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चक्का जाम से 50 प्रतिशत कम हुआ कारोबार
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चक्का जाम से 50 प्रतिशत कम हुआ कारोबार
बिजनौर। किसानों के चक्का जाम से व्यापार भी प्रभावित हुआ है। जिले भर में करीब 50 प्रतिशत व्यापार प्रभावित रहा। चक्का जाम की खबर से देहात के ग्राहकों ने बाजार की ओर रुख ही नहीं किया। इससे व्यापारियों की आमदनी प्रभावित हुई।
शुक्रवार को भाकियू, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन व आजाद किसान यूनियन ने चक्का जाम किया। चक्का जाम को लेकर किसानों ने पहले ही जनता को आगाह कर दिया था। जनता से यात्रा न करने व किसानों का सहयोग करने की अपील की गई थी। देहात के उपभोक्ता शहरों में आकर व्यापार करते हैं। लेकिन चक्का जाम की खबर पर जनता ने देहात से शहरों का रुख नहीं किया। कम संख्या में ही लोग सड़कों पर उतरे। इस बात का भी ध्यान रखा कि वे 11 बजे से अपने गंतव्य तक पहुंच जाएं। देहात की जनता के सड़क पर न आने की वजह से शहरों में भीड़ कम रही। दुकानदार अधिकतर समय खाली ही बैठे रहे। शाम को बाजार में खरीदारों के आने का अनुमान था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। देहात के उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को बाजार से दूरी ही बनाना मुनासिब समझा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष मनोज कुच्छल का कहना है कि चक्का जाम की वजह से व्यापार बहुत प्रभावित हुआ। करीब 50 प्रतिशत ही दुकानदारी हुई है।
जनता को उठानी पड़ी परेशानी
किसानों के आंदोलन के दौरान जनता को भी परेशानी उठानी पड़ी। मंडावर निवासी कफील अपने भाई रहमान को बुखार की दवाई दिलाने बाइक से आया था। उसे मंडावर रोड पर चक्का जाम की वजह से रुकना पड़ा। वह किसी तरह बाईपास रोड से बैराज रोड की ओर गया तो वहां भी चक्का जाम था। वह फंस गया। इस दौरान एक अंतिम यात्रा वाहन आ गया। उसे निकालने के लिए किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली हटाई तो उनकी आड़ में ही कफील किसी तरह निकला। बाकी लोगों को भी ऐसे ही थोड़ी-बहुत परेशानी उठानी पड़ी।
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साथ नहीं आए विपक्षी दल
विपक्षी दल कृषि विधेयकों का विरोध तो कर रहे हैं लेकिन वे किसान संगठनों के साथ नहीं आए। सपा, रालोद ने अलग अलक प्रदर्शन किया लेकिन किसान संगठनों को समर्थन नहीं दिया। विपक्षी दल अपने अपने स्तर से धरना-प्रदर्शन आदि करके विरोध जता रहे हैं।
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बिजनौर। किसानों के चक्का जाम से व्यापार भी प्रभावित हुआ है। जिले भर में करीब 50 प्रतिशत व्यापार प्रभावित रहा। चक्का जाम की खबर से देहात के ग्राहकों ने बाजार की ओर रुख ही नहीं किया। इससे व्यापारियों की आमदनी प्रभावित हुई।
शुक्रवार को भाकियू, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन व आजाद किसान यूनियन ने चक्का जाम किया। चक्का जाम को लेकर किसानों ने पहले ही जनता को आगाह कर दिया था। जनता से यात्रा न करने व किसानों का सहयोग करने की अपील की गई थी। देहात के उपभोक्ता शहरों में आकर व्यापार करते हैं। लेकिन चक्का जाम की खबर पर जनता ने देहात से शहरों का रुख नहीं किया। कम संख्या में ही लोग सड़कों पर उतरे। इस बात का भी ध्यान रखा कि वे 11 बजे से अपने गंतव्य तक पहुंच जाएं। देहात की जनता के सड़क पर न आने की वजह से शहरों में भीड़ कम रही। दुकानदार अधिकतर समय खाली ही बैठे रहे। शाम को बाजार में खरीदारों के आने का अनुमान था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। देहात के उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को बाजार से दूरी ही बनाना मुनासिब समझा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष मनोज कुच्छल का कहना है कि चक्का जाम की वजह से व्यापार बहुत प्रभावित हुआ। करीब 50 प्रतिशत ही दुकानदारी हुई है।
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जनता को उठानी पड़ी परेशानी
किसानों के आंदोलन के दौरान जनता को भी परेशानी उठानी पड़ी। मंडावर निवासी कफील अपने भाई रहमान को बुखार की दवाई दिलाने बाइक से आया था। उसे मंडावर रोड पर चक्का जाम की वजह से रुकना पड़ा। वह किसी तरह बाईपास रोड से बैराज रोड की ओर गया तो वहां भी चक्का जाम था। वह फंस गया। इस दौरान एक अंतिम यात्रा वाहन आ गया। उसे निकालने के लिए किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली हटाई तो उनकी आड़ में ही कफील किसी तरह निकला। बाकी लोगों को भी ऐसे ही थोड़ी-बहुत परेशानी उठानी पड़ी।
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साथ नहीं आए विपक्षी दल
विपक्षी दल कृषि विधेयकों का विरोध तो कर रहे हैं लेकिन वे किसान संगठनों के साथ नहीं आए। सपा, रालोद ने अलग अलक प्रदर्शन किया लेकिन किसान संगठनों को समर्थन नहीं दिया। विपक्षी दल अपने अपने स्तर से धरना-प्रदर्शन आदि करके विरोध जता रहे हैं।