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पाती नहीं, डिजिटल प्लेटफार्म बना संदेशो का वाहक

Sun, 09 Oct 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 12:03 AM IST
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Can't get it, the digital platform becomes the messenger
बिजनौर। बदलते दौर में पाती नहीं डिजिटल प्लेटफार्म संदेशों का वाहक बन गया है। डाकखानों में आने वाली साधारण डाक कम हो गई है। अब मोबाइल फोन संदेश भेजने का काम कर रहे हैं। नई पीढ़ी ने डाकिया को भूल गई है और डिजिटल को संदेश वाहक बना लिया है।
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दो-तीन दशक पहले तक चिट्ठी का बड़ा महत्व था। ग्रामीण अंचल में डाकिया को देख उनकी साइकिल के आसपास लोगों की भीड़ लग जाती थी। लोगों अपने रिश्तेदारों की चिट्ठियां देखने के लिए परेशान रहते थे। मगर अब सब कुछ बदल गया है। डाक से भेजे जाने वाली शुभकामनाएं, हालचाल, शादी कार्ड आदि की चिट्ठियां अब बहुत कम हो गई हैं। सरकारी डाक बढ़ गई है। जनपद में दो मुख्य डाकघर और 43 सब डाक ऑफिस तथा 258 शाखा ऑफिस संचालित है। डाक वितरण के लिए करीब 90 पद स्वीकृत है, लेकिन उनके स्थान पर करीब 44 कर्मचारी तैनात है। काफी कार्य प्राइवेट संस्थाओं के कर्मचारियों से लिया जा रहा है। बिजनौर डाकखाने से मिली जानकारी के मुताबिक सरकारी डाक की संख्या पहले से अधिक हो गई है। इसके अलावा डाकखाना भी डिजिटल होने लगा है। डाकखाने में आईपीपीबी (इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक) डिजिटल अकाउंट की शुरूआत हो गई है। जिसके चलते अब डाकखाने में अकाउंट खोलने के लिए फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। सिर्फ आधार कार्ड से ही अकाउंट खुल रहा है।
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कुशलक्षेम से शुरूआत, लौटती डाक से जवाब देेने का आग्रह
बिजनौर। चिट्ठी लिखने की एक कला थी। अपनी कुशलक्षेम बताने के साथ, चिट्ठी पढ़ने वाली के भी कुशल होने की कामना, थोड़े लिखे को अधिक समझना और लौटती डाक से जवाब देेने का आग्रह। ऐसी भावपूर्ण पाती का सभी को इंतजार रहता था।
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बुजुर्ग धर्मवीर सिंह का कहना है कि उनके समय में रिश्तेदारी की सकुशलता जानने का माध्यम चिट्ठी ही थी। उन्होंने भी खूब पत्र व्यवहार किया है। मामराज सिंह का कहना है कि करीब 27 साल पहले उनकी बड़ी बिटिया की शादी हुई थी। बेटे छोटे थे, तो वह बिटियां के यहां चिट्ठी भेजकर कुशलता की जानकारी लेते थे। वहां से चिट्ठी के माध्यम से ही जवाब मिलता था, जिसका इंतजार रहता था। अब फोन पर कई बार वार्ता हो जाती है, इस कारण चिट्ठी का चलन गुम हो गया। संवाद

अब सरकारी डाक का रहता है इंतजार
अब एटीएम, पेन कार्ड, परिवहन विभाग से ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी दस्तावेज, एप्लिकेशन, ज्वाइनिंग लेटर आदि डाक के माध्यम से भेजे जाने लगे हैं। इस कारण डाकघरों में कार्य कम नहीं हुआ है।
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