक शौचालय बनेंगे। हालांकि लगभग दो सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के लिए जमीन नहीं मिली है। शौचालय का निर्माण इसी माह पूरा होना है। अगस्त में मुख्यमंत्री लखनऊ से डिजिटल लोकार्पण करेंगे।
जिले में 1128 ग्राम पंचायतें हैं। शासन का गांवों को स्वच्छ बनाने पर जोर है। जिला वर्ष 2017 में खुले में शौच मुक्त हो गया है। अब ओडीएफ स्टेटस बनाए रखने को गांवों में शौचालय बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनेंगे। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि 942 ग्राम पंचायत में जमीन मिल गई है। वहां निर्माण कार्य शुरू हो रहा है। 186 ग्राम पंचायत में भूमि उपलब्ध नहीं है। इसलिए वहां शौचालय नहीं बनेंगे। सतीश कुमार के अनुसार जिन ग्राम पंचायतों की आबादी एक हजार से बारह सौ है, वहां पांच लाख की लागत से चार सीट वाला तथा जिन ग्राम पंचायत की आबादी अधिक है, वहां साढ़े छह लाख की लागत से छह सीट वाला सामुदायिक शौचालय बनेगा। बताया कि शौचालय में महिला तथा पुरुष के लिए अलग-अलग सीट लगेंगी। यूरिनल व स्नानागार भी होगा। दिव्यांगों तथा बच्चों के अलग शौचालय होंगे। दिव्यांगों के लिए रैंप भी बनेगा। सफाई के लिए पानी की व्यवस्था रहेगी। शौचालय की देखभाल तथा सफाई को केयर टेकर होगा। जिसका भुगतान ग्राम पंचायत करेंगी। सामुदायिक शौचालय के निर्माण तेजी से करने को कहा गया है। ग्राम पंचायत सचिव निर्माण की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार होंगे।
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बिजनौर। जिले की ग्राम पंचायतों में करोड़ों की लागत से सामुदायिक शौचालय बनेंगे। हालांकि लगभग दो सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के लिए जमीन नहीं मिली है। शौचालय का निर्माण इसी माह पूरा होना है। अगस्त में मुख्यमंत्री लखनऊ से डिजिटल लोकार्पण करेंगे।
जिले में 1128 ग्राम पंचायतें हैं। शासन का गांवों को स्वच्छ बनाने पर जोर है। जिला वर्ष 2017 में खुले में शौच मुक्त हो गया है। अब ओडीएफ स्टेटस बनाए रखने को गांवों में शौचालय बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनेंगे। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि 942 ग्राम पंचायत में जमीन मिल गई है। वहां निर्माण कार्य शुरू हो रहा है। 186 ग्राम पंचायत में भूमि उपलब्ध नहीं है। इसलिए वहां शौचालय नहीं बनेंगे। सतीश कुमार के अनुसार जिन ग्राम पंचायतों की आबादी एक हजार से बारह सौ है, वहां पांच लाख की लागत से चार सीट वाला तथा जिन ग्राम पंचायत की आबादी अधिक है, वहां साढ़े छह लाख की लागत से छह सीट वाला सामुदायिक शौचालय बनेगा। बताया कि शौचालय में महिला तथा पुरुष के लिए अलग-अलग सीट लगेंगी। यूरिनल व स्नानागार भी होगा। दिव्यांगों तथा बच्चों के अलग शौचालय होंगे। दिव्यांगों के लिए रैंप भी बनेगा। सफाई के लिए पानी की व्यवस्था रहेगी। शौचालय की देखभाल तथा सफाई को केयर टेकर होगा। जिसका भुगतान ग्राम पंचायत करेंगी। सामुदायिक शौचालय के निर्माण तेजी से करने को कहा गया है। ग्राम पंचायत सचिव निर्माण की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार होंगे।
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