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Bijnor News: जमीन के फेर में फंसे शहर के नए बिजलीघर
Tue, 27 Jun 2023 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 27 Jun 2023 12:04 AM IST
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- बढ़ते शहर के लिए नए बिजलीघरों का निर्माण जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शहर के विकास के लिए बिजली, पानी और सड़क बड़ी महत्वपूर्ण है। बिजनौर शहर में सड़क, पानी तो सही है, लेकिन बिजली व्यवस्था गर्मियों चरमरा जाती है। इसे सुधारने को ऊर्जा निगम ने बिजनौर शहर व आसपास क्षेत्र के लिए रिवैंप योजना के तहत पांच नए बिजलीघर निर्माण का प्रस्ताव बनाया। बिजलीघर स्वीकृत हो गए, लेकिन उनके निर्माण के लिए जमीन नहीं मिलने पर वह कागजों से धरातल पर नहीं उतर रहे हैं।
जिला मुख्यालय पर करीब 32 हजार उपभोक्ता हैं। इनकी बिजली आपूर्ति के लिए 20-20 केवीए क्षमता के दो बिजलीघर हैं। जबकि आबादी तेजी के साथ बढ़ती जा रही है। गर्मी शुरु होते ही बिजलीघर ओवरलोडिंग जूझने लगते हैं। इस बार बिजली की खपत ज्यादा होने से आपूर्ति के दौरान लाइन में 150 से 180 वोल्टेज ही आए हैं। ओवरलोडिंग से निजात दिलाने के लिए रिवैंप योजना के तहत नजीबाबाद मार्ग, नगीना मार्ग, औद्योगिक क्षेत्र, सलेमपुर मथना, बबनपुरा में बिजलीघरों के निर्माण कराने का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया।
जिला मुख्यालय पर तीन बिजलीघर प्राथमिकता पर प्रस्तावित हैं, लेकिन इन बिजलीघरों के लिए जमीन नहीं मिल रही है। रिवैंप योजना के तहत शहर की आबादी में जर्जर लाइन के तार, खंभे आदि बदले जाएंगे।
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-- -- -- - कोट
शहर में बिजली की मांग व खपत में अंतर हो रहा है। बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर के लिए नजीबाबाद मार्ग, नगीना मार्ग, औद्योगिक क्षेत्र तथा आसापास के लिए सलेमपुर मथना, बबनपुरा में बनाएं जाएंगे। इनके निर्माण के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन प्राप्त होते ही नए बिजलीघरों का निर्माण शुरू हो जाएगा - अनिल पांडेय, अधिशासी अभियंता बिजनौर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शहर के विकास के लिए बिजली, पानी और सड़क बड़ी महत्वपूर्ण है। बिजनौर शहर में सड़क, पानी तो सही है, लेकिन बिजली व्यवस्था गर्मियों चरमरा जाती है। इसे सुधारने को ऊर्जा निगम ने बिजनौर शहर व आसपास क्षेत्र के लिए रिवैंप योजना के तहत पांच नए बिजलीघर निर्माण का प्रस्ताव बनाया। बिजलीघर स्वीकृत हो गए, लेकिन उनके निर्माण के लिए जमीन नहीं मिलने पर वह कागजों से धरातल पर नहीं उतर रहे हैं।
जिला मुख्यालय पर करीब 32 हजार उपभोक्ता हैं। इनकी बिजली आपूर्ति के लिए 20-20 केवीए क्षमता के दो बिजलीघर हैं। जबकि आबादी तेजी के साथ बढ़ती जा रही है। गर्मी शुरु होते ही बिजलीघर ओवरलोडिंग जूझने लगते हैं। इस बार बिजली की खपत ज्यादा होने से आपूर्ति के दौरान लाइन में 150 से 180 वोल्टेज ही आए हैं। ओवरलोडिंग से निजात दिलाने के लिए रिवैंप योजना के तहत नजीबाबाद मार्ग, नगीना मार्ग, औद्योगिक क्षेत्र, सलेमपुर मथना, बबनपुरा में बिजलीघरों के निर्माण कराने का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया।
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जिला मुख्यालय पर तीन बिजलीघर प्राथमिकता पर प्रस्तावित हैं, लेकिन इन बिजलीघरों के लिए जमीन नहीं मिल रही है। रिवैंप योजना के तहत शहर की आबादी में जर्जर लाइन के तार, खंभे आदि बदले जाएंगे।
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शहर में बिजली की मांग व खपत में अंतर हो रहा है। बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर के लिए नजीबाबाद मार्ग, नगीना मार्ग, औद्योगिक क्षेत्र तथा आसापास के लिए सलेमपुर मथना, बबनपुरा में बनाएं जाएंगे। इनके निर्माण के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन प्राप्त होते ही नए बिजलीघरों का निर्माण शुरू हो जाएगा - अनिल पांडेय, अधिशासी अभियंता बिजनौर