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एक भवन में चल रहीं दो विद्यालयों की कक्षाएं
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एक भवन में चल रहीं दो विद्यालयों की कक्षाएं
चांदपुर। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार प्राइमरी स्कूलों पर करोड़ों रुपये खर्च कर बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं, भवनों की बदहाली के आलम में प्राइमरी विद्यालयों में सुधार नहीं हो पा रहा है। एक विद्यालय के भवन परिसर में दो-दो विद्यालय की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
मोहल्ला चिम्मन में एक ही परिसर में प्राथमिक विद्यालय नवीन शाहचंदन तथा प्राथमिक विद्यालय कायस्थान प्रथम संचालित हैं। चुनाव के दौरान विद्यालय में पोलिंग बूथ भी रहता है। प्राथमिक विद्यालय नवीन शाहचंदन में 61 तथा प्राथमिक विद्यालय कायस्थान प्रथम में 50 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। प्राथमिक विद्यालय नवीन शाहचंदन का भवन जर्जर होने के कारण उसके बच्चे प्राथमिक विद्यालय कायस्थान प्रथम के भवन में बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नवीन शाहचंदन में मुख्य अध्यापिका के साथ दो शिक्षामित्र हैं, जबकि कायस्थान प्रथम में एक मुख्य अध्यापिका है। सरकार के सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रचार कर अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय भेजने की बात कही जाती है। वहीं, विद्यालय में बैठने के लिए सुरक्षित भवन नहीं हैं। विद्यालयों में बैठने के लिए कोई फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। बच्चे जमीन पर बिछी चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। विद्यालय कायस्थान प्रथम की मुख्य अध्यापिका कल्पना दास ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए कोई फर्नीचर नहीं है। प्राथमिक विद्यालय नवीन शाहचंदन की हेड नसीम महराज व सहायक अध्यापिका ने बताया कि जर्जर भवन के बारे में कई बार प्रशासन को लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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चांदपुर। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार प्राइमरी स्कूलों पर करोड़ों रुपये खर्च कर बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं, भवनों की बदहाली के आलम में प्राइमरी विद्यालयों में सुधार नहीं हो पा रहा है। एक विद्यालय के भवन परिसर में दो-दो विद्यालय की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
मोहल्ला चिम्मन में एक ही परिसर में प्राथमिक विद्यालय नवीन शाहचंदन तथा प्राथमिक विद्यालय कायस्थान प्रथम संचालित हैं। चुनाव के दौरान विद्यालय में पोलिंग बूथ भी रहता है। प्राथमिक विद्यालय नवीन शाहचंदन में 61 तथा प्राथमिक विद्यालय कायस्थान प्रथम में 50 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। प्राथमिक विद्यालय नवीन शाहचंदन का भवन जर्जर होने के कारण उसके बच्चे प्राथमिक विद्यालय कायस्थान प्रथम के भवन में बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नवीन शाहचंदन में मुख्य अध्यापिका के साथ दो शिक्षामित्र हैं, जबकि कायस्थान प्रथम में एक मुख्य अध्यापिका है। सरकार के सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रचार कर अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय भेजने की बात कही जाती है। वहीं, विद्यालय में बैठने के लिए सुरक्षित भवन नहीं हैं। विद्यालयों में बैठने के लिए कोई फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। बच्चे जमीन पर बिछी चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। विद्यालय कायस्थान प्रथम की मुख्य अध्यापिका कल्पना दास ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए कोई फर्नीचर नहीं है। प्राथमिक विद्यालय नवीन शाहचंदन की हेड नसीम महराज व सहायक अध्यापिका ने बताया कि जर्जर भवन के बारे में कई बार प्रशासन को लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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