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दस बाढ़ चौकी और 14 आश्रय स्थल बनाए
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:15 AM IST
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बाढ़ग्रस्त क्षेत्र कोपा का निरीक्षण करते एसडीएम आलोक यादव।
- फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में बाढ़ से निपटने के लिए तहसील प्रशासन ने कमर कस ली है। बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत पहुंचाने के लिए तहसील प्रशासन की टीम निगरानी में लगी है। प्रशासन ने तहसील क्षेत्र में 10 बाढ़ चौकियां और 14 आश्रय स्थल बनाए हैं। पांच नावों की व्यवस्था की गई है। क्षेत्र में गांगन, खो, फीका, बनैली नदी, नचना और नकटा नदी से 99 गांवों के बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
तहसीलदार भान सिंह ने बताया कि धामपुर तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी से 46, खो नदी से 29, बनैली से दो, नचना और नखटा नदी से दो, गांगन नदी से 19, फीका नदी से एक गांव प्रभावित होता है। इन 99 गांवों में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने 10 बाढ़ चौकियां बनाई हैं। इन चौकियों में अफजलगढ़ का डाक बंगला, कादराबाद का डाक बंगला, हरेवली का जूनियर हाईस्कूल, धामपुर तहसील कार्यालय, शेरकोट में खौ बैराज का निरीक्षण भवन, मुबारकपुर टप्पा भारती में जूनियर हाईस्कूल, शाहपुरजमाल ए में प्रधान की बैठक, स्योहारा में विकास खंड मुख्यालय, बगवाड़ा में नहर विभाग का निरीक्षण भवन और नहटौर में जलकल विभाग का कार्यालय शामिल हैं। यह सभी ऐसी चौकियां हैं, जहां पर बाढ़ से प्रभावित लोगों को आराम से ले जाया जा सकता है।
ये हैं आश्रय स्थल
तहसीलदार ने बताया कि धामपुर के अफजलगढ़ डाक बंगले पर गांव अलीपुर भागीजोत, अलियारपुर, झाड़पुरा के लोगों को ठहराने की व्यवस्था रहेगी। कादराबाद के डाक बंगले पर गांव बावली नवाबपुरा, मकसूदाबाद के पंचायत घर पर शाहपुर जमला बीए, मकसूदाबाद बीए, रफतपुर हुल्लास बीए, बेरखेड़ा बीए, जयनगर, हरेवली के जूनियर हाईस्कूल में हरेवली जमनपुर, अफजलगढ़, शाहकोट, महापुर, परमावाला, शहाजहांपुर, सदाशिवपुर गांवड़ी, अराजी कंदला, प्रेमपुरी, सरकड़ा चकराजमल के जूनियर हाईस्कूल में सद्दोबेर, हसनपुर पालकी, शेरकोट की रानी फूल कुंवारी पाठशाला में नंदगांव, नाथाडोई, शेरकोट के दक्ष कन्या इंटर कॉलेज में तिपड़जोत, उमरपुर आशा, शेरकोट के पीजेएम इंटर कॉलेज में बादशाहपुर, लक्ष्मी सेन, आजमपुर, औरंगशाहपुर, मोहम्मदअलीपुर लालमन, शेरकोट के प्राथमिक विद्यालय में शेरकोट, मुबारकपुर टप्पा भारती, जूनियर हाईस्कूल के शीड स्टोर में गांव बिहारीपुर, हाफिजाबाद, मुबारकपुर टप्पा भारती, मोहम्मदपुर जमाल, नवादा सैदपुर जमाल, स्योहारा के एमक्यू इंटर कॉलेज में बेरखेड़ा टांडा, अमीनाबाद, बजीरपुर जहांगीर, बमनौली, मुकरपुरी, लतीफपुर सिपाहियोवाला, गांव बगवाड़ा के प्राथमिक स्कूल व डाक बंगले में भगवानपुर रैनी, जसमौर, खिड़की मुजाहिदपुर, नहटौर के एसएनएसएम इंटर कालेज में जसमीरपुर, अखेड़ा बालापुर के जूनियर हाईस्कूल में गांव पहाड़पुर, दबथला, दबखेड़ी सालात और सहानपुर नवादा शामिल हैं।
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एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित गांव का दौरा किया
शेरकोट में मंगलवार को एसडीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बाढ़ ग्रस्त गांवों का दौरा कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ से बचाव को किए गए कार्यों का भी निरीक्षण किया। एसडीएम आलोक कुमार यादव को दौरे के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खो नदी में पानी आने से कोपा शेरकोट मार्ग ध्वस्त हो जाता था। ग्राम कोपा में पत्थर के 14 बोल्डर स्टड बनाए गए हैं। नंदगांव के निकट नदी से होने वाले कटान से बचाव के लिए बल्ली के 25 स्टड लगवाए गए हैं। वहीं उपजिलाधिकारी ने ग्राम तिपरजोत व मुबारकपुर पहुंचकर विभाग द्वारा हुए कार्यों की समीक्षा की। उपजिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से संवेदनशील बाढ़ग्रस्त स्थानों पर निगरानी रखने के आदेश दिए। जेई शशि कुमार, जेई सुभाष चंद्र, कानून गो वीरेंद्र कुमार, कानून गो चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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तहसीलदार भान सिंह ने बताया कि धामपुर तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी से 46, खो नदी से 29, बनैली से दो, नचना और नखटा नदी से दो, गांगन नदी से 19, फीका नदी से एक गांव प्रभावित होता है। इन 99 गांवों में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने 10 बाढ़ चौकियां बनाई हैं। इन चौकियों में अफजलगढ़ का डाक बंगला, कादराबाद का डाक बंगला, हरेवली का जूनियर हाईस्कूल, धामपुर तहसील कार्यालय, शेरकोट में खौ बैराज का निरीक्षण भवन, मुबारकपुर टप्पा भारती में जूनियर हाईस्कूल, शाहपुरजमाल ए में प्रधान की बैठक, स्योहारा में विकास खंड मुख्यालय, बगवाड़ा में नहर विभाग का निरीक्षण भवन और नहटौर में जलकल विभाग का कार्यालय शामिल हैं। यह सभी ऐसी चौकियां हैं, जहां पर बाढ़ से प्रभावित लोगों को आराम से ले जाया जा सकता है।
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ये हैं आश्रय स्थल
तहसीलदार ने बताया कि धामपुर के अफजलगढ़ डाक बंगले पर गांव अलीपुर भागीजोत, अलियारपुर, झाड़पुरा के लोगों को ठहराने की व्यवस्था रहेगी। कादराबाद के डाक बंगले पर गांव बावली नवाबपुरा, मकसूदाबाद के पंचायत घर पर शाहपुर जमला बीए, मकसूदाबाद बीए, रफतपुर हुल्लास बीए, बेरखेड़ा बीए, जयनगर, हरेवली के जूनियर हाईस्कूल में हरेवली जमनपुर, अफजलगढ़, शाहकोट, महापुर, परमावाला, शहाजहांपुर, सदाशिवपुर गांवड़ी, अराजी कंदला, प्रेमपुरी, सरकड़ा चकराजमल के जूनियर हाईस्कूल में सद्दोबेर, हसनपुर पालकी, शेरकोट की रानी फूल कुंवारी पाठशाला में नंदगांव, नाथाडोई, शेरकोट के दक्ष कन्या इंटर कॉलेज में तिपड़जोत, उमरपुर आशा, शेरकोट के पीजेएम इंटर कॉलेज में बादशाहपुर, लक्ष्मी सेन, आजमपुर, औरंगशाहपुर, मोहम्मदअलीपुर लालमन, शेरकोट के प्राथमिक विद्यालय में शेरकोट, मुबारकपुर टप्पा भारती, जूनियर हाईस्कूल के शीड स्टोर में गांव बिहारीपुर, हाफिजाबाद, मुबारकपुर टप्पा भारती, मोहम्मदपुर जमाल, नवादा सैदपुर जमाल, स्योहारा के एमक्यू इंटर कॉलेज में बेरखेड़ा टांडा, अमीनाबाद, बजीरपुर जहांगीर, बमनौली, मुकरपुरी, लतीफपुर सिपाहियोवाला, गांव बगवाड़ा के प्राथमिक स्कूल व डाक बंगले में भगवानपुर रैनी, जसमौर, खिड़की मुजाहिदपुर, नहटौर के एसएनएसएम इंटर कालेज में जसमीरपुर, अखेड़ा बालापुर के जूनियर हाईस्कूल में गांव पहाड़पुर, दबथला, दबखेड़ी सालात और सहानपुर नवादा शामिल हैं।
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एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित गांव का दौरा किया
शेरकोट में मंगलवार को एसडीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बाढ़ ग्रस्त गांवों का दौरा कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ से बचाव को किए गए कार्यों का भी निरीक्षण किया। एसडीएम आलोक कुमार यादव को दौरे के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खो नदी में पानी आने से कोपा शेरकोट मार्ग ध्वस्त हो जाता था। ग्राम कोपा में पत्थर के 14 बोल्डर स्टड बनाए गए हैं। नंदगांव के निकट नदी से होने वाले कटान से बचाव के लिए बल्ली के 25 स्टड लगवाए गए हैं। वहीं उपजिलाधिकारी ने ग्राम तिपरजोत व मुबारकपुर पहुंचकर विभाग द्वारा हुए कार्यों की समीक्षा की। उपजिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से संवेदनशील बाढ़ग्रस्त स्थानों पर निगरानी रखने के आदेश दिए। जेई शशि कुमार, जेई सुभाष चंद्र, कानून गो वीरेंद्र कुमार, कानून गो चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे। ब्यूरो