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Bijnor News: नजीबाबाद चीनी मिल से छोड़ा गया था मालन नदी में केमिकल युक्त पानी
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- 40 किलोमीटर दूर मिला दूषित पानी का स्रोत, तलाशने में लग गए 72 घंटे
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जांच कर बोर्ड को भेजी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने आखिरकार मालन को मैली करने वाला स्रोत तलाश लिया। अब इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हीलाहवाली देखिए, नदी किनारे मात्र 40 किलोमीटर दूर स्रोत को तलाशने में करीब 72 घंटे लगा दिए। अब टीम दावा कर रही है कि केमिकल युक्त पानी छोड़ने का सुराग किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद में जाकर मिला। टीम ने जांच कर रिपोर्ट लखनऊ बोर्ड को भेज दी है।
मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की वजह से मछलियां मर गई थीं। यह घटना बुधवार को सामने आई थी। प्रदूषण विभाग की टीम शुरुआती दिन खानापूर्ति करने में लगी रही। इसके बाद केमिकल युक्त पानी मालन नदी में छोड़ने की जांच शुरू की। नमूने भी एकत्र किए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की जांच पूरी हो गई है। किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद ने मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ा था। जिसकी वजह से ही मालन नदी दूषित हुई। चीनी मिल को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा और जुर्माना भी लगाने की तैयारी है।
बरसात का इंतजार करती है एक और फैक्टरी
मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने के लिए एक और फैक्टरी बरसात का इंतजार करती है। बरसात के दिनों में जब मालन नदी उफान पर होती है तो यह फैक्टरी केमिकल युक्त पानी छोड़ देती है। इतना ही नहीं टैंकरों के जरिए भी केमिकल युक्त पानी को माइनर, नहर, नदियों में छोड़ा जाता है।
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छोईया भी कर रही इंसाफ का इंतजार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की जांच कर रिपोर्ट भेज दी है। केमिकल कहां से छोड़ा गया, इसका सुराग भी मिल गया। वहीं अब छोईया नदी भी इंसाफ मांग रही है। क्योंकि छोईया में भी आए दिन केमिकल युक्त पानी छोड़ा जाता है। आसपास के गांव कैंसर सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। छोईया में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की लगातार शिकायत होती रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के अलावा एसडीएम सदर भी मामले की जांच कर चुके हैं। जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने छोईया को साफ बता दिया था। जब शिकायतकर्ता ने मौके पर पानी पीने के लिए कहा तो अधिकारी ने कन्नी काट ली थी।
मुख्यमंत्री को डाक से भेजी शिकायत: धीर सिंह
भाजपा नेता धीर सिंह ने कहा कि उन्होंने नदियों में बहते केमिकल युक्त पानी की शिकायत डाक से मुख्यमंत्री भेज दी है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मिलकर केमिकल युक्त पानी छोड़ने का मुद्दा उठाया। इससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
मालन नदी में केमिकल युक्त पानी सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद से छाेड़ा गया था। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ को भेज दी है। चीनी मिल को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने पर भी जुर्माना लगेगा।
....विजय कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजनौर
डिस्टलरी बंद करा दी, रिपोर्ट आते ही करेंगे कार्रवाई
जब मालन में केमिकल युक्त पानी आने का पता चला तो टीम गठित कर दी गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद जांच में जो भी दोषी मिलेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। - अंकित कुमार अग्रवाल, डीएम
टीम आई थी, नोटिस मिला है
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम आई थी। जो नोटिस देकर गई है। टीम ने नोटिस में मालन नदी में पानी न डालने को कहा है। - एसएस ढाका, मुख्य गन्ना अधिकारी, किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद
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- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जांच कर बोर्ड को भेजी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने आखिरकार मालन को मैली करने वाला स्रोत तलाश लिया। अब इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हीलाहवाली देखिए, नदी किनारे मात्र 40 किलोमीटर दूर स्रोत को तलाशने में करीब 72 घंटे लगा दिए। अब टीम दावा कर रही है कि केमिकल युक्त पानी छोड़ने का सुराग किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद में जाकर मिला। टीम ने जांच कर रिपोर्ट लखनऊ बोर्ड को भेज दी है।
मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की वजह से मछलियां मर गई थीं। यह घटना बुधवार को सामने आई थी। प्रदूषण विभाग की टीम शुरुआती दिन खानापूर्ति करने में लगी रही। इसके बाद केमिकल युक्त पानी मालन नदी में छोड़ने की जांच शुरू की। नमूने भी एकत्र किए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की जांच पूरी हो गई है। किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद ने मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ा था। जिसकी वजह से ही मालन नदी दूषित हुई। चीनी मिल को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा और जुर्माना भी लगाने की तैयारी है।
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बरसात का इंतजार करती है एक और फैक्टरी
मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने के लिए एक और फैक्टरी बरसात का इंतजार करती है। बरसात के दिनों में जब मालन नदी उफान पर होती है तो यह फैक्टरी केमिकल युक्त पानी छोड़ देती है। इतना ही नहीं टैंकरों के जरिए भी केमिकल युक्त पानी को माइनर, नहर, नदियों में छोड़ा जाता है।
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छोईया भी कर रही इंसाफ का इंतजार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की जांच कर रिपोर्ट भेज दी है। केमिकल कहां से छोड़ा गया, इसका सुराग भी मिल गया। वहीं अब छोईया नदी भी इंसाफ मांग रही है। क्योंकि छोईया में भी आए दिन केमिकल युक्त पानी छोड़ा जाता है। आसपास के गांव कैंसर सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। छोईया में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की लगातार शिकायत होती रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के अलावा एसडीएम सदर भी मामले की जांच कर चुके हैं। जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने छोईया को साफ बता दिया था। जब शिकायतकर्ता ने मौके पर पानी पीने के लिए कहा तो अधिकारी ने कन्नी काट ली थी।
मुख्यमंत्री को डाक से भेजी शिकायत: धीर सिंह
भाजपा नेता धीर सिंह ने कहा कि उन्होंने नदियों में बहते केमिकल युक्त पानी की शिकायत डाक से मुख्यमंत्री भेज दी है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मिलकर केमिकल युक्त पानी छोड़ने का मुद्दा उठाया। इससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
मालन नदी में केमिकल युक्त पानी सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद से छाेड़ा गया था। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ को भेज दी है। चीनी मिल को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। मालन नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने पर भी जुर्माना लगेगा।
....विजय कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजनौर
डिस्टलरी बंद करा दी, रिपोर्ट आते ही करेंगे कार्रवाई
जब मालन में केमिकल युक्त पानी आने का पता चला तो टीम गठित कर दी गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद जांच में जो भी दोषी मिलेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। - अंकित कुमार अग्रवाल, डीएम
टीम आई थी, नोटिस मिला है
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम आई थी। जो नोटिस देकर गई है। टीम ने नोटिस में मालन नदी में पानी न डालने को कहा है। - एसएस ढाका, मुख्य गन्ना अधिकारी, किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद