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बाल कवियों ने सुनाईं दुष्यंत की गजलें
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बाल कवियों ने सुनाईं दुष्यंत की गजलें
कोतवाली देहात। दुष्यंत कुमार के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बच्चों द्वारा दुष्यंत कुमार की कविताओं का काव्य पाठ किया गया और उन्हें उनकी गजलों से ही श्रद्धांजलि दी गई।
ग्राम शादीपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में विवेक पुस्तकालय शादीपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दुष्यंत कुमार के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसडीएम रितु चौधरी ने कहा कि दुष्यंत कुमार ने अपनी कलम के माध्यम से क्रांति की मशाल जलाई। दुष्यंत कुमार के लिखे हुए शेर और गजल आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने हिंदी गजल को एक नई पहचान दिलाई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा कि उन्होंने आम बोलचाल की भाषा में गजल लिखी और उन्होंने अपनी गजल के माध्यम से व्यवस्था पर तीखे प्रहार किए।
कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय हकीकतपुर प्रयाग के छात्र-छात्राओं ने कवि सम्मेलन आयोजित कर दुष्यंत कुमार की कविताओं का काव्य पाठ किया। छात्र हर्ष ने ‘हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए’ का काव्य पाठ किया। छात्रा अंजलि ने ‘इस नदी की धार से ठंडी हवा आती तो है, नाव जर्जर ही सही लहरों से टकराती तो है’। छात्र मुकुल ने ‘यह जो शहतीर है पलकों से उठा लो यारों’। छात्र आर्यन ने ‘कहां तो तय था चरागा हरेक घर के लिए, कहां चराग मयस्सर नहीं शहर के लिए’। छात्रा रिया तथा डिंपल ने राधा-कृष्ण पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान सुनीता देवी, पंकज राठी, संजीव त्यागी, किरतपुर चरण सिंह, मनमोहन सिंह, रूपेश कुमार, अंकुर चौधरी, खड़क सिंह, सोनू पाल, धूम सिंह आदि मौजूद रहे।
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इन्हें किया सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विवेक पुस्तकालय की ओर से इंजीनियर हेमंत कुमार को 11000 रुपये, लेखिका एवं साहित्यकार सुमन चौधरी को 5100 रुपये और अध्यापक गुलशन गुप्ता को 5100 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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कोतवाली देहात। दुष्यंत कुमार के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बच्चों द्वारा दुष्यंत कुमार की कविताओं का काव्य पाठ किया गया और उन्हें उनकी गजलों से ही श्रद्धांजलि दी गई।
ग्राम शादीपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में विवेक पुस्तकालय शादीपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दुष्यंत कुमार के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसडीएम रितु चौधरी ने कहा कि दुष्यंत कुमार ने अपनी कलम के माध्यम से क्रांति की मशाल जलाई। दुष्यंत कुमार के लिखे हुए शेर और गजल आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने हिंदी गजल को एक नई पहचान दिलाई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने कहा कि उन्होंने आम बोलचाल की भाषा में गजल लिखी और उन्होंने अपनी गजल के माध्यम से व्यवस्था पर तीखे प्रहार किए।
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कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय हकीकतपुर प्रयाग के छात्र-छात्राओं ने कवि सम्मेलन आयोजित कर दुष्यंत कुमार की कविताओं का काव्य पाठ किया। छात्र हर्ष ने ‘हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए’ का काव्य पाठ किया। छात्रा अंजलि ने ‘इस नदी की धार से ठंडी हवा आती तो है, नाव जर्जर ही सही लहरों से टकराती तो है’। छात्र मुकुल ने ‘यह जो शहतीर है पलकों से उठा लो यारों’। छात्र आर्यन ने ‘कहां तो तय था चरागा हरेक घर के लिए, कहां चराग मयस्सर नहीं शहर के लिए’। छात्रा रिया तथा डिंपल ने राधा-कृष्ण पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान सुनीता देवी, पंकज राठी, संजीव त्यागी, किरतपुर चरण सिंह, मनमोहन सिंह, रूपेश कुमार, अंकुर चौधरी, खड़क सिंह, सोनू पाल, धूम सिंह आदि मौजूद रहे।
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इन्हें किया सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विवेक पुस्तकालय की ओर से इंजीनियर हेमंत कुमार को 11000 रुपये, लेखिका एवं साहित्यकार सुमन चौधरी को 5100 रुपये और अध्यापक गुलशन गुप्ता को 5100 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।