फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Commercial work being done by registered tractors for farming

खेती के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों से किया जा रहा कॉमर्शियल कार्य

Fri, 20 Nov 2020 12:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Nov 2020 12:14 AM IST
विज्ञापन
Commercial work being done by registered tractors for farming
बिजनौर। जिले में खेती के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों से ही कॉमर्शियल कार्य किया जा रहा है। पूरे जनपद की चीनी मिलों में गन्ना क्रय केंद्रों से गन्ना ढोने में बड़े-बड़े ट्राले लगे हैं। इससे खेती-किसानी के नाम पर कारोबार किया जा रहा है, तो वहीं सरकार को भी राजस्व का चूना लग रहा है। कई बार ये ओवरलोड ट्राले दुर्घटनाओं का भी सबब बन जाते हैं।
विज्ञापन

सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) में दो प्रकार के वाहनों का पंजीकरण किया जाता है। निजी उपयोग के लिए और व्यवसायिक प्रयोग के लिए। खेती के लिए ट्रैक्टरों का भी पंजीकरण होता है। लेकिन जनपद में कुछ लोग खेती के लिए पंजीकृत कराए ट्रैक्टरों से व्यवसायिक कार्य ले रहे हैं। ऐसे लोग सरकार को लाखों रुपये की राजस्व हानि पहुंचा रहे हैं। जिले भर में गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिलों तक ये ट्रैक्टर ट्राले ट्रकों से भी अधिक गन्ना लादकर लाते हैं। ऐसे में चालक को दोनों साइड और पीछे का बिल्कुल भी नहीं दिखता। केवल सामने का ही दिखता है। ऐसे में दुर्घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। इन सबका पता होने के बाद भी पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते।
विज्ञापन

नाम न छापने की शर्त पर ऐसे ही कुछ ट्रैक्टर चालकों ने बताया कि जगह-जगह पैसा बंधा है, इसलिए वे बेरोकटोक आराम से निकल जाते हैं। आरआई सुरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार किसी भी कॉमर्शियल वाहन की अधिकतम लंबाई साढ़े छह मीटर से साढ़े 18 मीटर और चौड़ाई 2.60 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कॉमर्शियल ट्राले पर टैक्स 500 रुपये और प्रति टन 525 रुपये के हिसाब से ऑनलाइन फीस जमा होती है। खेती के लिए कोई शुल्क या टैक्स देय नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने बताया कि सभी आरोप निराधार हैं। किसी भी वाहन चालक को नियम विरुद्ध वाहनों का संचालन नहीं करने दिया जाएगा। जो वाहन जिस मद के लिए पंजीकृत है, उसका उसी के अनुरूप संचालन करना होगा। ऐसा न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 116 कॉमर्शियल टैक्टर, 98 ट्राले और खेती के लिए 34 हजार 664 ट्रैक्टर स्वामियों ने पंजीकरण करा रखा है, जबकि 1200 ट्राली पंजीकृत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed