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सीकेआई इंडस्ट्रीज बंद, विरोध में धरने पर बैठे कर्मचारी

Fri, 20 Jul 2018 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Fri, 20 Jul 2018 12:01 AM IST
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CKI Industries shut down, employees sitting on protest in protest
नजीबाबाद में प्रदर्शन करते चंद्रा कत्था फैट्री के कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
नजीबाबाद में आर्थिक संकटों से जूझ रही चंद्रा कत्था इंडस्ट्रीज आखिकार बंद हो गई। फैक्ट्री   स्वामी की ओर से फैक्ट्री बंद करने का नोटिस जारी होनेे के बाद कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने 84 माह का वेतन दिए  जाने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। 
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कत्था निर्माण के क्षेत्र में देेश के साथ पड़ोसी देश पाकिस्तान में खास पहचान रखने वाली कई वर्षों से आर्थिक संकट झेल रही चंद्रा कत्था इंडस्ट्रीज पर आखिरकार ताले लटक गए। आर्थिक संकटों से उभरने के लिए फैक्ट्री स्वामी/एमडी राकेश अग्रवाल ने डेढ़ माह का ले ऑफ लेकर फैक्ट्री को बचाने का काफी प्रयास किया।
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1965 में स्थापित चंद्रा कत्था इंडस्ट्रीज को वित्तीय संकटों के चलते बंद करने के नोटिस के बाद फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों ने फैक्ट्री गेट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। फैक्ट्री में कार्यालय स्टाफ सहित 107 कर्मचारी कार्यरत हैं। हड़ताली कर्मचारियों ने बिना नोटिस उत्पादन बंद करने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने एमडी को मांग पत्र सौंपने की बात कही है। जिसमें 84 माह का वेतन देने, उनकी शेष सेवाओं के अनुरूप मुआवजा दिए जाने, यदि छह माह के भीतर फैक्ट्री का संचालन शुरू होता है तो समस्त कर्मचारियों को काम पर लेने सहित कई मांगे शामिल हैं। सीकेआई गेट पर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों में राजेंद्र सिंह, राजकुमार, संजीव कुमार, सचिन कुमार, धनेश, रोशन, प्रदीप, अमर सिंह, तेजपाल, भूपेंद्र, बलराज शामिल हैं। 
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फैक्ट्री नियमों के अनुसार होगा भुगतान : एमडी 
नजीबाबाद में सीकेआई के एमडी राकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि कत्था उत्पादन से जुड़ी फैक्ट्री रॉ मैटीरियल महंगा होने तथा उत्पाद का मूल्य कम मिलने से कई वर्षों से लगातार घाटे में चल रही थी। उन्होंने कहा कि वित्तीय संकटों के बावजूद फैक्ट्री को बचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष पूरा कर चुके कर्मचारियों को फैक्ट्री नियमानुसार पांच माह का वेतन और अन्य देय भुगतान किए जाएंगे।
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