{"_id":"66d644ab579b3f908006abb6","slug":"children-getting-education-under-the-shadow-of-fear-bijnor-news-c-27-1-bij1002-129913-2024-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: खौफ के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: खौफ के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चे
Tue, 03 Sep 2024 04:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 03 Sep 2024 04:35 AM IST
विज्ञापन
बिजनाैर, चांदपुर। जलीलपुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर की चाहरदीवारी न होने से अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे बच्चे गुलदार के खौफ में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।
चांदपुर क्षेत्र के गांवों में गुलदार का आतंक चरम सीमा पर है। आए दिन किसी न किसी गांव में गुलदार दिखाई देने या गुलदार के हमले का मामला सामने आ रहा है। गुलदार के आतंक से बच्चे तो दूर की बात किसान तक अपने खेतों पर जाने से डर रहे हैं।
जलीलपुर ब्लाक का विद्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर एक मात्र ऐसा विद्यालय है, जिसकी दो ओर से चाहरदीवारी ही नहीं है। विद्यालय के पास ही किसानों के खेत हैं, जिसमें गन्ने की फसल खड़ी है। ऐसे में विद्यालय की चाहरदीवारी न होने से विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों में गुलदार का भय बना रहता है। विद्यालय में 66 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय में तीन अध्यापक हैं।
विज्ञापन
- विद्यालय के प्रधानाध्यापक रघुराज सिंह की मानें तो पंचायत द्वारा 19 पैरामीटर भी कायाकल्प योजना के तहत पूरे नहीं कराए गए हैं। विद्यालय भवन वर्ष 2004 में बना था। कक्ष की छत व दीवारों से प्लास्टर टूट-टूटकर गिर रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय की चाहर दीवारी टूटी हुई है। पंचायत द्वारा मनरेगा से निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित था। विद्यालय के दो ओर की चाहरदीवारी नहीं है। दोनों ओर खेत हैं, जिसमें गन्ना की फसल खड़ी है। गांव में महिला पर गुलदार के हमले से बच्चे डर से सहमे हुए हैं। वह विद्यालय की चाहरदीवारी के लिए अनेक बार आवेदन दे चुके हैं।
-- -- -- -- --
विद्यालय में आवश्यकता है -
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय की चाहर दीवारी के साथ ही कक्षा कक्षों में फर्श की मरम्मत व टाइलीकरण, दिव्यांग शौचालय का निर्माण, कक्षा कक्षों में दरवाजे व खिड़की की मरम्मत आदि की भी आवश्यकता है।
-- -- --
गांव की महिला पर गुलदार कर चुका है हमला-
गांव निवासी नसीमा पत्नी रईसुद्दीन पर रविवार को गुलदार ने उस समय हमला कर दिया था, जब वह पति के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। महिला चारा काटने के बाद खड़ी थी, उसी समय गुलदार ने हमला कर दिया था। महिला साहस के कारण बच गई थी।
-- -- -- -- -
ग्राम प्रधान पति रईसुद्दीन ने बताया कि चाहरदीवारी मनरेगा से बनाई जानी है। इसके लिए सभी कागज तैयार कर खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय को भेज दिए हैं। उनसे अनुमति मिलने पर काम शुरू हो जाएगा।
-- -- -- -- -
खण्ड विकास अधिकारी दीपक तेवतिया ने बताया कि पंचायत पर पैसा नहीं होगा। मेरे संज्ञान में नहीं है। इस बारे में सचिव से जानकारी ली जाएगी।
विज्ञापन
चांदपुर क्षेत्र के गांवों में गुलदार का आतंक चरम सीमा पर है। आए दिन किसी न किसी गांव में गुलदार दिखाई देने या गुलदार के हमले का मामला सामने आ रहा है। गुलदार के आतंक से बच्चे तो दूर की बात किसान तक अपने खेतों पर जाने से डर रहे हैं।
विज्ञापन
जलीलपुर ब्लाक का विद्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर एक मात्र ऐसा विद्यालय है, जिसकी दो ओर से चाहरदीवारी ही नहीं है। विद्यालय के पास ही किसानों के खेत हैं, जिसमें गन्ने की फसल खड़ी है। ऐसे में विद्यालय की चाहरदीवारी न होने से विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों में गुलदार का भय बना रहता है। विद्यालय में 66 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय में तीन अध्यापक हैं।
विज्ञापन
- विद्यालय के प्रधानाध्यापक रघुराज सिंह की मानें तो पंचायत द्वारा 19 पैरामीटर भी कायाकल्प योजना के तहत पूरे नहीं कराए गए हैं। विद्यालय भवन वर्ष 2004 में बना था। कक्ष की छत व दीवारों से प्लास्टर टूट-टूटकर गिर रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय की चाहर दीवारी टूटी हुई है। पंचायत द्वारा मनरेगा से निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित था। विद्यालय के दो ओर की चाहरदीवारी नहीं है। दोनों ओर खेत हैं, जिसमें गन्ना की फसल खड़ी है। गांव में महिला पर गुलदार के हमले से बच्चे डर से सहमे हुए हैं। वह विद्यालय की चाहरदीवारी के लिए अनेक बार आवेदन दे चुके हैं।
विद्यालय में आवश्यकता है -
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय की चाहर दीवारी के साथ ही कक्षा कक्षों में फर्श की मरम्मत व टाइलीकरण, दिव्यांग शौचालय का निर्माण, कक्षा कक्षों में दरवाजे व खिड़की की मरम्मत आदि की भी आवश्यकता है।
गांव की महिला पर गुलदार कर चुका है हमला-
गांव निवासी नसीमा पत्नी रईसुद्दीन पर रविवार को गुलदार ने उस समय हमला कर दिया था, जब वह पति के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। महिला चारा काटने के बाद खड़ी थी, उसी समय गुलदार ने हमला कर दिया था। महिला साहस के कारण बच गई थी।
ग्राम प्रधान पति रईसुद्दीन ने बताया कि चाहरदीवारी मनरेगा से बनाई जानी है। इसके लिए सभी कागज तैयार कर खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय को भेज दिए हैं। उनसे अनुमति मिलने पर काम शुरू हो जाएगा।
खण्ड विकास अधिकारी दीपक तेवतिया ने बताया कि पंचायत पर पैसा नहीं होगा। मेरे संज्ञान में नहीं है। इस बारे में सचिव से जानकारी ली जाएगी।