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पशुओं को संक्रमण से बचाने को चलेगा अभियान
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पशुओं को संक्रमण से बचाने को चलेगा अभियान
बिजनौर। पशुओं को बरसात के समय में फैलने वाली गला घोंटू, खुरपका और मुंहपका बीमारियों से बचाव के लिए पशुपालन विभाग टीकाकरण करेगा। दो चरणों में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए शासन से दो बार में करीब आठ आठ लाख इंजेक्शन लगेंगे।
किसान दुग्ध उत्पादन के लिए भी पशुपालन करते हैं। जिले में किसानों के पास आठ लाख से अधिक महिषवंशीय, गोवंशीय पशु व भेड़, बकरी हैं। पशुओं में भी बहुत सी संक्रामक बीमारी आती हैं, जो जानलेवा होती हैं। खुरपका और मुंहपका बीमारी भी उनमे से एक है। यह बीमारी हवा से भी फैलती है और एक पशुशाला के कई पशु संक्रमित होने से ये बहुत बड़े इलाके के पशुओं को संक्रमित कर सकती है। गलाघोंटू बीमारी भी संक्रमण से ही होती है। इन बीमारियों को खत्म करने के लिए हर साल पशुओं का टीकाकरण नि:शुल्क किया जाता है।
पशुपालन विभाग जल्द ही गलाघोंटू बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करेगा। इसके बाद खुरपका व मुंहपका को रोकने के लिए टीके लगाए जाएंगे। गाय, भैंस, भेड़, बकरी प्रजातियों को ही ये टीके लगाए जाते हैं। चार महीने से कम आयु के पशु व सात आठ महीने के गर्भवती पशु का टीकाकरण नहीं होता है।
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जल्द चलेगा अभियान: सीवीओ
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.यशवीर सिंह के अनुसार जल्द ही टीकाकरण अभियान शुरू कराया जाएगा। गांवों में वैक्सीनेटर की मदद से टीकाकरण कराया जाएगा।
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बिजनौर। पशुओं को बरसात के समय में फैलने वाली गला घोंटू, खुरपका और मुंहपका बीमारियों से बचाव के लिए पशुपालन विभाग टीकाकरण करेगा। दो चरणों में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए शासन से दो बार में करीब आठ आठ लाख इंजेक्शन लगेंगे।
किसान दुग्ध उत्पादन के लिए भी पशुपालन करते हैं। जिले में किसानों के पास आठ लाख से अधिक महिषवंशीय, गोवंशीय पशु व भेड़, बकरी हैं। पशुओं में भी बहुत सी संक्रामक बीमारी आती हैं, जो जानलेवा होती हैं। खुरपका और मुंहपका बीमारी भी उनमे से एक है। यह बीमारी हवा से भी फैलती है और एक पशुशाला के कई पशु संक्रमित होने से ये बहुत बड़े इलाके के पशुओं को संक्रमित कर सकती है। गलाघोंटू बीमारी भी संक्रमण से ही होती है। इन बीमारियों को खत्म करने के लिए हर साल पशुओं का टीकाकरण नि:शुल्क किया जाता है।
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पशुपालन विभाग जल्द ही गलाघोंटू बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करेगा। इसके बाद खुरपका व मुंहपका को रोकने के लिए टीके लगाए जाएंगे। गाय, भैंस, भेड़, बकरी प्रजातियों को ही ये टीके लगाए जाते हैं। चार महीने से कम आयु के पशु व सात आठ महीने के गर्भवती पशु का टीकाकरण नहीं होता है।
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जल्द चलेगा अभियान: सीवीओ
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.यशवीर सिंह के अनुसार जल्द ही टीकाकरण अभियान शुरू कराया जाएगा। गांवों में वैक्सीनेटर की मदद से टीकाकरण कराया जाएगा।