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पंचायत सचिवों के तबादलों पर कमिश्नर सख्त
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पंचायत सचिवों के तबादलों पर कमिश्नर सख्त
बिजनौर। कमिश्नर की समीक्षा बैठक में पंचायतीराज विभाग में नियम विरुद्ध हुए ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों का मामला प्रमुखता से उठा। साथ ही प्रशासक कार्यकाल में हुई पैसे की बंदरबांट की जांच रिपोर्ट अपडेट नहीं आने के मामला भी छाया रहा। कमिश्नर ने दोनों प्रकरणों पर सख्त रुख अपनाया।
25 अगस्त को कमिश्नर की समीक्षा बैठक मुरादाबाद में हुई। जिसमें सीडीओ पूर्ण बोरा ने प्रतिभाग किया। कमिश्नर आंजनेय कुमार ने शासन के निर्देश के अनुसार जिलों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर बिंदुवार चर्चा की। बैठक में 19 जुलाई की समीक्षा बैठक में दिए निर्देशों के अनुपालन को भी परखा गया। विकास विभाग के सूत्रों के अनुसार 19 जुलाई की बैठक में पंचायतों में प्रशासक कार्यकाल में विकास कार्यों के नाम पर पंचायत खातों से निकाले गए पैसे की बंदरबांट की जांच रिपोर्ट पर चर्चा हुई थी। कमिश्नर जांच रिपोर्ट नहीं आने से नाराज थे। 25 अगस्त की समीक्षा बैठक में भी अपडेट जांच रिपोर्ट नहीं आने का मामला उठा है।
पंचायत सचिवों के कथित नियम विरुद्ध किए गए तबादलों का मामला प्रमुखता से उठा है। शासन ने ग्राम पंचायत सचिवों समेत अन्य कर्मचारियों के तबादलों की समय सीमा तय कर रखी है। आरोप है कि पंचायत राज विभाग ने पांच सचिवों के तबादले नियमों को ताक पर रखकर कर दिए। पंचायत सचिवों के तबादलों के लिए डीएम का अनुमोदन लेना जरूरी होता है। आरोप है कि प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। कमिश्नर ने सचिवों के तबादलों को गंभीर मामला माना है। यदि विकास विभाग की बातों पर यकीन किया जाए तो कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले में प्रथम दृष्टया लिप्त दिखाई देने वाले पंचायत राज विभाग के सक्षम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन को की है।
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ये था प्रशासक कार्यकाल का मामला
पंचायतों का वर्ष 2015 का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 26 दिसंबर 2020 से 18 जून 2021 तक एडीओ पंचायत प्रशासक रहे। ग्रामीणों ने इस अवधि में पंचायत खातों से विकास के नाम पर खूब पैसा निकालने के आरोप लगाए। शिकायत शासन को हुई। कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए। डीएम ने रैंडमली 11 ब्लॉक के 108 ग्राम पंचायतों की जांच जिला स्तरीय अधिकारियों को सौंपी। आरोप है कि जांच रिपोर्ट अपडेट नहीं आई। बताया जाता है कि इसको लेकर कमिश्नर ने नाराजगी जताई।
डीपीआरओ के निलंबन की अफवाह फैली
पंचायत सचिवों के नियम विरुद्ध किए गए तबादलों को लेकर डीपीआरओ के निलंबन की खबरें आती रहीं। विकास भवन में मामले की चर्चा रही। परंतु विकास भवन के अधिकारियों ने निलंबन की कोई जानकारी होने से इंकार किया है। डीपीआरओ दफ्तर के मुताबिक अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की निश्चित प्रक्रिया होती है। निलंबन की बात अफवाह है।
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बिजनौर। कमिश्नर की समीक्षा बैठक में पंचायतीराज विभाग में नियम विरुद्ध हुए ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों का मामला प्रमुखता से उठा। साथ ही प्रशासक कार्यकाल में हुई पैसे की बंदरबांट की जांच रिपोर्ट अपडेट नहीं आने के मामला भी छाया रहा। कमिश्नर ने दोनों प्रकरणों पर सख्त रुख अपनाया।
25 अगस्त को कमिश्नर की समीक्षा बैठक मुरादाबाद में हुई। जिसमें सीडीओ पूर्ण बोरा ने प्रतिभाग किया। कमिश्नर आंजनेय कुमार ने शासन के निर्देश के अनुसार जिलों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर बिंदुवार चर्चा की। बैठक में 19 जुलाई की समीक्षा बैठक में दिए निर्देशों के अनुपालन को भी परखा गया। विकास विभाग के सूत्रों के अनुसार 19 जुलाई की बैठक में पंचायतों में प्रशासक कार्यकाल में विकास कार्यों के नाम पर पंचायत खातों से निकाले गए पैसे की बंदरबांट की जांच रिपोर्ट पर चर्चा हुई थी। कमिश्नर जांच रिपोर्ट नहीं आने से नाराज थे। 25 अगस्त की समीक्षा बैठक में भी अपडेट जांच रिपोर्ट नहीं आने का मामला उठा है।
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पंचायत सचिवों के कथित नियम विरुद्ध किए गए तबादलों का मामला प्रमुखता से उठा है। शासन ने ग्राम पंचायत सचिवों समेत अन्य कर्मचारियों के तबादलों की समय सीमा तय कर रखी है। आरोप है कि पंचायत राज विभाग ने पांच सचिवों के तबादले नियमों को ताक पर रखकर कर दिए। पंचायत सचिवों के तबादलों के लिए डीएम का अनुमोदन लेना जरूरी होता है। आरोप है कि प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। कमिश्नर ने सचिवों के तबादलों को गंभीर मामला माना है। यदि विकास विभाग की बातों पर यकीन किया जाए तो कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले में प्रथम दृष्टया लिप्त दिखाई देने वाले पंचायत राज विभाग के सक्षम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन को की है।
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ये था प्रशासक कार्यकाल का मामला
पंचायतों का वर्ष 2015 का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 26 दिसंबर 2020 से 18 जून 2021 तक एडीओ पंचायत प्रशासक रहे। ग्रामीणों ने इस अवधि में पंचायत खातों से विकास के नाम पर खूब पैसा निकालने के आरोप लगाए। शिकायत शासन को हुई। कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए। डीएम ने रैंडमली 11 ब्लॉक के 108 ग्राम पंचायतों की जांच जिला स्तरीय अधिकारियों को सौंपी। आरोप है कि जांच रिपोर्ट अपडेट नहीं आई। बताया जाता है कि इसको लेकर कमिश्नर ने नाराजगी जताई।
डीपीआरओ के निलंबन की अफवाह फैली
पंचायत सचिवों के नियम विरुद्ध किए गए तबादलों को लेकर डीपीआरओ के निलंबन की खबरें आती रहीं। विकास भवन में मामले की चर्चा रही। परंतु विकास भवन के अधिकारियों ने निलंबन की कोई जानकारी होने से इंकार किया है। डीपीआरओ दफ्तर के मुताबिक अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की निश्चित प्रक्रिया होती है। निलंबन की बात अफवाह है।